फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Agra News ›   lockdown

घर की डगर हुई मुश्किल, पैरों में पड़े छाले

Sat, 28 Mar 2020 07:51 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2020 07:51 PM IST
विज्ञापन
lockdown
कासगंज से पैदल चलकर गंतव्य तक जाते यात्री। - फोटो : KASGANJ
कासगंज। कोरोना के मद्देनजर किए गए लॉकडाउन ने जिंदगी मुश्किल कर दी है। जिले एवं जिले के आसपास के सीमावर्ती इलाकों के हजारों लोग दिल्ली समेत अन्य दूरस्थ इलाकों से पैदल लौट रहे हैं। घर की डगर पर चलते-चलते पैरों में छाले पड़ गए हैं लेकिन घर की आस में कदम बढ़े जा रहे हैं। रोडवेज की ओर से पैदल आ रहे यात्रियों 70 बसें चलाईं गईं। यह जानकारी एआरएम संजीव कुमार ने दी है।
विज्ञापन

राजस्थान, मध्यप्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, पंजाब के शहरों से लगातार लोगों का आने का सिलसिला जारी है। लॉकडाउन के चलते दूर-दराज से आने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई-कई दिन से पैदल चल रहे लोगों के पैरों पर छाले पड़ गए हैं तो कइयों के पास खाने तक के लाले हैं।
विज्ञापन

हालांकि ऐसे लोगों की मदद के लिए अब प्रशासन के साथ ही समाजसेवी संस्थाएं भी आगे आ रही हैं। दिल्ली, गुरुग्राम, गाजियाबाद आदि इलाकों से जिले में पहुंचने वाले लोगों को समाजसेवी संस्थाएं भोजन उपलब्ध करा रही हैं तो प्रशासन भी वाहन की सुविधा मुहैया कराने की कोशिश में जुटा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विगत दो-तीन दिन से प्रशासन अमांपुर तिराहे से कई बसों के माध्यम से लोगाें को बरेली, बदायूं, फर्रुखाबाद, सिकंदराराऊ आदि क्षेत्रों में भेजा है। डीएम सीपी सिंह, एसपी सुशील घुले ने बताया कि बाहर से आने वाले एवं घर जाने वाले लोगों के लिए बसों की व्यवस्था की गई है।
लोग बोले, कई दिन तो खाना भी नहीं मिला
मैं सिकंदराराऊ के गोपी में एक कंस्ट्रक्शन कंपनी की गाड़ी चलाता हूं। कंस्ट्रक्शन का काम बंद होने के कारण पैदल ही रामपुर स्थित अपने घर जा रहा हूं। प्रशासन ने बरेली तक बस की व्यवस्था की है, जिससे कुछ राहत मिलेगी।
- एबल सिंह, रामपुर।
मैं हरदोई का रहने वाला हूं। पिछले एक साल से गाजियाबाद में गाड़ी के सर्विस सेंटर पर काम करता हूं। एक दिन पूर्व दोपहर में पैदल घर के लिए निकला हूं। कई जगह प्राइवेट वाहनों से काफी पैसा खर्च करके यात्रा की। रास्ते में एक स्थान पर बिस्किट मिल गया।
- विद्या प्रकाश, हरदोई।
मैं दिल्ली में सिलाई का काम करता हूं। लॉकडाउन होने के कारण बच्चों के साथ घर गंजडुंडवारा जा रहा हूं। दिल्ली से गाजियाबाद तक पैदल आया। इसके बाद रोडवेज की बस से कासगंज आ गया। पुलिस टीम ने खाना खिलाया। अब गंजडुंडवारा के लिए पैदल ही निकल पड़ा हूं।

-मोहम्मद साहिब।
मैं राजस्थान के मंडला में सीमेंट की फैक्ट्री में पल्लेदारी का काम करता हूं। 25 मार्च को पैदल ही कासगंज के लिए चला था। रास्ते में कहीं कोई वाहन मिला तो कुछ दूरी उसके माध्यम से तय कर ली। रास्ते में कही खाना भी नहीं मिला। - विपिनपुर, नाथपुर, सिढ़पुरा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed