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युवती और प्रेमी ढूंढने का करते रहे ड्रामा
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एटा। गांव दतौली में मासूम किंजल की हत्या के बाद आरोपी युवती और उसका प्रेमी परिजनों के साथ उसकी तलाश करने का ड्रामा करते रहे। वहीं, परिजन उन पर विश्वास कर उनके साथ इधर-उधर भटकते रहे। बाद में पकड़े जाने पर मामला खुल सका। दोनों ने ही मकान के पीछे खंडहर में बोरे में बच्ची का शव छिपाया था। युवती बच्ची को कुरकुरे खिलाने के बहाने अपने साथ ले गई थी। पुलिस के सामने आरोपी युवती ने सब कुछ कबूल किया है।
एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया है कि युवती ने पूछताछ में बताया कि ह्देश गुप्ता उसके दोस्त के साथ संबंधों को लेकर उनकी बदनामी कर रहे थे। इस बात से पिता सहित दोनों चाचा भी नाराज थे। इसके चलते हृदेश को सबक सिखाने की ठान ली थी।
उन्होंने बताया कि सोमवार को बच्ची जब सुबह आठ बजे अपने घर में बुआ वंदना के साथ खेल रही थी, तभी विनिता वहां पहुंची और उसे कुरकुरे खिलाने के बहाने पास ही परचून की दुकान पर ले गई। वहां कुरकुरे दिलाने के बाद अपने घर की छत पर ले आई। यहां अपने प्रेमी को भी बुला लिया।
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छत पर ही दोनों ने बच्ची के गले में दुपट्टा से गला घोंटकर उसे मार डाला। प्रेमी ने बच्ची के हाथ-पैर पकड़े और उसने दुपट्टे से गला दबा दिया। इस दौरान घर में नीचे बैठे दोनो चाचा और पिता लोगों की निगरानी में लगे हुए थे। युवती ने पूछताछ में बताया कि इसके बाद शव को बोरी में बंद कर दोनों ने मकान के पीछे खंडहर में छिपा दिया।
जब बच्ची की तलाश शुरू हुई तो चाचा करू और बुद्धपाल सिढ़पुरा और पिता कालीचरन घर से कहीं चला गया। इस दौरान जब हृदेश और परिजन ढूंढते हुए आए तो उन्हें बताया कि बच्ची उनके घर से चली गई है। वह और अमन भी उन्हीं के साथ किंजल को ढूंढने में जुट गए। इधर जब दोपहर तक बच्ची नहीं मिली तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शक के आधार पर सबसे पहले युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान वह गुमराह करती रही, लेकिन बाद में उसने सारे राज उगल दिए। इसके बाद पुलिस ने प्रेमी, युवती के पिता और दोनों चाचा को गिरफ्तार कर लिया।
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एसएसपी सुनील कुमार सिंह ने बताया है कि युवती ने पूछताछ में बताया कि ह्देश गुप्ता उसके दोस्त के साथ संबंधों को लेकर उनकी बदनामी कर रहे थे। इस बात से पिता सहित दोनों चाचा भी नाराज थे। इसके चलते हृदेश को सबक सिखाने की ठान ली थी।
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उन्होंने बताया कि सोमवार को बच्ची जब सुबह आठ बजे अपने घर में बुआ वंदना के साथ खेल रही थी, तभी विनिता वहां पहुंची और उसे कुरकुरे खिलाने के बहाने पास ही परचून की दुकान पर ले गई। वहां कुरकुरे दिलाने के बाद अपने घर की छत पर ले आई। यहां अपने प्रेमी को भी बुला लिया।
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छत पर ही दोनों ने बच्ची के गले में दुपट्टा से गला घोंटकर उसे मार डाला। प्रेमी ने बच्ची के हाथ-पैर पकड़े और उसने दुपट्टे से गला दबा दिया। इस दौरान घर में नीचे बैठे दोनो चाचा और पिता लोगों की निगरानी में लगे हुए थे। युवती ने पूछताछ में बताया कि इसके बाद शव को बोरी में बंद कर दोनों ने मकान के पीछे खंडहर में छिपा दिया।
जब बच्ची की तलाश शुरू हुई तो चाचा करू और बुद्धपाल सिढ़पुरा और पिता कालीचरन घर से कहीं चला गया। इस दौरान जब हृदेश और परिजन ढूंढते हुए आए तो उन्हें बताया कि बच्ची उनके घर से चली गई है। वह और अमन भी उन्हीं के साथ किंजल को ढूंढने में जुट गए। इधर जब दोपहर तक बच्ची नहीं मिली तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने शक के आधार पर सबसे पहले युवती को हिरासत में लेकर पूछताछ की। इस दौरान वह गुमराह करती रही, लेकिन बाद में उसने सारे राज उगल दिए। इसके बाद पुलिस ने प्रेमी, युवती के पिता और दोनों चाचा को गिरफ्तार कर लिया।