{"_id":"591897d34f1c1b1522853765","slug":"mahaj-28-pheesadee-abhyarthiyon-ne-dee-vidya-gyaan-pareeksha","type":"story","status":"publish","title_hn":"महज 28 फीसदी अभ्यर्थियों ने दी विद्या ज्ञान परीक्षा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महज 28 फीसदी अभ्यर्थियों ने दी विद्या ज्ञान परीक्षा
amar ujala
Updated Sun, 14 May 2017 11:17 PM IST
विज्ञापन
विद्या ज्ञान की परीक्षा देती छात्राएं
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले के दो केंद्रों पर रविवार को विद्या ज्ञान प्रवेश परीक्षा हुई। श्रीराम बाल भारती और लक्ष्मीबाई बालिका इंटर कालेज में आयोजित इस परीक्षा में पंजीकृत 2875 आवेदकों में से 2071 अभ्यर्थी अनुपस्थित रह।
श्रीराम बाल भारती परीक्षा केंद्र पर आवंटित 1632 परीक्षार्थियों में से 825 छात्र एवं 807 छात्राएं थे। सुबह की पाली में 825 छात्राओं में से 648 अनुपस्थित रहीं। वहीं शाम की पाली में 584 छात्र अनुपस्थित रहे। जबकि लक्ष्मीबाई केेंद्र पर आवंटित 1243 आवेदकों में से मात्र 404 ही उपस्थित रहे। केंद्र व्यवस्थापक डॉ रामनिवास यादव एवं डॉ विनीता तिवारी के अनुसार गरमी के चलते 72 प्रतिशत से अधिक आवेदक अनुपस्थित रहे। बताते चलें कि 23 अप्रैल को प्रस्तावित प्रवेश परीक्षा की तिथि में बदलाव किया गया था। वहीं दर्जनों अभिभावकों का कहना है कि 80 किलोमीटर दूर बने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना निर्धन एवं साधन विहीन बच्चों के लिए मुश्किल रहा। बता दें कि प्रदेश स्तर पर होने वाली विद्या ज्ञान प्रवेश परीक्षा में चयनित निर्धन बच्चों को नि:शुल्क रहने, खाने एवं पढ़ाई की सुविधा मिलती है।
विज्ञापन
श्रीराम बाल भारती परीक्षा केंद्र पर आवंटित 1632 परीक्षार्थियों में से 825 छात्र एवं 807 छात्राएं थे। सुबह की पाली में 825 छात्राओं में से 648 अनुपस्थित रहीं। वहीं शाम की पाली में 584 छात्र अनुपस्थित रहे। जबकि लक्ष्मीबाई केेंद्र पर आवंटित 1243 आवेदकों में से मात्र 404 ही उपस्थित रहे। केंद्र व्यवस्थापक डॉ रामनिवास यादव एवं डॉ विनीता तिवारी के अनुसार गरमी के चलते 72 प्रतिशत से अधिक आवेदक अनुपस्थित रहे। बताते चलें कि 23 अप्रैल को प्रस्तावित प्रवेश परीक्षा की तिथि में बदलाव किया गया था। वहीं दर्जनों अभिभावकों का कहना है कि 80 किलोमीटर दूर बने परीक्षा केंद्रों पर पहुंचना निर्धन एवं साधन विहीन बच्चों के लिए मुश्किल रहा। बता दें कि प्रदेश स्तर पर होने वाली विद्या ज्ञान प्रवेश परीक्षा में चयनित निर्धन बच्चों को नि:शुल्क रहने, खाने एवं पढ़ाई की सुविधा मिलती है।
विज्ञापन