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Etah News: बंदी की मौत के मामले में मुख्यालय भेजी गई जांच रिपोर्ट
Thu, 06 Jun 2024 11:08 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 06 Jun 2024 11:08 PM IST
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एटा। जिला कारागार में एक सजायाफ्ता बंदी ने फंदे से लटक कर जान दे दी थी। उसके परिजन ने जेल प्रशासन पर लापरवाही के साथ ही हत्या होने का आरोप लगाया था। मामले की जांच होने के बाद रिपोर्ट की फाइल बनाकर लखनऊ भेजी गई है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ शासन स्तर से कार्रवाई की जाएगीकारागार अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि कोतवाली नगर के हिंदूनगर निवासी करीब 25 वर्षीय साजिद 27 अक्तूबर 2021 से जिला कारागार में बंद था। दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट में अदालत उसे दोषी ठहराकर दंड दे चुकी थी। 29 अप्रैल की रात करीब 9 बजे उसके शव को जिला कारागार की पाकशाला में लगे पंखे पर लटका देखा गया। अपने अंगौछे से उसने फंदा बनाकर कसा था। वह बैरक नंबर आठ व नौ पर लंबरदार की ड्यूटी कर रहा था। सूचना मिलते ही कारागार के अधिकारी वहां पहुंचे। इसके बाद सूचना उसके परिजन को दी गई।
मौके पर पहुंचे परिजन ने हत्या का आरोप लगाया। मृतक के भाई फिरोज खान का कहना था कि साजिद आत्महत्या नहीं कर सकता। मौके पर भी आत्महत्या जैसी स्थिति नहीं लग रही थी। मामले की जांच होनी चाहिए। इस मामले में दौ वार्डर को निलंबित कर दिया गया था। वहीं एक वार्डर की जांच चल रही थी।
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सिद्धदोष कैदी साजिद 2021 से जेल में निरुद्ध था। दुष्कर्म के मामले में उसे 10 साल तो पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल की सजा अदालत से सुनाई गई थी। मामले की प्रशासनिक व न्यायिक जांच कराई गई है। सभी जांचों की फाइल बनाकर डीआईजी जेल को दी गई। अब शासन स्तर पर मामला पहुंच गया है। वहां से जो भी आदेश आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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अमित चौधरी, जेल अधीक्षक
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मौके पर पहुंचे परिजन ने हत्या का आरोप लगाया। मृतक के भाई फिरोज खान का कहना था कि साजिद आत्महत्या नहीं कर सकता। मौके पर भी आत्महत्या जैसी स्थिति नहीं लग रही थी। मामले की जांच होनी चाहिए। इस मामले में दौ वार्डर को निलंबित कर दिया गया था। वहीं एक वार्डर की जांच चल रही थी।
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सिद्धदोष कैदी साजिद 2021 से जेल में निरुद्ध था। दुष्कर्म के मामले में उसे 10 साल तो पॉक्सो एक्ट के तहत 20 साल की सजा अदालत से सुनाई गई थी। मामले की प्रशासनिक व न्यायिक जांच कराई गई है। सभी जांचों की फाइल बनाकर डीआईजी जेल को दी गई। अब शासन स्तर पर मामला पहुंच गया है। वहां से जो भी आदेश आएगा, उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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अमित चौधरी, जेल अधीक्षक