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मगरमच्छ का निवाला बनने से बचे गोताखोर
amar ujala
Updated Sat, 06 May 2017 12:07 AM IST
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मगरमच्छ
- फोटो : अमर उजाला
नहर में कूदे वृद्ध को बचाने पानी में उतरे गोताखोर मगरमच्छ का निवाला बनने से बच गए। अचानक मगरमच्छ को देखकर गोताखोरों के होश उड़ गए। किसी तरह वृद्ध को पकड़कर वे निकल भागे।
कोतवाली देहात के गांव मरगोजिया निवासी सत्यवीर (66) दमा की बीमारी से पीड़ित है। शुक्रवार को वह दवा लेने आगरा गए थे। लौटते समय हजारा नहर के पास वाहन से उतर गए। अपराह्न करीब दो बजे उन्होंने खुदकुशी की नीयत से नहर में छलांग लगा दी। उन्हें नहर में कूदता देख आसपास के लोग चीखते-चिल्लाते दौड़े। मौके पर पहुंचे गोताखोर रवींद्र, जुगेंद्र और पप्पू वृद्ध को बचाने के लिए नहर में कूद गए। वे वृद्ध बचाकर बाहर ला रहे थे, तभी अचानक मगरमच्छ दिखा, तो तीनों के होश उड़ गए। जुगेंद्र और पप्पू तो वृद्ध को छोड़कर भाग निकले। पर, रवींद्र ने वृद्ध को बाहर लेकर निकाला। सकुशल बाहर निकलने पर तीनों ने राहत की सांस ली। वहीं वृद्ध के परिवारीजनों को बुलाकर उन्हें उनके हवाले कर दिया।
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कोतवाली देहात के गांव मरगोजिया निवासी सत्यवीर (66) दमा की बीमारी से पीड़ित है। शुक्रवार को वह दवा लेने आगरा गए थे। लौटते समय हजारा नहर के पास वाहन से उतर गए। अपराह्न करीब दो बजे उन्होंने खुदकुशी की नीयत से नहर में छलांग लगा दी। उन्हें नहर में कूदता देख आसपास के लोग चीखते-चिल्लाते दौड़े। मौके पर पहुंचे गोताखोर रवींद्र, जुगेंद्र और पप्पू वृद्ध को बचाने के लिए नहर में कूद गए। वे वृद्ध बचाकर बाहर ला रहे थे, तभी अचानक मगरमच्छ दिखा, तो तीनों के होश उड़ गए। जुगेंद्र और पप्पू तो वृद्ध को छोड़कर भाग निकले। पर, रवींद्र ने वृद्ध को बाहर लेकर निकाला। सकुशल बाहर निकलने पर तीनों ने राहत की सांस ली। वहीं वृद्ध के परिवारीजनों को बुलाकर उन्हें उनके हवाले कर दिया।
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