{"_id":"57cb0adc4f1c1bd2352cbf5e","slug":"people-are-afraid-of-dengue-sting","type":"story","status":"publish","title_hn":"डेंगू के डंक से डर रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डेंगू के डंक से डर रहे लोग
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Sat, 03 Sep 2016 11:12 PM IST
विज्ञापन
डेंगू के डंक से डर रहे लोग
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेंगू का डंक लोगों के लिए डर बन गया है। डेंगू की आशंका को लेकर लोग पैथोलॉजी में जांचें करा रहे हैं। आलम यह है कि जिला अस्पताल के साथ-साथ प्राइवेट पैथलॉजी में डेंगू की जांच को मरीजों का तांता लगा हुआ है। हालांकि अभी डेंगू का कोई पॉजिटिव केस सामने नहीं आया है, लेकिन लोग गंभीर बीमारी से बचने के लिए पूरी सावधानी बरत रहे हैं।
मौसम में बदलाव से बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। हर घर में चारपाई बिछी हुई है। ऐसे में डेंगू की आशंका के चलते लोग जांच कराने के लिए भी पहुंच रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में दो हजार मरीजों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसमें करीब 200 मरीजों की डेंगू की जांच की गई। मलेरिया या बुखार होने पर प्लेट लेट्स की जांच जरूर करा रहे हैं। आलम यह है कि जिला अस्पताल में प्लेट्लेटस की जांच तो हो रही है, लेकिन मरीजों को रिपोर्ट पर विश्वास न होने से वे प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटर का रुख कर रहे हैं।
उधर, स्वास्थ्य विभाग ने अब तक डेंगू से निपटने को कोई इंतजाम नहीं किए हैं। न ही लार्वा परीक्षण कराया है और न ही डेंगू का मरीज मिलने पर प्लेटलेट्स चढ़ाने की व्यवस्था है। ब्लड सेप्रेटर मशीन आने के बाद पैथोलॉजी के कर्मचारियों को ट्रेनिंग नहीं दी जा सकी है। ऐसे में डेंगू को लेकर डर होना लाजिमी है। लोगों का कहना है कि डेंगू एक गंभीर बीमारी है और साफ पानी में फैलती है। इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। सीएमएस डा. एके चतुर्वेदी कहते हैं कि डेंगू का कोई मरीज सामने नहीं आया है। इससे निपटने को विभाग तैयार है। जल्द ही कर्मचारी ब्लड सेप्रेटर मशीन के लिए ट्रेनिंग लेने जाएंगे। फिर यहीं प्लेटलेट्स उपलब्ध हो जाएंगीं।
विज्ञापन
विज्ञापन
मौसम में बदलाव से बीमारियों का प्रकोप बढ़ रहा है। हर घर में चारपाई बिछी हुई है। ऐसे में डेंगू की आशंका के चलते लोग जांच कराने के लिए भी पहुंच रहे हैं। शनिवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में दो हजार मरीजों ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इसमें करीब 200 मरीजों की डेंगू की जांच की गई। मलेरिया या बुखार होने पर प्लेट लेट्स की जांच जरूर करा रहे हैं। आलम यह है कि जिला अस्पताल में प्लेट्लेटस की जांच तो हो रही है, लेकिन मरीजों को रिपोर्ट पर विश्वास न होने से वे प्राइवेट पैथोलॉजी सेंटर का रुख कर रहे हैं।
विज्ञापन
उधर, स्वास्थ्य विभाग ने अब तक डेंगू से निपटने को कोई इंतजाम नहीं किए हैं। न ही लार्वा परीक्षण कराया है और न ही डेंगू का मरीज मिलने पर प्लेटलेट्स चढ़ाने की व्यवस्था है। ब्लड सेप्रेटर मशीन आने के बाद पैथोलॉजी के कर्मचारियों को ट्रेनिंग नहीं दी जा सकी है। ऐसे में डेंगू को लेकर डर होना लाजिमी है। लोगों का कहना है कि डेंगू एक गंभीर बीमारी है और साफ पानी में फैलती है। इसलिए सावधानी बरतना जरूरी है। सीएमएस डा. एके चतुर्वेदी कहते हैं कि डेंगू का कोई मरीज सामने नहीं आया है। इससे निपटने को विभाग तैयार है। जल्द ही कर्मचारी ब्लड सेप्रेटर मशीन के लिए ट्रेनिंग लेने जाएंगे। फिर यहीं प्लेटलेट्स उपलब्ध हो जाएंगीं।
विज्ञापन