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आज बंद हो जाएंगे ऑनलाइन आवेदन
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Sat, 14 Mar 2015 11:26 PM IST
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प्रदेश में चार अप्रैल से खाद्य सुरक्षा बिल लागू होने जा रहा है, लेकिन जनपद में इस व्यवस्था के लागू होने में तमाम बाधाएं सामने आ रही हैं। अभी तक न तो सभी उपभोक्ताओं के आवेदन ही सके हैं और नही अब तक तैयार सूची के सत्यापन हो सके हैं। जबकि ऑनलाइन आवेदन रविवार को बंद हो जाएंगे।
वर्ष 1946 से राशन कार्ड के माध्यम से कार्डधारकों को डीलरों से राशन का वितरण किया जाता रहा है। केंद्र द्वारा लागू किए गए खाद्य सुरक्षा बिल को प्रदेश सरकार भी चार अप्रैल से लागू करने जा रही है। जनपद में अब तक
एपीएल 2,38,313, बीपीएल 43814, अंतोदय 27593 कार्ड धारक हैं। इन कार्ड धारकों से पूर्व में नए कार्ड जारी करने के लिए आवेदन मांगे गए थे। इनमें से मात्र 2.70 लाख आवेदनों की ही फीडिंग हो सकी। 39,720 कार्ड धारकों के आवेदन विभाग को डीलरों के माध्यम से जमा नहीं किए गए।
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जिससे इन कार्ड धारकों का डाटा फीडिंग होने से रह गया। शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर सामने आए परिवारों के माध्यम से राशन व्यवस्था में शामिल करने की व्यवस्था निर्धारित की। इस व्यवस्था के तहत पात्र लोगों का चयन करने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारियों को सूची का सत्यापन करने के लिए दिया गया था। जबकि नगरीय क्षेत्र के पूर्व में प्राप्त आवेदनों के आधार पर सूची के सत्यापन की जिम्मेदारी निकाय कर्मियों को सौंपी गई। सूची को सत्यापित करके 27 फरवरी तक वापस करना था।
लेकिन अभी तक न तो ग्राम पंचायतों से ही सूची वापस आई हैं और न हीं निकायों से। नए आवेदन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था भी लागू की गई। यह व्यवस्था शुक्रवार को बंद होने जा रही है। जनपद में 56,233 आवेदन ऑनलाइन किए गए। जानकारी के अभाव में इनमें से 26,708 आवेदन ही सही जमा हुए है। शेष लोगों ने आवेदन के समय मांगी गई औपचारिकताओं को पूरा नहीं किया। जनपद के 243 ग्राम पंचायतें ऐसी भी हैं, जिनका वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर पूरा डाटा भी विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया। जिससे इन ग्राम पंचायतों के पात्रों का चयन करने में भी अड़चनें है। नई व्यवस्था को लागू होने में मात्र 20 दिन का समय है। जबकि अभी तक कार्य की गति शिथिल चल रही है। ऐसे में पात्र लोगों को समय से कैसे सस्ते राशन का लाभ मिलेगा स्वयं ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
महिला रहेगी परिवार की मुखिया
खाद्य सुरक्षा बिल के माध्यम से जो पात्र चिह्नित किए जाएंगे, उनके परिवार की मुखिया महिला को बनाया जाएगा। योजना का जो भी लाभ मिलेगा वह महिला के नाम से ही दिया जाएगा। उसे परिवार के भरण पोषण में किसी भी तरह की दिक्कत न रहे।
रद्दी हो गए राशन कार्ड
कासगंज। नए राशन कार्ड जारी करने के लिए पहले मांगे गए आवेदन के तहत विभाग ने नए राशन कार्ड बनबाए थे। इन राशन काडों की अंतिम तिथि 31 मार्च है। लेकिन विभाग इन राशन कार्डों को कार्ड धारकों के हाथों में नहीं पहुंचा सका है। ये राशन कार्ड अब रद्दी हो जाएंगे।
