जलेसर। मस्जिदों में बुधवार की रात कोतवाली पुलिस द्वारा लाउडस्पीकर उतारने की कार्रवाई को लेकर मुस्लिम समाज का रोष बरकरार है। इसे देखते हुए शुक्रवार को एसडीएम और सीओ ने लोगों के साथ बैठक की। फैसला लिया गया कि मस्जिद में जाने से पहले पुलिस सूचना देगी। बृहस्पतिवार को बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग तहसील पहुंचे थे। एसडीएम को ज्ञापन देकर आरोप लगाए कि पुलिस जूते पहनकर और शस्त्र लेकर मस्जिदों में घुसी। जबरन लाउडस्पीकर, स्पीकर बॉक्स आदि ले गए। इमामों के साथ अभद्रता की। शुक्रवार को एसडीएम रामनयन व सीओ राघवेंद्र ने मुस्लिम समुदाय के लोगों के बीच बैठक की।
सीओ ने कहा कि भविष्य में इस प्रकार की कोतवाली पुलिस द्वारा कोई भी गलती नहीं होगी। सूचना देकर ही मस्जिदों में प्रवेश किया जाएगा। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार ही मस्जिदों में साउंड सिस्टम का प्रयोग किया जाए। वहीं उप जिलाधिकारी ने कहा कि नगर की सभी मस्जिदों को सुप्रीम कोर्ट के गाइडलाइन के अनुसार सूचना तथा लेटर दे दिए जाएंगे। जिसका अनुपालन सभी मस्जिदों के मौलवी तथा मुस्लिम समुदाय के लोगों को करना है। उन्होंने कहा कि मस्जिदों में भविष्य में कोई भी पुलिसकर्मी जूते पहनकर नहीं जाएगा। आगे से ऐसी कोई प्रतिक्रिया पुलिस प्रशासन द्वारा नहीं की जाएगी। अब्दुल कलाम अंसारी, मुसर्रत अंसारी, शानू मालिक, भूरा पहलवान, तारिक शेख, रफीक, नवेद खान, हाजी मुन्ना, सत्तार उस्मानी, हासिम खान, वाजिद अली आदि मौजूद थे।