{"_id":"68dac85ca7f510dbf408efa9","slug":"malaria-sufferers-shivered-outside-the-medicine-department-etah-news-c-163-1-sagr1016-139761-2025-09-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: मेडिसिन विभाग के बाहर ठिठुरती रही मलेरिया पीड़ित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: मेडिसिन विभाग के बाहर ठिठुरती रही मलेरिया पीड़ित
Mon, 29 Sep 2025 11:26 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 29 Sep 2025 11:26 PM IST
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग के बाहर मलेरिया पीड़ित किशोरी ठंड से ठिठुरती हुई। संवाद
एटा। मेडिकल कॉलेज में सोमवार को मलेरिया के दो मरीज मिले जिन्हें वार्ड में भर्ती कराया गया। एक मरीज तबीयत ज्यादा खराब होने पर मेडिसिन विभाग के बाहर करीब आधे घंटे ठंड में ठिठुरती रही। बाद में उसे बच्चा वार्ड में भर्ती कराया गया।
नेहा यादव (16) निवासी छछैना को 4 दिन से बुखार आ रहा था। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए आई। चिकित्सकों ने मलेरिया की जांच कराई जिसमें पुष्टि हुई। रिपोर्ट दिखाने से पहले ही उसे तेज बुखार आ गया। मेडिसिन विभाग के सामने दोपहर करीब 1 बजे उसकी मां ने उसे पास में रखी बेंच पर लिटा लिया। वह ठंड से ठिठुर रही थी।
किसी भी चिकित्सक का उसकी ओर ध्यान नहीं था। करीब आधे घंटे बाद वहां पर सिक्योरिटी गार्ड पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों को सूचना दी। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे बच्चा वार्ड में भर्ती कराया।
विज्ञापन
संचारी रोग वार्ड में भर्ती दीक्षा पुत्री उदयवीर सिंह (16) निवासी मिर्जापुर सई ने बताया कि 5 दिन से फिर से बुखार आ रहा था। मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए पहुंचे तो चिकित्सक ने मलेरिया की जांच कराई जिसमें पुष्टि हुई। उसने बताया कि अगस्त माह में भी मलेरिया निकला था। उस दौरान 4 दिन मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहकर उपचार कराया था। इसके बाद फिर से मलेरिया निकला है।
वहीं मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में करीब 700 मरीजों ने विभिन्न बीमारियों से पीड़ित होने पर उपचार लिया। चिकित्सकों ने गंभीर मरीजों की मलेरिया व डेंगू की जांच कराई। इसमें गंभीर मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती कराया। सोमवार को सामान्य वार्ड में कुल 31 मरीजों को भर्ती किया गया। सीएमएस डाॅ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि तीमारदारों की सूचना पर गंभीर मरीजों को तुरंत भर्ती कर इलाज शुरू कराया जाता है। इस केस में संभवत: परिजन द्वारा सूचना समय से न दिए जाने पर इलाज शुरू करने में देरी हुई होगी।
विज्ञापन
नेहा यादव (16) निवासी छछैना को 4 दिन से बुखार आ रहा था। सोमवार को मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए आई। चिकित्सकों ने मलेरिया की जांच कराई जिसमें पुष्टि हुई। रिपोर्ट दिखाने से पहले ही उसे तेज बुखार आ गया। मेडिसिन विभाग के सामने दोपहर करीब 1 बजे उसकी मां ने उसे पास में रखी बेंच पर लिटा लिया। वह ठंड से ठिठुर रही थी।
विज्ञापन
किसी भी चिकित्सक का उसकी ओर ध्यान नहीं था। करीब आधे घंटे बाद वहां पर सिक्योरिटी गार्ड पहुंचे। उन्होंने चिकित्सकों को सूचना दी। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे बच्चा वार्ड में भर्ती कराया।
विज्ञापन
संचारी रोग वार्ड में भर्ती दीक्षा पुत्री उदयवीर सिंह (16) निवासी मिर्जापुर सई ने बताया कि 5 दिन से फिर से बुखार आ रहा था। मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए पहुंचे तो चिकित्सक ने मलेरिया की जांच कराई जिसमें पुष्टि हुई। उसने बताया कि अगस्त माह में भी मलेरिया निकला था। उस दौरान 4 दिन मेडिकल कॉलेज में भर्ती रहकर उपचार कराया था। इसके बाद फिर से मलेरिया निकला है।
वहीं मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में करीब 700 मरीजों ने विभिन्न बीमारियों से पीड़ित होने पर उपचार लिया। चिकित्सकों ने गंभीर मरीजों की मलेरिया व डेंगू की जांच कराई। इसमें गंभीर मरीजों को सामान्य वार्ड में भर्ती कराया। सोमवार को सामान्य वार्ड में कुल 31 मरीजों को भर्ती किया गया। सीएमएस डाॅ. सुरेश चंद्रा ने बताया कि तीमारदारों की सूचना पर गंभीर मरीजों को तुरंत भर्ती कर इलाज शुरू कराया जाता है। इस केस में संभवत: परिजन द्वारा सूचना समय से न दिए जाने पर इलाज शुरू करने में देरी हुई होगी।