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पारा 43 डिग्री, बिजली-पानी का संकट गहराया
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Sat, 16 Apr 2016 11:43 PM IST
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भीषण गर्मी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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निरंतर बढ़ रही तपिश से लोगों के मुंह से बस यही निकल रहा है कि पहले कभी अप्रैल माह में ऐसी गर्मी का अहसास नहीं हुआ। शनिवार को अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।
शनिवार सुबह नौ बजे से ही उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेचैन कर दिया। आधे अप्रैल में ही गर्मी का कहर चरम पर पहुंचने लगा है। लोगों का कहना है कि अप्रैल माह में गर्मी का यह हाल है तो मई जून में क्या होगा। शनिवार का दिन अभी तक का सबसे गरम दिन रहा। तेज धूप और गर्मी ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। ग्रामीण अंचल से आने वाले लोग सुस्ताने के लिए छांव तलाशते दिखाई दिए। तहसील, कचहरी एवं जिला अस्पताल में भी पेड़ों की छांव के नीचे लोगों की भीड़ दिखाई दी। गर्मी के साथ ही पानी की मांग बढ़ी है। फलों की महंगाई के चलते जहां जूस के भाव आसमान छू रहे हैं। इतना ही नहीं नीबू की महंगाई के चलते लोग नीबू पानी भी नहीं पी पा रहे।
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गर्मी के साथ ही बढ़ी विद्युत अव्यवस्थाओं से लोगों में रोष है। दिन और रात को हो रही घंटों की कटौती पर वह भड़क रहे हैं। इनका कहना है कि यदि शीघ्र ही आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो वह सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे। युवा व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अतुल राठी का आरोप है कि शाम व रात को घंटों की कटौती से लोग चैन की नींद सो तक नहीं पा रहे। वहीं दिन की कटौती से कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।
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शनिवार सुबह नौ बजे से ही उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेचैन कर दिया। आधे अप्रैल में ही गर्मी का कहर चरम पर पहुंचने लगा है। लोगों का कहना है कि अप्रैल माह में गर्मी का यह हाल है तो मई जून में क्या होगा। शनिवार का दिन अभी तक का सबसे गरम दिन रहा। तेज धूप और गर्मी ने लोगों का घरों से निकलना मुश्किल कर दिया है। ग्रामीण अंचल से आने वाले लोग सुस्ताने के लिए छांव तलाशते दिखाई दिए। तहसील, कचहरी एवं जिला अस्पताल में भी पेड़ों की छांव के नीचे लोगों की भीड़ दिखाई दी। गर्मी के साथ ही पानी की मांग बढ़ी है। फलों की महंगाई के चलते जहां जूस के भाव आसमान छू रहे हैं। इतना ही नहीं नीबू की महंगाई के चलते लोग नीबू पानी भी नहीं पी पा रहे।
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गर्मी के साथ ही बढ़ी विद्युत अव्यवस्थाओं से लोगों में रोष है। दिन और रात को हो रही घंटों की कटौती पर वह भड़क रहे हैं। इनका कहना है कि यदि शीघ्र ही आपूर्ति सुचारु नहीं हुई तो वह सड़कों पर उतरने को बाध्य होंगे। युवा व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष अतुल राठी का आरोप है कि शाम व रात को घंटों की कटौती से लोग चैन की नींद सो तक नहीं पा रहे। वहीं दिन की कटौती से कारोबार प्रभावित हो रहे हैं।
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