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श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला में छिपा है संदेश: दीक्षित
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Fri, 18 Mar 2016 11:37 PM IST
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श्रीकृष्ण की प्रत्येक लीला में छिपा है संदेश: दीक्षित
- फोटो : अमर उजाला
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श्रीमती गंगा देवी माहेश्वरी भवन में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान शुक्रवार को कथावाचक ने श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग की लीला का वर्णन किया।
कथावाचक पंडित सुभाष दीक्षित ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी लीला हो या गोपियों के वस्त्र चोरी करने की लीला। प्रत्येक लीला में एक संदेश छिपा है। वह चोरी करके भी महान हुए क्योंकि चोरी के बाद भी उनका भाव चोरी का नहीं था। कल युग में मूर्ख मनुष्य भगवान की लीलाओं को नहीं समझ सकता। भगवान की लीलाओं को समझने के लिए भक्त बनना जरूरी है और भक्ति में गोपियों वाले भाव को जाग्रत कर ही हम भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को समझ सकते है। गोवर्धन पूजा की लीला का प्रसंग सुनाते हुए कथा वाचक ने कहा कि भगवान इंद्र को महाशक्तिशाली होने का घमंड हो गया था। भगवान होकर भी जब उन्हें अपने बल का अभिमान हुआ तो भगवान श्रीकृष्ण ने बाल अवस्था में भी 7 दिन अपनी अंगुली पर गिरिराज को धारण किया। 7 दिन तक हुई मूसलाधार बारिश से पूरे ब्रज में इंद्र जब ब्रज वासियों को कोई हानि नहीं पहुंचा पाए। कथा के दौरान आयोजक श्यामसुंद वार्ष्णेय, गिरधारी लाल वार्ष्णेय, राकेश अग्रवाल, दीपक मेहरा, लाल, मनोज सिंघल, प्रवीण गुप्ता, राजीव अग्रवाल, चंद्रशेखर, विपिन वार्ष्णेय, सुधीर कुमार सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
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कथावाचक पंडित सुभाष दीक्षित ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की माखन चोरी लीला हो या गोपियों के वस्त्र चोरी करने की लीला। प्रत्येक लीला में एक संदेश छिपा है। वह चोरी करके भी महान हुए क्योंकि चोरी के बाद भी उनका भाव चोरी का नहीं था। कल युग में मूर्ख मनुष्य भगवान की लीलाओं को नहीं समझ सकता। भगवान की लीलाओं को समझने के लिए भक्त बनना जरूरी है और भक्ति में गोपियों वाले भाव को जाग्रत कर ही हम भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को समझ सकते है। गोवर्धन पूजा की लीला का प्रसंग सुनाते हुए कथा वाचक ने कहा कि भगवान इंद्र को महाशक्तिशाली होने का घमंड हो गया था। भगवान होकर भी जब उन्हें अपने बल का अभिमान हुआ तो भगवान श्रीकृष्ण ने बाल अवस्था में भी 7 दिन अपनी अंगुली पर गिरिराज को धारण किया। 7 दिन तक हुई मूसलाधार बारिश से पूरे ब्रज में इंद्र जब ब्रज वासियों को कोई हानि नहीं पहुंचा पाए। कथा के दौरान आयोजक श्यामसुंद वार्ष्णेय, गिरधारी लाल वार्ष्णेय, राकेश अग्रवाल, दीपक मेहरा, लाल, मनोज सिंघल, प्रवीण गुप्ता, राजीव अग्रवाल, चंद्रशेखर, विपिन वार्ष्णेय, सुधीर कुमार सहित बड़ी संख्या में भक्तगण मौजूद रहे।
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