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ईओ के विरोध में उतरे निधौलीकलां चेयरमैन, सीएम को भेजा पत्र
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एटा। नगर पंचायत निधौलीकलां के चेयरमैन प्रभारी ईओ व एएसडीएम के विरोध में खुलकर उतर आए हैं। उनके खिलाफ मुख्यमंत्री को शिकायतीपत्र भेजा है। कहा है कि सात दिन में कोई कार्रवाई नहीं होती है तो वह आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। चेयरमैन देवलाल लोधी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में लिखा है कि ईओ द्वारा उनके आदेशों की अवहेलना, प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर अपनी मनमानी की जा रही है। निर्वाचित प्रतिनिधियों का अपमान किया जाता है। उनके अड़ियल रवैये के कारण आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का वेतन तीन माह से लंबित है। जिसकी वजह से उन्हें हड़ताल करनी पड़ी। इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है।
बताया कि सात मामले 11 अप्रैल को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में रखे थे। जिनमें नगर पंचायत के तालाबों को भूमाफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्जों से मुक्त कराने, रामलीला मैदान की पैमाइश कराकर अतिक्रमण हटाने, दो नलकूप, टंकी परिसर कार्यों की जांच, सामुदायिक शौचालय बीआरसी पर निर्माण के लिए अतिक्रमण हटवाने, 15वें वित्त से स्वीकृत वाटर कूलर की सही जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, आउटसोर्स कर्मचारियों की वेतन संबंधी पत्रावली की जांच कराकर वेतन आहरण, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और पूर्व में लगाई गई स्ट्रीट लाइटों में हुई वित्तीय अनियमितताओं में जारी आरसी के साथ दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की थी, लेकिन किसी मामले में कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के इस रवैये से बेहद आहत हूं। सात दिन में सभी मांगों का निस्तारण करने तथा दोषी अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग मुख्यमंत्री से की है। कार्रवाई न होने पर सात दिन बाद कलक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन करने की बात कही है।
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बताया कि सात मामले 11 अप्रैल को जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक में रखे थे। जिनमें नगर पंचायत के तालाबों को भूमाफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्जों से मुक्त कराने, रामलीला मैदान की पैमाइश कराकर अतिक्रमण हटाने, दो नलकूप, टंकी परिसर कार्यों की जांच, सामुदायिक शौचालय बीआरसी पर निर्माण के लिए अतिक्रमण हटवाने, 15वें वित्त से स्वीकृत वाटर कूलर की सही जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई, आउटसोर्स कर्मचारियों की वेतन संबंधी पत्रावली की जांच कराकर वेतन आहरण, दोषी अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई और पूर्व में लगाई गई स्ट्रीट लाइटों में हुई वित्तीय अनियमितताओं में जारी आरसी के साथ दोषियों पर कार्रवाई किए जाने की मांग की थी, लेकिन किसी मामले में कार्रवाई नहीं की गई है।
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उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के इस रवैये से बेहद आहत हूं। सात दिन में सभी मांगों का निस्तारण करने तथा दोषी अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की मांग मुख्यमंत्री से की है। कार्रवाई न होने पर सात दिन बाद कलक्ट्रेट परिसर में आमरण अनशन करने की बात कही है।
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