खाद्य सुरक्षा बिल के तहत चलाई जा रही प्रक्रिया के तहत पात्रों व अपात्रों के चयन के लिए सर्वे के लिए सूची भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक सूची सत्यापित होकर नहीं मिली हैं।
- ओम हरि उपाध्याय जिलापूर्ति अधिकारी
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वर्ष 1946 से राशन कार्ड के माध्यम से कार्डधारकों को डीलरों से राशन का वितरण किया जाता रहा है। केंद्र द्वारा लागू किए गए खाद्य सुरक्षा बिल को प्रदेश सरकार भी चार अप्रैल से लागू करने जा रही है। जनपद में अब तक
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एपीएल 2,38,313, बीपीएल 43814, अंतोदय 27593 कार्ड धारक हैं। इन कार्ड धारकों से पूर्व में नए कार्ड जारी करने के लिए आवेदन मांगे गए थे। इनमें से मात्र 2.70 लाख आवेदनों की ही फीडिंग हो सकी। 39,720 कार्ड धारकों के आवेदन विभाग को डीलरों के माध्यम से जमा नहीं किए गए।
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जिससे इन कार्ड धारकों का डाटा फीडिंग होने से रह गया। शासन ने ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर सामने आए परिवारों के माध्यम से राशन व्यवस्था में शामिल करने की व्यवस्था निर्धारित की। इस व्यवस्था के तहत पात्र लोगों का चयन करने के लिए ग्राम पंचायत अधिकारियों को सूची का सत्यापन करने के लिए दिया गया था। जबकि नगरीय क्षेत्र के पूर्व में प्राप्त आवेदनों के आधार पर सूची के सत्यापन की जिम्मेदारी निकाय कर्मियों को सौंपी गई। सूची को सत्यापित करके 27 फरवरी तक वापस करना था।
लेकिन अभी तक न तो ग्राम पंचायतों से ही सूची वापस आई हैं और न हीं निकायों से। नए आवेदन के लिए ऑनलाइन व्यवस्था भी लागू की गई। यह व्यवस्था शुक्रवार को बंद होने जा रही है। जनपद में 56,233 आवेदन ऑनलाइन किए गए। जानकारी के अभाव में इनमें से 26,708 आवेदन ही सही जमा हुए है। शेष लोगों ने आवेदन के समय मांगी गई औपचारिकताओं को पूरा नहीं किया। जनपद के 243 ग्राम पंचायतें ऐसी भी हैं, जिनका वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर पूरा डाटा भी विभाग को उपलब्ध नहीं कराया गया। जिससे इन ग्राम पंचायतों के पात्रों का चयन करने में भी अड़चनें है। नई व्यवस्था को लागू होने में मात्र 20 दिन का समय है। जबकि अभी तक कार्य की गति शिथिल चल रही है। ऐसे में पात्र लोगों को समय से कैसे सस्ते राशन का लाभ मिलेगा स्वयं ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
महिला रहेगी परिवार की मुखिया
खाद्य सुरक्षा बिल के माध्यम से जो पात्र चिह्नित किए जाएंगे, उनके परिवार की मुखिया महिला को बनाया जाएगा। योजना का जो भी लाभ मिलेगा वह महिला के नाम से ही दिया जाएगा। उसे परिवार के भरण पोषण में किसी भी तरह की दिक्कत न रहे।
रद्दी हो गए राशन कार्ड
कासगंज। नए राशन कार्ड जारी करने के लिए पहले मांगे गए आवेदन के तहत विभाग ने नए राशन कार्ड बनबाए थे। इन राशन काडों की अंतिम तिथि 31 मार्च है। लेकिन विभाग इन राशन कार्डों को कार्ड धारकों के हाथों में नहीं पहुंचा सका है। ये राशन कार्ड अब रद्दी हो जाएंगे।
खाद्य सुरक्षा बिल के तहत चलाई जा रही प्रक्रिया के तहत पात्रों व अपात्रों के चयन के लिए सर्वे के लिए सूची भेजी जा चुकी हैं, लेकिन अभी तक सूची सत्यापित होकर नहीं मिली हैं।
- ओम हरि उपाध्याय जिलापूर्ति अधिकारी