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नाला चोक होने से जलभराव
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Mon, 24 Aug 2015 11:21 PM IST
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बिलराम गेट का नाला चोक हो जाने से आसपास की कई बस्तियों में गंदा पानी भर गया है, जिससे लोग घरों में कैद होकर रह गए है। बाजार में भी जलभराव के हालात पैदा हो जाने से लोगों को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है। नायब तहसीलदार के निर्देश पर बाधा बनी दुकान का तोल तुड़वाकर पालिकाकर्मियों ने सफाई कार्य शुरू कर दिया है।
नगर पालिका ने बारिश के मौसम से पहले नालों की सफाई का कार्य नहीं कराया। शनिवार की रात को हुई बारिश के बाद हालात बिगड़ गए। नाले का पानी आगे न निकल पाने से बिलराम गेट बिजली घर के समीप की गली, गली न्यारियान, सूत की मंडी, बिलराम गेट बाजार में पानी भर गया। सोमवार को भी यह पानी नहीं निकल सका। अन्य बस्तियों से नाले की ओर आने वाला पानी भी इन बस्तियों में जमा होने लगा। जिससे जलभराव हो गया। बिजलीघर के निकट की गली न्यारियान के हालात तो काफी बिगड़ गए। इन गलियों के लोग तो घरों से बाहर तक नहीं निकल सके। सूचना पर नायब तहसीलदार ब्रहमानंद कठेरिया, पालिका के अधिशासी अधिकारी विनती उपाध्याय मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद लोगों ने नाले के ऊपर बनी दुकानों में से एक का बाधा बताया गया। इस दुकान के ताले तुड़वाया गया। गंदे पानी की निकासी न हो पाने से छात्राओं को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा।
दो साल से नहीं उठा है ठेका
नालों की सफाई के लिए पालिका ने दो साल से ठेका नहीं उठाया है। पहले ठेके पर कर्मियों के जरिए नालों की सफाई होती थी। जिससे तली तक की सिल्ट साफ हो जाती थी, लेकिन दो साल से पालिका मशीन के जरिए ही सफाई करा रही है। जिससे पुलियों के नीचे की सफाई ढंग से नहीं हो पाती। पानी जमा होने से समस्या काफी बढ़ गई है।
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पहली प्राथमिकता नाले की सफाई की है। जिससे गंदा पानी निकल सके। नाले की सफाई में बाधक बनने वाली दुकानों के लिए चिन्हांकन कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- ब्रह्मानंद कठेरिया नायब तहसीलदार
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नगर पालिका ने बारिश के मौसम से पहले नालों की सफाई का कार्य नहीं कराया। शनिवार की रात को हुई बारिश के बाद हालात बिगड़ गए। नाले का पानी आगे न निकल पाने से बिलराम गेट बिजली घर के समीप की गली, गली न्यारियान, सूत की मंडी, बिलराम गेट बाजार में पानी भर गया। सोमवार को भी यह पानी नहीं निकल सका। अन्य बस्तियों से नाले की ओर आने वाला पानी भी इन बस्तियों में जमा होने लगा। जिससे जलभराव हो गया। बिजलीघर के निकट की गली न्यारियान के हालात तो काफी बिगड़ गए। इन गलियों के लोग तो घरों से बाहर तक नहीं निकल सके। सूचना पर नायब तहसीलदार ब्रहमानंद कठेरिया, पालिका के अधिशासी अधिकारी विनती उपाध्याय मौके पर पहुंचे। वहां मौजूद लोगों ने नाले के ऊपर बनी दुकानों में से एक का बाधा बताया गया। इस दुकान के ताले तुड़वाया गया। गंदे पानी की निकासी न हो पाने से छात्राओं को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ा।
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दो साल से नहीं उठा है ठेका
नालों की सफाई के लिए पालिका ने दो साल से ठेका नहीं उठाया है। पहले ठेके पर कर्मियों के जरिए नालों की सफाई होती थी। जिससे तली तक की सिल्ट साफ हो जाती थी, लेकिन दो साल से पालिका मशीन के जरिए ही सफाई करा रही है। जिससे पुलियों के नीचे की सफाई ढंग से नहीं हो पाती। पानी जमा होने से समस्या काफी बढ़ गई है।
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पहली प्राथमिकता नाले की सफाई की है। जिससे गंदा पानी निकल सके। नाले की सफाई में बाधक बनने वाली दुकानों के लिए चिन्हांकन कराने के बाद कार्रवाई की जाएगी।
- ब्रह्मानंद कठेरिया नायब तहसीलदार