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Etah News: जलेसर ब्लॉक में मनरेगा से 1.43 करोड़ रुपये का ज्यादा किया भुगतान
Fri, 18 Oct 2024 11:03 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 18 Oct 2024 11:03 PM IST
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एटा। मनरेगा से कराए जाने वाले विकास कार्याें के लिए हर ब्लॉक का लक्ष्य निर्धारित किया जाता है। जिले की आठों ब्लॉकों का अलग-अलग लक्ष्य था, लेकिन ब्लॉक जलेसर में लक्ष्य से 1.43 करोड़ रुपये ज्यादा रकम निकाल ली गई। इसको लेकर अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। मनरेगा सहित संबंधितों से जवाब मांगे जा रहे हैं।
मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाते हैं। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार से धनराशि मिलती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के बीच लंबित भुगतान की धनराशि जारी की गई है, ताकि जिले में चल रहे विकास कार्यों को गति दी जा सके और श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके। जलेसर ब्लॉक में 95 लाख रुपये का भुगतान होना था, लेकिन यहां पर 2.38 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। जो निर्धारित राशि से 1.43 करोड़ अधिक हैं। अवागढ़ में 2.59 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 2.16 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। जबकि मारहरा में 2.39 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 1.60 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जैथरा में 1.04 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले केवल 59.73 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
वहीं, निधौली कलां में 1.38 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। शीतलपुर में भी 2.74 करोड़ रुपये के लक्ष्य के खिलाफ 2.84 करोड़ रुपये और सकीट में 1.31 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1.36 करोड़ रुपये निकाले गए। लक्ष्य से अधिक भुगतान कैसे हो गया, इसको लेकर अधिकारियों ने नोटिस जारी किए हैं।
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सीडीओ डा. अवधेश कुमार वाजपेयी ने बताया कि जलेसर ब्लॉक में लक्ष्य के सापेक्ष 1.43 करोड़ रुपये अधिक निकाले गए हैं। तीन अन्य ब्लॉक में भी रकम ज्यादा निकली है। यह कैसे हुआ और क्यों हुआ, इसकी जांच कराई जा रही है। खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) से ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य कराए जाते हैं। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार से धनराशि मिलती है। वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के बीच लंबित भुगतान की धनराशि जारी की गई है, ताकि जिले में चल रहे विकास कार्यों को गति दी जा सके और श्रमिकों को समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके। जलेसर ब्लॉक में 95 लाख रुपये का भुगतान होना था, लेकिन यहां पर 2.38 करोड़ रुपये निकाल लिए गए। जो निर्धारित राशि से 1.43 करोड़ अधिक हैं। अवागढ़ में 2.59 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 2.16 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। जबकि मारहरा में 2.39 करोड़ रुपये के लक्ष्य के सापेक्ष 1.60 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जैथरा में 1.04 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले केवल 59.73 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
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वहीं, निधौली कलां में 1.38 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1.44 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। शीतलपुर में भी 2.74 करोड़ रुपये के लक्ष्य के खिलाफ 2.84 करोड़ रुपये और सकीट में 1.31 करोड़ रुपये के लक्ष्य के मुकाबले 1.36 करोड़ रुपये निकाले गए। लक्ष्य से अधिक भुगतान कैसे हो गया, इसको लेकर अधिकारियों ने नोटिस जारी किए हैं।
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सीडीओ डा. अवधेश कुमार वाजपेयी ने बताया कि जलेसर ब्लॉक में लक्ष्य के सापेक्ष 1.43 करोड़ रुपये अधिक निकाले गए हैं। तीन अन्य ब्लॉक में भी रकम ज्यादा निकली है। यह कैसे हुआ और क्यों हुआ, इसकी जांच कराई जा रही है। खंड विकास अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।