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जिले में बढ़ सकती है थानों की संख्या
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Fri, 27 May 2016 11:22 PM IST
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मिरहची थाने का निरीक्षण
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिले में हत्या, चोरी, दहेज हत्या जैसे संगीन घटनाओं में बढ़ोत्तरी हुई है। इस पर अंकुश लगाना जरूरी है लेकिन बीते दिनों में लूट, डकैती की घटनाओं पर लगाम लगी है। पुलिसकर्मी फरियादियों के अभद्रता नहीं करें, शिकायत आने पर कार्रवाई होगी। यह बात डीआईजी अलीगढ़ गोविंद अग्रवाल ने निरीक्षण के बाद प्रेसवार्ता में कहीं। उन्होंने बताया कि जिले में थानों की संख्या में वृद्धि हो सकती है।
शुक्रवार को एटा आए डीआईजी सबसे पहले पुलिस लाइन पहुंचे और वहां पुलिस सिपाही प्रशिक्षुओं की चल रही ट्रेनिंग का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीआईजी को पुलिस लाइन में खामियां मिलीं, जिस पर उन्होंने तत्काल खामियां दूर करने के निर्देश दिए। लाइन में वर्तमान में 161 ट्रेनी सिपाही और 250 आरटीसी सिपाहियों की ट्रेनिंग चल रही है। तत्पश्चात डीआईजी एसएसपी कार्यालय पहुंचे। पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को किसी से दुर्व्यवहार न करें। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रत्येक जिले में थानों की संख्या बढ़ सकती है। फिलहाल एटा में महिला थाना समेत 19 थाने हैं। शासनादेश के हिसाब से आबादी के अनुसार जिले में भी इनकी संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि जल्द ही पुलिसकर्मियों को पुराने शस्त्र की जगह नए शस्त्र उपलब्ध कराए जाएंगे। डीआईजी ने कहा कि पुलिस पिटाई को लेकर कई मामले सामने है। कहीं न कहीं पुलिस-पब्लिक दोनों ही जिम्मेदार है। कहा कि अगर पुलिस की गलती नहीं है, तो हमलावरों पर कार्रवाई करे। इस दौरान एसएसपी अजय शंकर राय, एएसपी विसर्जन सिंह यादव, आरपी गुप्ता सहित समस्त सीओ मौजूद थे।
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हर्ष फायरिंग की, तो जमानत के लाले
एटा। डीआईजी गोविंद अग्रवाल कहा है कि हर्ष फायरिंग में अभी तक पुलिस 304 ए में रिपोर्ट दर्ज करती थी, जिसमें आरोपी को बाहर से जमानत मिल जाती थी मगर अब धारा 304 के तहत कार्रवाई होगी, जिसके तहत आरोपी जेल भी जाएगा और जमानत मिलना भी मुश्किल होगा।
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डीआईजी अलीगढ़ शुक्रवार शाम मिरहची थाने का निरीक्षण करने पहुंचे। जब आरक्षियों उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर में पांच एक की गार्द से सलामी दी तो डीआईजी गदगद हो गए और आरक्षियों को पुरस्कार देने की घोषणा कर दी। यही नहीं थाने के रखरखाव को देख कर कि एटा जिले में पहला ऐसा थाना है जहां रखरखाब बेहतर है। इसके लिए डीआईजी ने पांच हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
शुक्रवार की शाम को साढे़ पांच बजे मिरहची थाने पर पहुंचे डीआईजी अलीगढ़ गोविंद अग्रवाल ने थाने का निरीक्षण किया। सबसे पहले डीआईजी को पांच एक की गार्द ने सलामी दी। आरक्षियों को सूती वर्दी में देखकर डीआइजी ने कहा कि एटा जिले में मिरहची पहला थाना है जहां पर आरक्षी सूती कपड़े की वर्दी में हैं और थाने का रखरखाव भी भी जिले में सबसे बेहतर है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय, एएसपी विसर्जन सिंह यादव, सीओ सकीट प्रमोद कुमार जैन, सीओ सदर डीएस गर्ब्याल, पेशकार डीके यादव के अलावा एसओ केके वालियान, गार्ड कमांडर मौजूद रहे।
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शुक्रवार को एटा आए डीआईजी सबसे पहले पुलिस लाइन पहुंचे और वहां पुलिस सिपाही प्रशिक्षुओं की चल रही ट्रेनिंग का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान डीआईजी को पुलिस लाइन में खामियां मिलीं, जिस पर उन्होंने तत्काल खामियां दूर करने के निर्देश दिए। लाइन में वर्तमान में 161 ट्रेनी सिपाही और 250 आरटीसी सिपाहियों की ट्रेनिंग चल रही है। तत्पश्चात डीआईजी एसएसपी कार्यालय पहुंचे। पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को किसी से दुर्व्यवहार न करें। उन्होंने बताया कि जल्द ही प्रत्येक जिले में थानों की संख्या बढ़ सकती है। फिलहाल एटा में महिला थाना समेत 19 थाने हैं। शासनादेश के हिसाब से आबादी के अनुसार जिले में भी इनकी संख्या बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि जल्द ही पुलिसकर्मियों को पुराने शस्त्र की जगह नए शस्त्र उपलब्ध कराए जाएंगे। डीआईजी ने कहा कि पुलिस पिटाई को लेकर कई मामले सामने है। कहीं न कहीं पुलिस-पब्लिक दोनों ही जिम्मेदार है। कहा कि अगर पुलिस की गलती नहीं है, तो हमलावरों पर कार्रवाई करे। इस दौरान एसएसपी अजय शंकर राय, एएसपी विसर्जन सिंह यादव, आरपी गुप्ता सहित समस्त सीओ मौजूद थे।
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हर्ष फायरिंग की, तो जमानत के लाले
एटा। डीआईजी गोविंद अग्रवाल कहा है कि हर्ष फायरिंग में अभी तक पुलिस 304 ए में रिपोर्ट दर्ज करती थी, जिसमें आरोपी को बाहर से जमानत मिल जाती थी मगर अब धारा 304 के तहत कार्रवाई होगी, जिसके तहत आरोपी जेल भी जाएगा और जमानत मिलना भी मुश्किल होगा।
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डीआईजी अलीगढ़ शुक्रवार शाम मिरहची थाने का निरीक्षण करने पहुंचे। जब आरक्षियों उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर में पांच एक की गार्द से सलामी दी तो डीआईजी गदगद हो गए और आरक्षियों को पुरस्कार देने की घोषणा कर दी। यही नहीं थाने के रखरखाव को देख कर कि एटा जिले में पहला ऐसा थाना है जहां रखरखाब बेहतर है। इसके लिए डीआईजी ने पांच हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की है।
शुक्रवार की शाम को साढे़ पांच बजे मिरहची थाने पर पहुंचे डीआईजी अलीगढ़ गोविंद अग्रवाल ने थाने का निरीक्षण किया। सबसे पहले डीआईजी को पांच एक की गार्द ने सलामी दी। आरक्षियों को सूती वर्दी में देखकर डीआइजी ने कहा कि एटा जिले में मिरहची पहला थाना है जहां पर आरक्षी सूती कपड़े की वर्दी में हैं और थाने का रखरखाव भी भी जिले में सबसे बेहतर है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय शंकर राय, एएसपी विसर्जन सिंह यादव, सीओ सकीट प्रमोद कुमार जैन, सीओ सदर डीएस गर्ब्याल, पेशकार डीके यादव के अलावा एसओ केके वालियान, गार्ड कमांडर मौजूद रहे।