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नया पोस्टमार्टम गृह मिला नहीं, पुराने पर भी संकट
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Thu, 11 Dec 2014 11:48 PM IST
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जिला जेल के पीछे बने पोस्टमार्टम गृह को लेकर स्वास्थ्य विभाग दुविधा में फंस गया है। जीटी रोड पर बने नए पोस्टमार्टम गृह की बिल्डिंग तो मिली नहीं, अब पुराने पर भी संकट के बादल छा गए हैं। जिला जेल के पीछे बने पोस्टमार्टम गृह की जमीन पर किसी और ने अपना मालिकाना हक जताया है। डीएम को एक पत्र भी भेजा है। इस पर एसडीएम को जांच सौंपी गई है।
पोस्टमार्टम गृह को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सामने नया संकट आन खड़ा हुआ है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जीटी रोड पर पोस्टमार्टम गृह को लेकर नई बिल्डिंग बनवाई गई थी। जिससे की जिला जेल के पीछे बने पोस्टमार्टम गृह को शिफ्ट किया जा सके, मगर इस पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। इसके चलते पोस्टमार्टम गृह शिफ्ट नहीं हो सका। वहीं, अब जेल के पीछे बने पोस्टमार्टम गृह की जमीन पर किसी और ने अपना हक जता दिया है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग अधर में फंसकर रह गया है। शहर के मोहल्ला शांतिनगर के बताए जाने वाले उक्त व्यक्ति ने डीएम को एक चिट्ठी भी लिखी है, जिस पर एसडीएम को जांच सौंपी गई है।
अब बनेगी अर्बन पीएससी
जीटी रोड स्थित गौशाला से कुछ दूरी पर बने नए पोस्टमार्टम गृह की बिल्डिंग में नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (अर्बन पीएससी) बनाई जाएगी। स्थानीय लोगों की आपत्तियों के बाद उक्त बिल्डिंग में अर्बन पीएससी बनाए जाने का निर्णय लिया है। जिस पर फिलहाल काम रुका हुआ है।
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47 लाख रुपये की लागत से बनी थी बिल्डिंग
सीएमओ ने बताया कि उक्त बिल्डिंग को बनाने में करीब 47 लाख रुपये का खर्चा आया था। फिलहाल पूरी तरह से काम नहीं हो पाया है। उक्त संस्था द्वारा फिलहाल 60 प्रतिशत तक कार्य कराया गया है। इसके चलते भवन में काम पूरा नहीं हो सका है।
जिला जेल के पीछे स्थित पोस्टमार्टम गृह की जमीन पर किसी और ने अपना मालिकाना हक बताया है। उक्त व्यक्ति ने एक चिट्ठी डीएम को भेजी थी, जो उन्हें मिली है। इसकी जांच एसडीएम नगर कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
- डॉ. आरसी पांडेय, मुख्य चिकित्साधिकारी एटा।
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पोस्टमार्टम गृह को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सामने नया संकट आन खड़ा हुआ है। बता दें कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा जीटी रोड पर पोस्टमार्टम गृह को लेकर नई बिल्डिंग बनवाई गई थी। जिससे की जिला जेल के पीछे बने पोस्टमार्टम गृह को शिफ्ट किया जा सके, मगर इस पर स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताई है। इसके चलते पोस्टमार्टम गृह शिफ्ट नहीं हो सका। वहीं, अब जेल के पीछे बने पोस्टमार्टम गृह की जमीन पर किसी और ने अपना हक जता दिया है। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग अधर में फंसकर रह गया है। शहर के मोहल्ला शांतिनगर के बताए जाने वाले उक्त व्यक्ति ने डीएम को एक चिट्ठी भी लिखी है, जिस पर एसडीएम को जांच सौंपी गई है।
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अब बनेगी अर्बन पीएससी
जीटी रोड स्थित गौशाला से कुछ दूरी पर बने नए पोस्टमार्टम गृह की बिल्डिंग में नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (अर्बन पीएससी) बनाई जाएगी। स्थानीय लोगों की आपत्तियों के बाद उक्त बिल्डिंग में अर्बन पीएससी बनाए जाने का निर्णय लिया है। जिस पर फिलहाल काम रुका हुआ है।
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47 लाख रुपये की लागत से बनी थी बिल्डिंग
सीएमओ ने बताया कि उक्त बिल्डिंग को बनाने में करीब 47 लाख रुपये का खर्चा आया था। फिलहाल पूरी तरह से काम नहीं हो पाया है। उक्त संस्था द्वारा फिलहाल 60 प्रतिशत तक कार्य कराया गया है। इसके चलते भवन में काम पूरा नहीं हो सका है।
जिला जेल के पीछे स्थित पोस्टमार्टम गृह की जमीन पर किसी और ने अपना मालिकाना हक बताया है। उक्त व्यक्ति ने एक चिट्ठी डीएम को भेजी थी, जो उन्हें मिली है। इसकी जांच एसडीएम नगर कर रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी।
- डॉ. आरसी पांडेय, मुख्य चिकित्साधिकारी एटा।