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मासूम को मिला पिता का साया
Updated Sun, 22 May 2016 11:44 PM IST
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मासूम बच्चा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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चार दिन से माल गोदाम चौराहे पर झुग्गी झोंपड़ी में पले रहे मासूम को पुलिस ने उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। पुत्र के मिल जाने पर जहां पिता को खुशी है तो वहीं पत्नी के लापता हो जाने का दुख भी है।
19 मई को एक महिला अपने मासूम बच्चे को माल गोदाम चौराहे पर एक खोखा संचालक के पास छोड़कर चली गई। इस बच्चे को मालगोदाम चौराहे के पास के पास झुग्गी झोंपड़ी डालकर लोहे के सामान बनाने वाले एक परिवार ने अपने पास रख लिया। तब से यह बच्चा उन्हीं के पास रह रहा था। यह बालक ढोलना के विधारी नगला निवासी नेम सिंह का निकला। वह गुजरात में मजदूरी का काम करता है। उसकी पत्नी मंजू अपनी सास अनार देवी से अपने पिता के चिकित्सक को दिखाने जाने का बहाना करके घर से चली आई। वह उनसे आठ हजार रुपये की नकदी भी लेकर आई। उसके मायके में पता करने पर उसके वहां न पहुंचने की जानकारी मिली तो उसकी सास को चिंता हुई। उन्होंने अपने पुत्र को मामले की जानकारी दी। इस जानकारी के बाद वह गुजरात से शनिवार को वापस लौटकर आया। उसने अपनी मां से सारी बात की जानकारी ली। उसे अखबार में एक मां के बच्चे को छोड़कर चले जाने की जानकारी हुई तो समाचार पत्र में छपे फोटो से उसने अपने बच्चे को पहचान लिया। वह रविवार को अपनी मां के साथ नदरई गेट चौकी पुलिस से मिला और मामले की जानकारी दी। पुलिस ने पूरी छानबीन करने के बाद बच्चे को उनके सुपुर्द कर दिया। नेम सिंह को अपना बेटा तो मिल गया, लेकिन उसकी पत्नी का कोई पता नहीं चल सका है।
विमलेश की आंखों से छलके आंसू
कासगंज। विमलेश को इस बच्चे से काफी लगाव हो गया। बच्चा भी उनसे काफी हिलमिल गया। जब महिला ने बच्चे को उसके पिता को सौंपा तो उसकी आंखों में आंसू छलक आए।
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बच्चे पर उसके पिता का वास्तविक हक बनता है। पूरी जानकारी करने के बाद उसे उसके पिता को सौंप दिया है।
-विकांत यादव, नदरई गेट चौकी प्रभारी
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19 मई को एक महिला अपने मासूम बच्चे को माल गोदाम चौराहे पर एक खोखा संचालक के पास छोड़कर चली गई। इस बच्चे को मालगोदाम चौराहे के पास के पास झुग्गी झोंपड़ी डालकर लोहे के सामान बनाने वाले एक परिवार ने अपने पास रख लिया। तब से यह बच्चा उन्हीं के पास रह रहा था। यह बालक ढोलना के विधारी नगला निवासी नेम सिंह का निकला। वह गुजरात में मजदूरी का काम करता है। उसकी पत्नी मंजू अपनी सास अनार देवी से अपने पिता के चिकित्सक को दिखाने जाने का बहाना करके घर से चली आई। वह उनसे आठ हजार रुपये की नकदी भी लेकर आई। उसके मायके में पता करने पर उसके वहां न पहुंचने की जानकारी मिली तो उसकी सास को चिंता हुई। उन्होंने अपने पुत्र को मामले की जानकारी दी। इस जानकारी के बाद वह गुजरात से शनिवार को वापस लौटकर आया। उसने अपनी मां से सारी बात की जानकारी ली। उसे अखबार में एक मां के बच्चे को छोड़कर चले जाने की जानकारी हुई तो समाचार पत्र में छपे फोटो से उसने अपने बच्चे को पहचान लिया। वह रविवार को अपनी मां के साथ नदरई गेट चौकी पुलिस से मिला और मामले की जानकारी दी। पुलिस ने पूरी छानबीन करने के बाद बच्चे को उनके सुपुर्द कर दिया। नेम सिंह को अपना बेटा तो मिल गया, लेकिन उसकी पत्नी का कोई पता नहीं चल सका है।
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विमलेश की आंखों से छलके आंसू
कासगंज। विमलेश को इस बच्चे से काफी लगाव हो गया। बच्चा भी उनसे काफी हिलमिल गया। जब महिला ने बच्चे को उसके पिता को सौंपा तो उसकी आंखों में आंसू छलक आए।
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बच्चे पर उसके पिता का वास्तविक हक बनता है। पूरी जानकारी करने के बाद उसे उसके पिता को सौंप दिया है।
-विकांत यादव, नदरई गेट चौकी प्रभारी