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कम्प्यूटर का ज्ञान, फिर भी न मिला काम
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Sun, 17 Jul 2016 11:46 PM IST
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कॉलेज में एडमिशन का दौर अंतिम चरण में पहुंच गया है। सोमवार को रूसा के तहत प्रथम वर्ष की मेरिट लिस्ट जारी की गई। मेडिकल में सबसे अधिक 93.06 फीसदी परसेंटेंज केमिस्ट्री की रही।
- फोटो : अमर उजाला
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वैसे तो देश में बेरोजगारों की फौज है। हर कोई नौकरी पाने के लिए दौड़ रहा है। बदलते दौर में नौकरी पाने के लिए कम्प्यूटर ज्ञान अहम माना जाता है, लेकिन अब इससे भी नौकरी नहीं मिल पा रही है। शहरी आजीविका केंद्र के आकड़े देखें तो जिले में सबसे ज्यादा बेरोजगार कम्प्यूटर आपरेटर हैं। कम्प्यूटर आपरेटरों का काम पाने के लिए 80 से ज्यादा आवेदन हैं। वहीं अन्य ट्रेडों के जानकारों के भी आवेदन पड़े हैं।
जिला शहरी विकास अभिकरण डूडा द्वारा संचालित शहरी आजीविका केंद्र में हर साल कामगारों से आवेदन मांगे जाते हैं। इस बार भी केंद्र ने कामगारों से आवेदन मांगे हैं। इसमें अब तक कम्प्यूटर आपरेटर ट्रेड में सबसे ज्यादा युवाओं ने आवेदन किया है। इसके अलावा ड्राइवर, टेलर और इलेक्ट्रिशियनों की संख्या है। आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक जिले में 172 युवाओं ने केंद्र में अब तक अपना पंजीकरण कराया है, लेकिन विभाग के पास नियोक्ता न होने से युवा रोजगार पाने को भटक रहे हैं। हालांकि विभाग ने कामगारों को नौकरी दिलाने के लिए नियोक्ताओं की खोज शुरू कर दी है। परियोजना अधिकारी सुभाष वीर राजपूत बताते हैं कि शहरी आजीविका केंद्र में कोई भी युवा पंजीकरण करा सकता है। उसको केंद्र की ओर से रोजगार दिलाया जाएगा।
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कोई भी कर सकता है कामगारों की मांग
केंद्र के तहत पंजीकृत कामगारों की नियुक्ति के लिए कोई भी मांग कर सकता है। केंद्र के पास घर में काम करने वाली बाई से लेकर हर क्षेत्र में कामगारों के पंजीकरण हैं। इनको दैनिक और स्थाई तौर पर काम करने के लिए भेजा जाता है।
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पंजीकरण को लगी भीड़
शहरी आजीविका केंद्र में इन दिनों पंजीकरण की भीड़ लग रही है। पहचान पत्र, संबंधित ट्रेड में कार्यानुभव, प्रशिक्षण प्रमाण पत्र एवं सौ रुपये शुल्क देकर कोई भी पंजीकरण करा सकता है। रोजगार मिलने के बाद केंद्र ही कामगार को दैनिक भत्ता और वेतन देता है।
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आवेदनों पर एक नजर
कम्प्यूटर आपरेटर- 80
ड्राइवर- 08
इलेक्ट्रिशियन- 08
टेलरिंग- 19
टयूटर- 05
मोबाइल रिपेयरिंग- 03
सुपरवाइजर- 06
सफाईकर्मी- 07
एकाउंटेंट- 04
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जिला शहरी विकास अभिकरण डूडा द्वारा संचालित शहरी आजीविका केंद्र में हर साल कामगारों से आवेदन मांगे जाते हैं। इस बार भी केंद्र ने कामगारों से आवेदन मांगे हैं। इसमें अब तक कम्प्यूटर आपरेटर ट्रेड में सबसे ज्यादा युवाओं ने आवेदन किया है। इसके अलावा ड्राइवर, टेलर और इलेक्ट्रिशियनों की संख्या है। आंकड़ों पर गौर करें तो अब तक जिले में 172 युवाओं ने केंद्र में अब तक अपना पंजीकरण कराया है, लेकिन विभाग के पास नियोक्ता न होने से युवा रोजगार पाने को भटक रहे हैं। हालांकि विभाग ने कामगारों को नौकरी दिलाने के लिए नियोक्ताओं की खोज शुरू कर दी है। परियोजना अधिकारी सुभाष वीर राजपूत बताते हैं कि शहरी आजीविका केंद्र में कोई भी युवा पंजीकरण करा सकता है। उसको केंद्र की ओर से रोजगार दिलाया जाएगा।
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कोई भी कर सकता है कामगारों की मांग
केंद्र के तहत पंजीकृत कामगारों की नियुक्ति के लिए कोई भी मांग कर सकता है। केंद्र के पास घर में काम करने वाली बाई से लेकर हर क्षेत्र में कामगारों के पंजीकरण हैं। इनको दैनिक और स्थाई तौर पर काम करने के लिए भेजा जाता है।
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पंजीकरण को लगी भीड़
शहरी आजीविका केंद्र में इन दिनों पंजीकरण की भीड़ लग रही है। पहचान पत्र, संबंधित ट्रेड में कार्यानुभव, प्रशिक्षण प्रमाण पत्र एवं सौ रुपये शुल्क देकर कोई भी पंजीकरण करा सकता है। रोजगार मिलने के बाद केंद्र ही कामगार को दैनिक भत्ता और वेतन देता है।
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आवेदनों पर एक नजर
कम्प्यूटर आपरेटर- 80
ड्राइवर- 08
इलेक्ट्रिशियन- 08
टेलरिंग- 19
टयूटर- 05
मोबाइल रिपेयरिंग- 03
सुपरवाइजर- 06
सफाईकर्मी- 07
एकाउंटेंट- 04