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Etah News: दिल्ली से लापता हुआ मिरहची का युवक 7 साल बाद बिजनौर में मिला
Sun, 27 Apr 2025 10:27 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 27 Apr 2025 10:27 PM IST
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बिजनौर से मिला सूरजभान
- फोटो : बिजनौर से मिला सूरजभान
मिरहची (एटा)। नगर पंचायत के गांव जिन्हैरा का एक युवक सात साल पहले दिल्ली से लापता हो गया था। वह बिजनौर में मिला है। युवक के मिलने की सूचना परिजन ने दिल्ली पुलिस को भेजी है। युवक ने सात साल तक बंधक बनाए रखने की बात कही है।
ओमवीर राघव ने बताया कि सात साल पहले 30 वर्षीय पुत्र सूरजभान दिल्ली में नौकरी की तलाश में गया था। वहां सुभाष प्लेस थाना क्षेत्र के श्रीनगर की शकूर बस्ती में रहकर मेहनत-मजदूरी करने लगा था। यहां से 25 नवंबर 2018 (23 वर्ष) को वह अचानक लापता हो गया।
27 नवंबर को इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दी। पुलिस ने उसकी तलाश में पोस्टर चिपकाते हुए कार्रवाई की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। परिजन लगातार युवक की तलाश में जुटे रहे। कुछ दिन पहले किसी के माध्यम से परिजन को युवक के मुजफ्फरनगर में होने की जानकारी मिली।
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इस पर परिजन वहां पहुंचे। यहां से युवक के बिजनौर में होने की जानकारी पर परिजन ने उसको वहां के एक साहूकार के यहां मिलने पर वहां की स्थानीय पुलिस की मदद से युवक को मुक्त कराया।
सूरजभान ने बताया कि उसको बंधक बनाकर रखा गया। पहले तीन साल मुजफ्फरनगर और उसके बाद बिजनौर के एक साहूकार को बेच दिया गया। बच्चों को बंधक बनाकर काम कराने वाले गैंग ने अगवा किया था। यातनाएं देकर, डरा-धमकाकर बंधक बनाकर चहारदीवारी में कैद कर काम कराया जा रहा था।
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ओमवीर राघव ने बताया कि सात साल पहले 30 वर्षीय पुत्र सूरजभान दिल्ली में नौकरी की तलाश में गया था। वहां सुभाष प्लेस थाना क्षेत्र के श्रीनगर की शकूर बस्ती में रहकर मेहनत-मजदूरी करने लगा था। यहां से 25 नवंबर 2018 (23 वर्ष) को वह अचानक लापता हो गया।
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27 नवंबर को इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दी। पुलिस ने उसकी तलाश में पोस्टर चिपकाते हुए कार्रवाई की, लेकिन कोई सुराग नहीं लग सका। परिजन लगातार युवक की तलाश में जुटे रहे। कुछ दिन पहले किसी के माध्यम से परिजन को युवक के मुजफ्फरनगर में होने की जानकारी मिली।
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इस पर परिजन वहां पहुंचे। यहां से युवक के बिजनौर में होने की जानकारी पर परिजन ने उसको वहां के एक साहूकार के यहां मिलने पर वहां की स्थानीय पुलिस की मदद से युवक को मुक्त कराया।
सूरजभान ने बताया कि उसको बंधक बनाकर रखा गया। पहले तीन साल मुजफ्फरनगर और उसके बाद बिजनौर के एक साहूकार को बेच दिया गया। बच्चों को बंधक बनाकर काम कराने वाले गैंग ने अगवा किया था। यातनाएं देकर, डरा-धमकाकर बंधक बनाकर चहारदीवारी में कैद कर काम कराया जा रहा था।