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207 के बदले मिले सिर्फ 78 करोड़ रुपये
amar ujala
Updated Thu, 30 Mar 2017 11:14 PM IST
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जनप्रतिनिधियों की अनदेखी, विभागीय अफसरों की लापरवाही के कारण जिला योजना समिति के 207 करोड़ रुपये बजट में से जिले को सिर्फ 78 करोड़ रुपये ही मिल सके हैं। वहीं कई विभागों को पूरे वर्ष में एक फूटी कौड़ी नहीं मिली। वहीं शासन ने आखिरी दिन तक पिछले बजट का पैसा जारी किया। गुरुवार को ट्रेजरी में बजट आवंटन का काम चलता रहा।
जिला योजना समिति ने पिछले साल 2 अरब सात करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यो का बजट शासन से अनुमोदित कराया था, लेकिन शासन से पैसा रिलीज कराने में अफसर, जनप्रतिनिधियों ने रुचि नहीं दिखाई। जिन विभागाें को पैसा योजना समिति के अलावा शासन से धन मिला वे भी खर्च नहीं पाए। इनमें पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, पशु पालन, समाज कल्याण, सेवा योजना, मंडी समिति, कृषि, आरईएस, ग्राम्य विकास, शिक्षा और निकाय शामिल हैं। वहीं जल निगम, नलकूप, खेलकूद, युवा कल्याण, लघु सिंचाई, महिला बाल विकास, श्रम विभाग समेत कई विभाग बजट के लिए सालभर तरसते रहे। यही नहीं शासन ने कई विभागों को वित्तीय वर्ष के आखिरी दिनों में भी बजट जारी किया है। पिछले तीन दिन से ट्रेजरी से इन विभागों को बजट आवंटित होने के साथ बजट वापस करने की कार्रवाई चलती रही। कोषागार अधिकारी गजेंद्र सिंह गौड़ का कहना है कि कई विभागों को बजट अब जारी हुआ है, तो कई विभागों ने बजट वापस किया है। वहीं जिन्हें बजट मिला भी था, वे भी उसे खर्च नहीं कर पाए हैं।
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जिला योजना समिति ने पिछले साल 2 अरब सात करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यो का बजट शासन से अनुमोदित कराया था, लेकिन शासन से पैसा रिलीज कराने में अफसर, जनप्रतिनिधियों ने रुचि नहीं दिखाई। जिन विभागाें को पैसा योजना समिति के अलावा शासन से धन मिला वे भी खर्च नहीं पाए। इनमें पीडब्ल्यूडी, सिंचाई, पशु पालन, समाज कल्याण, सेवा योजना, मंडी समिति, कृषि, आरईएस, ग्राम्य विकास, शिक्षा और निकाय शामिल हैं। वहीं जल निगम, नलकूप, खेलकूद, युवा कल्याण, लघु सिंचाई, महिला बाल विकास, श्रम विभाग समेत कई विभाग बजट के लिए सालभर तरसते रहे। यही नहीं शासन ने कई विभागों को वित्तीय वर्ष के आखिरी दिनों में भी बजट जारी किया है। पिछले तीन दिन से ट्रेजरी से इन विभागों को बजट आवंटित होने के साथ बजट वापस करने की कार्रवाई चलती रही। कोषागार अधिकारी गजेंद्र सिंह गौड़ का कहना है कि कई विभागों को बजट अब जारी हुआ है, तो कई विभागों ने बजट वापस किया है। वहीं जिन्हें बजट मिला भी था, वे भी उसे खर्च नहीं कर पाए हैं।
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