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माता कूष्मांडा की पूजा कर मानी मनौती
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:27 PM IST
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नवरात्र
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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माता दुर्गा के चतुर्थ स्वरूप माता कूष्मांडा की पूजा करने के लिए देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रही। मंदिर पर पहुंचकर भक्तों ने माता को चूनर, प्रसाद भेंट किया। नारियल चढ़ाया और धूप दीप से माता की आरती की।
प्राचीन चांमुडा मंदिर, शांतापुरी स्थित काली माता मंदिर, प्रभुपार्क स्थित दुर्गा मंदिर सहित अन्य प्रमुख देवी मंदिरों पर पूजा पाठ का क्रम बना रहा। भक्त देवी मंदिरों पर पूजा अर्चन को पहुंचे। घंटे घड़ियाल की आवाज से मंदिर परिसर देर सांय तक गूंजते रहे। धूप दीप की सुगंध मंदिर के आसपास के वातावरण को सुगंधित करती रही। मंदिरों पर पहुंचकर देवी भक्तों ने पूरी आस्था के साथ माता को रिझाया और माता कूष्मांडा की पूजा की। प्राचीन चांमुडा मंदिर पर भक्तों को देवी माता के दर्शन करने को अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। मंदिरों पर धार्मिक अनुष्ठान के विशेष आयोजन किए गए। चांमुडा मंदिर पर माता का शृंगार किया गया। फूल मालाओं के साथ मंदिर में लगी सतरंगी विद्युत झालर भक्तों को आकर्षित करती रही। शांतापुरी स्थित काली माता मंदिर पर हवन पूजन का आयोजन किया गया। जिसमें हवन पूजन एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भक्तों ने आहुतियां दी और विश्व शांति की कामना की। चांमुडा मंदिर पर रविवार को भंडारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जित किया।
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प्राचीन चांमुडा मंदिर, शांतापुरी स्थित काली माता मंदिर, प्रभुपार्क स्थित दुर्गा मंदिर सहित अन्य प्रमुख देवी मंदिरों पर पूजा पाठ का क्रम बना रहा। भक्त देवी मंदिरों पर पूजा अर्चन को पहुंचे। घंटे घड़ियाल की आवाज से मंदिर परिसर देर सांय तक गूंजते रहे। धूप दीप की सुगंध मंदिर के आसपास के वातावरण को सुगंधित करती रही। मंदिरों पर पहुंचकर देवी भक्तों ने पूरी आस्था के साथ माता को रिझाया और माता कूष्मांडा की पूजा की। प्राचीन चांमुडा मंदिर पर भक्तों को देवी माता के दर्शन करने को अपनी बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ी। मंदिरों पर धार्मिक अनुष्ठान के विशेष आयोजन किए गए। चांमुडा मंदिर पर माता का शृंगार किया गया। फूल मालाओं के साथ मंदिर में लगी सतरंगी विद्युत झालर भक्तों को आकर्षित करती रही। शांतापुरी स्थित काली माता मंदिर पर हवन पूजन का आयोजन किया गया। जिसमें हवन पूजन एवं वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भक्तों ने आहुतियां दी और विश्व शांति की कामना की। चांमुडा मंदिर पर रविवार को भंडारे का भी आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य अर्जित किया।
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