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किसान आंदोलन की तपिश एटा जिले तक पहुंची, कारोबार प्रभावित
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किसान आंदोलन
- फोटो : अमर उजाला
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एटा। किसान आंदोलन की तपिश जिले तक आ पहुंची है। आठ दिसंबर को भारत बंद में जहां किसानों के साथ व्यापारी संगठन कदम ताल करने की रणनीति तैयार कर हैं। इसके इतर बाजार में माल की आवक कम होने के कारण दामों में तेजी आई है। रेडिमेड गारमेंट्स, किराना, हार्डवेयर सहित अन्य सामान दिल्ली, नोएडा, पंजाब, आगरा और गाजियाबाद आदि जिलों से आता है। सीमा पर ट्रक फंसे होने के कारण सामान में कमी आने लगी है।
किसान आंदोलन के कारण दिल्ली, हरियाणा और पंजाब को जाने वाले सभी रास्ते अवरुद्ध हैं। इसके कारण दिल्ली से आने वाले सामान की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। दिल्ली से परचून और रेडिमेड गारमेंट्स का सामान बड़ी मात्रा में आता है। जबकि पंजाब और हरियाणा से हार्डवेयर का सामान आता है। जबकि गाजियाबाद और आगरा से दवाइयों समेत अन्य माल आता है। वर्तमान में आगरा में जाम और दिल्ली के रास्ते बंद होने के कारण ट्रक और मेटाडोर आदि से माल जिले में नहीं आ पा रहा है।
हार्डवेयर और प्लंबरिंग के पाइप, फिटिंग आदि का सामान पंजाब और दिल्ली से आता है। कंपनियों में ट्रक माल से लोड होकर खड़े हैं, पर किसान आंदोलन के कारण माल नहीं आ पा रहा है। इसके कारण सामान की कमी के चलते दामों में पचास से सत्तर प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है।
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अतुल राठी, नगर अध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
सहालग और सर्दी का सीजन है। दिल्ली से ही अधिकांश रेडिमेड गारमेंट्स का माल आता है। वर्तमान में माल नहीं आने के कारण दुकानदारी पर असर पड़ रहा है, जो पुराना माल का स्टॉक है वही बेच रहे हैं। नया माल न आने के कारण इसके दामों में इजाफा होने लगा है।
मोहित गुप्ता, रेडिमेड गारमेंट्स
किराना का सामान दिल्ली, गाजियाबाद और आगरा से आता है। तीनों ही जगह जाम और रास्ते बंद होने के कारण माल नहीं आ रहा है। अधिकांश माल समाप्त हो चुका है। थोक व्यापारियों से ही माल खरीदकर बेच रहे हैं। यह भी जल्द ही समाप्त हो जाएगा तो समस्या बढ़ेगी और दामों में इजाफा होने की संभावना है।
अजय गुप्ता, किराना व्यापारी
दिल्ली से यहां माल आता भी है और जाता भी है। ट्रक जाम में फंसे हुए हैं। इसके कारण न तो माल आ पा रहा है और न ही बाहर जा पा रहा है। विशेषकर किराना, रेडिमेड हार्डवेयर, इलेक्ट्रानिक्स का माल नहीं आ पा रहा है। आंदोलन जल्द खत्म नहीं हुआ तो माल पर महंगाई से इनकार नहीं किया जा सकता है।
अमित चौहान, ट्रांसपोर्टर
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किसान आंदोलन के कारण दिल्ली, हरियाणा और पंजाब को जाने वाले सभी रास्ते अवरुद्ध हैं। इसके कारण दिल्ली से आने वाले सामान की आपूर्ति नहीं हो पा रही है। दिल्ली से परचून और रेडिमेड गारमेंट्स का सामान बड़ी मात्रा में आता है। जबकि पंजाब और हरियाणा से हार्डवेयर का सामान आता है। जबकि गाजियाबाद और आगरा से दवाइयों समेत अन्य माल आता है। वर्तमान में आगरा में जाम और दिल्ली के रास्ते बंद होने के कारण ट्रक और मेटाडोर आदि से माल जिले में नहीं आ पा रहा है।
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हार्डवेयर और प्लंबरिंग के पाइप, फिटिंग आदि का सामान पंजाब और दिल्ली से आता है। कंपनियों में ट्रक माल से लोड होकर खड़े हैं, पर किसान आंदोलन के कारण माल नहीं आ पा रहा है। इसके कारण सामान की कमी के चलते दामों में पचास से सत्तर प्रतिशत तक की बढ़ोत्तरी हुई है।
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अतुल राठी, नगर अध्यक्ष उप्र उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल
सहालग और सर्दी का सीजन है। दिल्ली से ही अधिकांश रेडिमेड गारमेंट्स का माल आता है। वर्तमान में माल नहीं आने के कारण दुकानदारी पर असर पड़ रहा है, जो पुराना माल का स्टॉक है वही बेच रहे हैं। नया माल न आने के कारण इसके दामों में इजाफा होने लगा है।
मोहित गुप्ता, रेडिमेड गारमेंट्स
किराना का सामान दिल्ली, गाजियाबाद और आगरा से आता है। तीनों ही जगह जाम और रास्ते बंद होने के कारण माल नहीं आ रहा है। अधिकांश माल समाप्त हो चुका है। थोक व्यापारियों से ही माल खरीदकर बेच रहे हैं। यह भी जल्द ही समाप्त हो जाएगा तो समस्या बढ़ेगी और दामों में इजाफा होने की संभावना है।
अजय गुप्ता, किराना व्यापारी
दिल्ली से यहां माल आता भी है और जाता भी है। ट्रक जाम में फंसे हुए हैं। इसके कारण न तो माल आ पा रहा है और न ही बाहर जा पा रहा है। विशेषकर किराना, रेडिमेड हार्डवेयर, इलेक्ट्रानिक्स का माल नहीं आ पा रहा है। आंदोलन जल्द खत्म नहीं हुआ तो माल पर महंगाई से इनकार नहीं किया जा सकता है।
अमित चौहान, ट्रांसपोर्टर

अमित चौहान व्यापारी ।संवाद- फोटो : ETAH

अजय गुप्ता व्यापारी ।संवाद- फोटो : ETAH

अतुल राठी व्यापारी ।संवाद- फोटो : ETAH