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कांवड़ियों के जत्थों से भरे रहे गंगा के तट
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Sun, 07 Aug 2016 10:47 PM IST
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सावन का तीसरा सोमवार
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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सावन के तीसरे सोमवार पर जलाभिषेक को निकले कांवड़ियों के जत्थों से दिनभर गंगा का तट भरा रहा। बोल बम के जयकारे फिजा में गूंजते रहे। गंगा के लहरा व कछला घाट से कांवड़ में लेकर भोले के भक्तों के निकलने का सिलसिला सुबह से लेकर देर शाम तक जारी रहा।
सावन के सोमवार को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक उनके भक्त करते हैं। कांवड़ से गंगाजल लाकर जलाभिषेक से विशेष पुण्य मिलता है। यही कारण रहा कि सावन के तीसरे सोमवार को भी रविवार की सुबह से ही गंगा घाटों पर कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। हजारों की संख्या में बोल बम का जयकारा करते हुए कांवड़िया गंगा घाटों पर पहुंचे। गंगा में डुबकी लगाने के बाद शिवभक्तों ने कांवड़ उठाई। इसके बाद वे शिव की साधना के कठिन पथ पर निकल पड़े। बोल बम, हर हर महादेव, हर हर गंगे के जयकारे बोलते हुए कांवडिय़ों का रेला गंगा के हर उस रास्ते पर नजर आया, जो डगर शिव के दरबार को जाती है। कछला और लहरा घाट से निकलने वाले सभी रास्तों पर रविवार को कांवड़ियां ही कांवड़िया नजर आ रहे थे। गंगा जल लेकर धर्मपथ पर निकले ये कांवड़िए सोमवार को अपने अपने क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे।
इनसेट
शंकर-पार्वती के स्वरूप रहे आकर्षण का केंद्र
कासगंज। कांवड़ियों की टोलियों के साथ शंकर-पार्वती के स्वरूप में सज कर शिव भक्त गंगा घाटों पर पहुंचे। ट्रैक्टर ट्रालियों में आकर्षक झांकियां सजा कर शिव-पार्वती के स्वरूपों को सजाया गया था। इस दौरान डीजे पर बज रहे शिव भजनों पर भोले के भक्त झूमते गाते चल रहे थे।
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सावन के सोमवार को बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक उनके भक्त करते हैं। कांवड़ से गंगाजल लाकर जलाभिषेक से विशेष पुण्य मिलता है। यही कारण रहा कि सावन के तीसरे सोमवार को भी रविवार की सुबह से ही गंगा घाटों पर कांवड़ियों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया था। हजारों की संख्या में बोल बम का जयकारा करते हुए कांवड़िया गंगा घाटों पर पहुंचे। गंगा में डुबकी लगाने के बाद शिवभक्तों ने कांवड़ उठाई। इसके बाद वे शिव की साधना के कठिन पथ पर निकल पड़े। बोल बम, हर हर महादेव, हर हर गंगे के जयकारे बोलते हुए कांवडिय़ों का रेला गंगा के हर उस रास्ते पर नजर आया, जो डगर शिव के दरबार को जाती है। कछला और लहरा घाट से निकलने वाले सभी रास्तों पर रविवार को कांवड़ियां ही कांवड़िया नजर आ रहे थे। गंगा जल लेकर धर्मपथ पर निकले ये कांवड़िए सोमवार को अपने अपने क्षेत्र के शिवालयों में जलाभिषेक करेंगे।
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शंकर-पार्वती के स्वरूप रहे आकर्षण का केंद्र
कासगंज। कांवड़ियों की टोलियों के साथ शंकर-पार्वती के स्वरूप में सज कर शिव भक्त गंगा घाटों पर पहुंचे। ट्रैक्टर ट्रालियों में आकर्षक झांकियां सजा कर शिव-पार्वती के स्वरूपों को सजाया गया था। इस दौरान डीजे पर बज रहे शिव भजनों पर भोले के भक्त झूमते गाते चल रहे थे।
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