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लाडले ये आपके कुंवारे रह जाएंगे...
amar ujala
Updated Sun, 16 Apr 2017 11:56 PM IST
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काव्यपाठ करती कवयित्री
- फोटो : amar ujala
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सैनिक पड़ाव में चल रहे रंग महोत्सव के पंडाल में शनिवार रात अखिल भारतीय कवयित्री सम्मेलन हुआ। इसमें महिला कवियों ने दहेज, कन्या भ्रूण हत्या आदि सामाजिक विसंगतियों पर गीतों के माध्यम से निशाना साधा। कविताओं के माध्यम से संदेश देने की भी कोशिश की। गीतों की सजी इस महफिल में देर रात राज्यमंत्री प्रो. एसपी सिंह बघेल ने भी शिरकत की।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि कवियों का देश के विकास में अहम योगदान है। कलम के ये सिपाही समाज में चेतना लाने का काम करते हैं। उन्होंने दुष्यंत कुमार के शेर और अपनी रचनाएं भी सुनाईं। कार्यक्रम में हाथरस की मनु दीक्षित ने पढ़ा कि अब घर-घर में दु:शासन बैठा, एक कृष्ण क्या कर पाएगा... मथुरा की सुधा अरोड़ा ने पढ़ा कि मैं मोहब्बत हूं मुकद्दर से मिला करती हूं, वफा की साख पर शूलों में खिला करती हूं। लखीमपुर की रंजना सिंह ने पढ़ा कि कली होती है जमाने में महकने को, तुम इनसे प्यार करो, तोड़ने की मत सोचो। हरदोई की व्याख्या मिश्रा ने कहा कि बेटियों का कोख में मरना बंद नहीं हुआ, लाडले आपके कुंवारे रह जाएंगे। सीतापुर की संस्कृति शुक्ला ने पढ़ा कि पूरी दुनिया गर्व किया करते मुझसे, हिंदू हूं, हिंदू हूं, हिंदुस्तानी हूं। मीरा दीक्षित हाथरस, व्यंजना शुक्ला लखनऊ, डा. ममता वार्ष्णेय मेरठ, शबिस्ता बृजेश रायबरेली, विशाखा वाजपेयी लखनऊ, योग्यता चौहान इटावा, शमीम कौशर आगरा ने भी काव्य पाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर विधायक की पत्नी प्रेमलता वर्मा ने की। संयोजक राकेश कुमार कंज ने आभार जताया। सदर विधायक विपिन वर्मा, मारहरा विधायक वीरेंद्र लोधी, पटियाली विधायक ममतेश शाक्य, जलेसर विधायक संजीव दिवाकर, संचालक रामकिशोर तिवारी बाराबंकी, श्यामवीर सिंह राठौर, डीजीसी जितेंद्र सिंह, प्रदीप कांत त्रिपाठी, भूपेंद्र सिंह, चंद्रेश जैन, सौरभ सिंह, डा. गौरव सिंह, सत्य नारायन वर्मा, राकेश गांधी चेयरमैन, उदयवीर सिंह वर्मा मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि कवियों का देश के विकास में अहम योगदान है। कलम के ये सिपाही समाज में चेतना लाने का काम करते हैं। उन्होंने दुष्यंत कुमार के शेर और अपनी रचनाएं भी सुनाईं। कार्यक्रम में हाथरस की मनु दीक्षित ने पढ़ा कि अब घर-घर में दु:शासन बैठा, एक कृष्ण क्या कर पाएगा... मथुरा की सुधा अरोड़ा ने पढ़ा कि मैं मोहब्बत हूं मुकद्दर से मिला करती हूं, वफा की साख पर शूलों में खिला करती हूं। लखीमपुर की रंजना सिंह ने पढ़ा कि कली होती है जमाने में महकने को, तुम इनसे प्यार करो, तोड़ने की मत सोचो। हरदोई की व्याख्या मिश्रा ने कहा कि बेटियों का कोख में मरना बंद नहीं हुआ, लाडले आपके कुंवारे रह जाएंगे। सीतापुर की संस्कृति शुक्ला ने पढ़ा कि पूरी दुनिया गर्व किया करते मुझसे, हिंदू हूं, हिंदू हूं, हिंदुस्तानी हूं। मीरा दीक्षित हाथरस, व्यंजना शुक्ला लखनऊ, डा. ममता वार्ष्णेय मेरठ, शबिस्ता बृजेश रायबरेली, विशाखा वाजपेयी लखनऊ, योग्यता चौहान इटावा, शमीम कौशर आगरा ने भी काव्य पाठ किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर विधायक की पत्नी प्रेमलता वर्मा ने की। संयोजक राकेश कुमार कंज ने आभार जताया। सदर विधायक विपिन वर्मा, मारहरा विधायक वीरेंद्र लोधी, पटियाली विधायक ममतेश शाक्य, जलेसर विधायक संजीव दिवाकर, संचालक रामकिशोर तिवारी बाराबंकी, श्यामवीर सिंह राठौर, डीजीसी जितेंद्र सिंह, प्रदीप कांत त्रिपाठी, भूपेंद्र सिंह, चंद्रेश जैन, सौरभ सिंह, डा. गौरव सिंह, सत्य नारायन वर्मा, राकेश गांधी चेयरमैन, उदयवीर सिंह वर्मा मौजूद रहे।
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