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Etah News: रसूलपुर गढ़ौली में फैला मलेरिया-बुखार
Mon, 14 Sep 2026 11:24 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 14 Sep 2026 11:24 PM IST
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मिरहची में डि्रप लगवाता बीमार युवक। संवाद
मिरहची। विकास खंड मारहरा के गांव रसूलपुर गढ़ौली में बुखार के बढ़ते प्रकोप ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। गांव के आधा दर्जन से अधिक घरों में मरीज चारपाइयों पर पड़े हैं। तेज बुखार, बदन दर्द और कमजोरी की शिकायत से बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में बुखार तेजी से फैला है। कई मरीज निजी चिकित्सकों के यहां उपचार करा रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक गांव में जांच या उपचार के लिए कोई शिविर नहीं लगाया गया है।
गांव निवासी भाजपा नेता किरन लोधी ने बताया कि सूरजमुखी, माधुरी, मधु, छमिया, चंद्रशेखर समेत करीब एक दर्जन से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। कुछ मरीज निजी क्लीनिकों पर उपचार करा रहे हैं। वहीं गरीब परिवारों के लोग घरेलू उपचार और झाड़-फूंक का सहारा लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जगह-जगह जलभराव और गंदगी है। नालियों की सफाई नहीं होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
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उन्होंने बताया कि एक ओर घर-घर लोग बुखार से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं है। यदि समय रहते बुखार के मरीजों की जांच नहीं कराई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच कराने, दवाएं वितरित करने और गांव में मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराने की मांग की है।
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ग्रामीणों का कहना है कि पिछले एक सप्ताह में बुखार तेजी से फैला है। कई मरीज निजी चिकित्सकों के यहां उपचार करा रहे हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से अब तक गांव में जांच या उपचार के लिए कोई शिविर नहीं लगाया गया है।
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गांव निवासी भाजपा नेता किरन लोधी ने बताया कि सूरजमुखी, माधुरी, मधु, छमिया, चंद्रशेखर समेत करीब एक दर्जन से अधिक लोग बुखार की चपेट में हैं। कुछ मरीज निजी क्लीनिकों पर उपचार करा रहे हैं। वहीं गरीब परिवारों के लोग घरेलू उपचार और झाड़-फूंक का सहारा लेने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जगह-जगह जलभराव और गंदगी है। नालियों की सफाई नहीं होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इससे मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है।
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उन्होंने बताया कि एक ओर घर-घर लोग बुखार से परेशान हैं, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग को इसकी जानकारी तक नहीं है। यदि समय रहते बुखार के मरीजों की जांच नहीं कराई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से तत्काल स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच कराने, दवाएं वितरित करने और गांव में मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराने की मांग की है।

मिरहची में डि्रप लगवाता बीमार युवक। संवाद