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Etah: बंदरों में गैंगवार का दिखा खौफनाक नजारा, जैथरा में जाम हो गई सड़क; राहगीरों के थम गए कदम
Thu, 29 Jan 2026 02:30 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 29 Jan 2026 02:30 PM IST
सार
उत्तर प्रदेश के एटा जिले में बंदरों के दो गुट आपस में भिड़ गए। इनका संघर्ष देख सड़क जाम हो गई। राहगीरों के कदम भी थम गए। करीब एक घंटे तक इनका संघर्ष चला, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन सुचारू हो सका।
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बंदरों में गैंगवार
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
एटा के जैथरा कस्बे में बंदरों की दहशत का एक अनोखा मामला सामने आया है। बुधवार शाम को एटा मार्ग पर स्थित बक्से वाली गली में बंदरों के दो गुटों में संघर्ष हो गया। इस झगड़े के कारण गली में एक घंटे तक आवागमन ठप पड़ गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बंदरों का यह झुंड अपने वर्चस्व के लिए लड़ रहा था। लोग दूर से बंदरों की पंचायत देख रहे थे, लेकिन कोई भी उन्हें भगाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। बंदरों की चीख-पुकार और उछल-कूद से पूरा माहौल अस्त-व्यस्त हो गया था।
लोग घंटों तक बंदरों के हटने का इंतजार करते रहे, लेकिन जब बंदर अपने गंतव्य की ओर चले गए, तब जाकर लोगों का आवागमन पुनः शुरू हो सका। इस घटना के बाद से लोगों में बंदरों के प्रति दहशत और बढ़ गई है।
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क्या है बंदरों के झगड़े का कारण?
बंदरों के झगड़े का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि यह वर्चस्व की लड़ाई हो सकती है। बंदरों की बढ़ती संख्या और उनके लिए भोजन की कमी भी एक कारण हो सकता है।
क्या प्रशासन करेगा कोई कार्रवाई?
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। क्या प्रशासन बंदरों की समस्या का समाधान करने के लिए कोई कदम उठाएगा? या फिर लोगों को ही बंदरों के साथ जीने की आदत डालनी होगी? इन सवालों का जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है।
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स्थानीय लोगों ने बताया कि बंदरों का यह झुंड अपने वर्चस्व के लिए लड़ रहा था। लोग दूर से बंदरों की पंचायत देख रहे थे, लेकिन कोई भी उन्हें भगाने की हिम्मत नहीं कर पा रहा था। बंदरों की चीख-पुकार और उछल-कूद से पूरा माहौल अस्त-व्यस्त हो गया था।
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लोग घंटों तक बंदरों के हटने का इंतजार करते रहे, लेकिन जब बंदर अपने गंतव्य की ओर चले गए, तब जाकर लोगों का आवागमन पुनः शुरू हो सका। इस घटना के बाद से लोगों में बंदरों के प्रति दहशत और बढ़ गई है।
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क्या है बंदरों के झगड़े का कारण?
बंदरों के झगड़े का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन स्थानीय लोगों का मानना है कि यह वर्चस्व की लड़ाई हो सकती है। बंदरों की बढ़ती संख्या और उनके लिए भोजन की कमी भी एक कारण हो सकता है।
क्या प्रशासन करेगा कोई कार्रवाई?
अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है। क्या प्रशासन बंदरों की समस्या का समाधान करने के लिए कोई कदम उठाएगा? या फिर लोगों को ही बंदरों के साथ जीने की आदत डालनी होगी? इन सवालों का जवाब अभी तक नहीं मिल पाया है।