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मॉकड्रिल : तीन मिनट में लगी ऑक्सीजन, पांच में मिला वेंटीलेटर
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मैटरनिटी विंग में कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर मॉकड्रिल करते चिकित्सक। संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। कोरोना की तीसरी लहर को लेकर शुक्रवार को मैटरनिटी विंग में मॉकड्रिल का आयोजन किया गया। जहां मरीज बने बच्चे को तीन मिनट में अॅाक्सीजन व पांच मिनट में वेंटीलेटर दिया गया। वहीं डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज को बिना मच्छरदानी के देख जेडी स्वास्थ्य डॉ. एमएल अग्रवाल ने नाराजगी जताई।
मैटरनिटी विंग में जेडी स्वास्थ्य ने अपने सामने मॉकड्रिल कराया। एक बच्चे को एंबुलेंस से लेकर नीचे से पीकू वार्ड तक दो मिनट में पहुंचाया गया। वहां मौजूद डॉ. हिमांशू त्यागी ने तीसरे मिनट में बच्चे को ऑक्सीजन लगा दी। हालत बिगड़ी तो उसे पीआईसीयू में भेजा गया। जहां डॉ. विजय गुप्ता व उनकी टीम के सदस्य नागेंद्र प्रताप, प्राची दुबे ने अगले दो मिनट में बच्चे को वेंटीलेटर दे दिया। वहीं सातवें मिनट में उसका बीपी चेक किया गया। पूरी प्रक्रिया में करीब दस मिनट लगे।
इसके बाद जेडी ने विंग में भर्ती मरीजों से हालचाल लिया। डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज से उसके बुखार आदि के बारे में जानकारी की। एक मरीज के बेड पर मच्छरदानी नहीं लगी थी, इस पर नाराजगी जताते हुए कर्मचारियों को हिदायत दी। कहा कि बुखार पीड़ित हर मरीज को मच्छरदानी लगाएं। इस दौरान सीएमएस डॉ. आरके अग्रवाल, सीएमएस डॉ. अशोक कुमार, डॉ. एवी सिंह भी मौजूद रहे।
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बच्चों के लिए नहीं हैं वेंटीलेटर
तीसरी लहर से बचाव को लेकर मैटरनिटी विंग में वेंटीलेटर लगाए गए हैं। लेकिन पांच किलो से नीचे के वजन वाले बच्चों का वेंटीलेटर नहीं है। इस सवाल पर जेडी ने कहा कि जल्द ही बच्चों वाले वेंटीलेटर आ जाएंगे।
दवा न होने के सवाल पर टाल गए जवाब
मेडिकल कॉलेज में बच्चों से संबधित अधिकांश दवाएं नहीं हैं। यहां तक कि पैरासिटामोल सीरप भी नहीं है। वहां पहुंचने वाले मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। इस सवाल के जवाब में जेडी ने ड्रग स्टोर में जाकर स्टॉक देखने की बात कहते हुए जवाब टाल दिया।
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मैटरनिटी विंग में जेडी स्वास्थ्य ने अपने सामने मॉकड्रिल कराया। एक बच्चे को एंबुलेंस से लेकर नीचे से पीकू वार्ड तक दो मिनट में पहुंचाया गया। वहां मौजूद डॉ. हिमांशू त्यागी ने तीसरे मिनट में बच्चे को ऑक्सीजन लगा दी। हालत बिगड़ी तो उसे पीआईसीयू में भेजा गया। जहां डॉ. विजय गुप्ता व उनकी टीम के सदस्य नागेंद्र प्रताप, प्राची दुबे ने अगले दो मिनट में बच्चे को वेंटीलेटर दे दिया। वहीं सातवें मिनट में उसका बीपी चेक किया गया। पूरी प्रक्रिया में करीब दस मिनट लगे।
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इसके बाद जेडी ने विंग में भर्ती मरीजों से हालचाल लिया। डेंगू वार्ड में भर्ती मरीज से उसके बुखार आदि के बारे में जानकारी की। एक मरीज के बेड पर मच्छरदानी नहीं लगी थी, इस पर नाराजगी जताते हुए कर्मचारियों को हिदायत दी। कहा कि बुखार पीड़ित हर मरीज को मच्छरदानी लगाएं। इस दौरान सीएमएस डॉ. आरके अग्रवाल, सीएमएस डॉ. अशोक कुमार, डॉ. एवी सिंह भी मौजूद रहे।
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बच्चों के लिए नहीं हैं वेंटीलेटर
तीसरी लहर से बचाव को लेकर मैटरनिटी विंग में वेंटीलेटर लगाए गए हैं। लेकिन पांच किलो से नीचे के वजन वाले बच्चों का वेंटीलेटर नहीं है। इस सवाल पर जेडी ने कहा कि जल्द ही बच्चों वाले वेंटीलेटर आ जाएंगे।
दवा न होने के सवाल पर टाल गए जवाब
मेडिकल कॉलेज में बच्चों से संबधित अधिकांश दवाएं नहीं हैं। यहां तक कि पैरासिटामोल सीरप भी नहीं है। वहां पहुंचने वाले मरीजों को बाहर से दवा खरीदनी पड़ रही है। इस सवाल के जवाब में जेडी ने ड्रग स्टोर में जाकर स्टॉक देखने की बात कहते हुए जवाब टाल दिया।