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खाद्य प्रकोष्ठ ने शुरु की खाद्यान्न घोटाले की जांच
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Tue, 09 Dec 2014 11:28 PM IST
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खाद्य प्रकोष्ठ कानपुर से आई टीम ने मंगलवार को दो साल पहले जिले में हुए खाद्यान्न घोटाले की जांच शुरू कर दी। टीम ने शिकायत कर्ता के बयान दर्ज किए। इसके बाद इस संबंध में थाना जैथरा व अलीगंज में दर्ज चार हुए चार मामलों की प्रगति की जानकारी भी ली। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी से बात की। टीम ने मामले से संबंधित पत्रावलियां भी कब्जे में ली है।
2012 जैथरा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार ने प्रदेश के खाद्य एवं रसद आयुक्त को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित होने वाले राशन की कालाबाजारी होने की की शिकायत की थी। गत वर्ष खाद्य प्रकोष्ठ इलाहाबाद की टीम ने इसकी जांच की लेकिन शिकायतकर्ता इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने आयुक्त, प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री से मामले की जांच किसी अन्य एजेंसी से कराने की मांग की। इस पर भी कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। हाईकोर्ट ने इस मामले में तीन माह के भीतर शासन से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद अब खाद्य प्रकोष्ठ कानपुर की टीम इस मामले की जांच के लिए सोमवार की रात एटा पहुंची। बताया जा रहा है कि पूर्व में आयुक्त ने आगरा व लखनऊ की टीम को भेजना चाहा तो उन्होंने एटा जाकर जांच करने से मना कर दिया था, इसके बाद इलाहाबाद की टीम भेजी गई थी।
खाद्य घोटाला कब क्या हुआ
27 सितंबर 2012 को सुनील कुमार ने राशन की कालाबाजारी होने की शिकायत की और विभाग के अधिकारियों की मिली भगत होने का आरोप लगाया था।
28 जनवरी 2012 को तत्कालीन डीएम ने जैथरा में एक राइस मिल पर छापा मारकर 2000 क्विंटल सरकारी चावल बरामद किया और रिपोर्ट दर्ज कराई।
30 मार्च 2012 को जैथरा में एक अन्य राइस मिल पर छापा मारकर सैकड़ों क्विंटल सरकारी चावल बरामद किया और मिल मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
18 फरवरी 2012 को मंडी समिति एक दुकान पर छापा मारकर 540 कट्टे सरकारी गेहूं के बरामद किए गए थे और दुकान मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई
26 अप्रैल 2012 को जिला पूर्ति निरीक्षक ने मिरहची कस्बा में एक निजी गोदाम पर छापा मारा, जहां से 300 क्विंटल सरकारी गेहूं बरामद हुआ था।
एक मई 2012 को एटा के गंजडुंडवारा रोड पर एक राइस मिल पर तत्कालीन एसडीएम ने छापा मारा, जहां से 5500 क्विंटल सरकारी गेहूं बरामद हुआ।
29 अप्रैल 2013 को तत्कालीन जिलाधिकारी ने निधौली रोड स्थित सरकारी गोदाम पर छापा मारा, जहां कालाबाजारी के खेल का खुलासा हुआ, लेकिन कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
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-शिकायत पर जांच करने वह एटा आई हैं। दो बार शिकायतकर्ता से मुलाकात कर बयान दर्ज किए हैं। वहीं जैथरा व अलीगंज में दर्ज चार रिपोर्टों में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली है। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी से भी बात की जा रही है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है वह एटा में ही रुकेंगी।
-जीजे सिद्दीकी, निरीक्षक खाद्य प्रकोष्ठ कानपुर।
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2012 जैथरा निवासी आरटीआई कार्यकर्ता सुनील कुमार ने प्रदेश के खाद्य एवं रसद आयुक्त को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वितरित होने वाले राशन की कालाबाजारी होने की की शिकायत की थी। गत वर्ष खाद्य प्रकोष्ठ इलाहाबाद की टीम ने इसकी जांच की लेकिन शिकायतकर्ता इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने आयुक्त, प्रमुख सचिव और मुख्यमंत्री से मामले की जांच किसी अन्य एजेंसी से कराने की मांग की। इस पर भी कार्रवाई नहीं हुई तो उन्होंने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में एक जनहित याचिका दायर की और मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। हाईकोर्ट ने इस मामले में तीन माह के भीतर शासन से रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद अब खाद्य प्रकोष्ठ कानपुर की टीम इस मामले की जांच के लिए सोमवार की रात एटा पहुंची। बताया जा रहा है कि पूर्व में आयुक्त ने आगरा व लखनऊ की टीम को भेजना चाहा तो उन्होंने एटा जाकर जांच करने से मना कर दिया था, इसके बाद इलाहाबाद की टीम भेजी गई थी।
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खाद्य घोटाला कब क्या हुआ
27 सितंबर 2012 को सुनील कुमार ने राशन की कालाबाजारी होने की शिकायत की और विभाग के अधिकारियों की मिली भगत होने का आरोप लगाया था।
28 जनवरी 2012 को तत्कालीन डीएम ने जैथरा में एक राइस मिल पर छापा मारकर 2000 क्विंटल सरकारी चावल बरामद किया और रिपोर्ट दर्ज कराई।
30 मार्च 2012 को जैथरा में एक अन्य राइस मिल पर छापा मारकर सैकड़ों क्विंटल सरकारी चावल बरामद किया और मिल मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
18 फरवरी 2012 को मंडी समिति एक दुकान पर छापा मारकर 540 कट्टे सरकारी गेहूं के बरामद किए गए थे और दुकान मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई
26 अप्रैल 2012 को जिला पूर्ति निरीक्षक ने मिरहची कस्बा में एक निजी गोदाम पर छापा मारा, जहां से 300 क्विंटल सरकारी गेहूं बरामद हुआ था।
एक मई 2012 को एटा के गंजडुंडवारा रोड पर एक राइस मिल पर तत्कालीन एसडीएम ने छापा मारा, जहां से 5500 क्विंटल सरकारी गेहूं बरामद हुआ।
29 अप्रैल 2013 को तत्कालीन जिलाधिकारी ने निधौली रोड स्थित सरकारी गोदाम पर छापा मारा, जहां कालाबाजारी के खेल का खुलासा हुआ, लेकिन कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई।
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-शिकायत पर जांच करने वह एटा आई हैं। दो बार शिकायतकर्ता से मुलाकात कर बयान दर्ज किए हैं। वहीं जैथरा व अलीगंज में दर्ज चार रिपोर्टों में अब तक हुई प्रगति की जानकारी ली है। साथ ही जिला पूर्ति अधिकारी से भी बात की जा रही है। जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती है वह एटा में ही रुकेंगी।
-जीजे सिद्दीकी, निरीक्षक खाद्य प्रकोष्ठ कानपुर।