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कर्तव्य का पालन धर्म की तरह करें : न्यायमूर्ति

Sat, 07 May 2016 11:09 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
अमर उजाला ब्यूरो, एटा Updated Sat, 07 May 2016 11:09 PM IST
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kartavy ka paalan dharm kee tarah karen : nyaayamoorti
भक्ति महोत्सव - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने जीवन में कर्तव्य का पालन धर्म की तरह से करना चाहिए। सत्य ही सबसे बड़ा धर्म है। चाहें न्याय व्यवस्था का क्षेत्र हो या सामान्य प्रशासन और मानव जीवन का। रामचरित मानस अपने धर्म और कर्तव्य का हमें बोध कराता है। इससे हर व्यक्ति को प्रेरणा लेनी चाहिए। 
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न्यायमूर्ति एसएन शुक्ला श्रीराम चरित मानस विचार संगोष्ठी के सत्र में सैलई में आयोजित भक्ति महोत्सव में बोल रहे थे। इससे पूर्व उन्होंने अन्य अतिथियों के साथ पूजा अर्चना करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति आरएन मिश्रा ने रामचरित मानस को एक आदर्श ग्रंथ बताते हुए इससे प्रेरणा लेने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि मानव जीवन का सार इसी ग्रंथ में निहित है। प्रमुख वक्ता सेवानिवृत्त आईएएस रामबोध मौर्य ने कहा कि रामचरित मानस के माध्यम से जीवन में त्याग का संदेश मिलता है। त्याग से मन को शांति मिलती है। इसे सामाजिक जीवन में उतारने की जरूरत है। सभी को अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। रामचरित मानस में इसका बड़ा साफ संदेश दिया गया है। उरई से आए वक्ता डा. राजेश चंद्र पांडेय ने कहा कि रामचरित मानस एक आदर्श ग्रंथ है। जो हमें जीवन को जीने की कला सिखाता है। मर्यादा का ध्यान दिलाता है। रामचरित मानस में भगवान राम ने हमेशा मर्यादा का संदेश मानव को दिया और वे मर्यादा पुरूषोत्तम बने। आगरा कॉलेज के प्राचार्य डा. मनोज रावत, राज्यपाल के विधिक सलाहाकार एसएस उपाध्याय, यूजीसी के पूर्व अध्यक्ष डा. राजशेखरन पिल्ले, रांची विश्व विद्यालय से डा. जंगबहादुर पांडेय, दिल्ली से रामअवतार शर्मा ने रामचरित मानस पर अपने सारगर्भित विचार व्यक्त करते हुए रामचरित मानस को जीवन में अपनाने का आव्हान किया। कार्यक्रम का संचालन डा. राधाकृष्ण दीक्षित, जिला न्यायाधीश शामली राजेंद्र बाबू शर्मा ने किया। न्यायमूर्ति पीएन पाराशर और उनकी पत्नी दिनेश पाराशर ने अतिथियों का स्वागत किया। इस दौरान अजय तिवारी, श्रीकृष्ण शरद, डा. पुनीत शास्त्री, अनुपम शर्मा, गौरव जाजू, रामकिशोर वार्ष्णेय, डा. सुरेंद्र गुप्ता, रमन किशोर पल्तानी, बालकृष्ण पाराशर, नरेंद्र पाराशर सहित काफी संख्या में लोग मौजूद रहे। 
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