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मासूम हत्याकांड: तीन दिन से रेकी कर रहा था युवक
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अवागढ़ में लोगों से घटना के संबंध में जानकारी करते सीओ इरफान नासिर ।संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। कपड़ा कारोबारी की मासूम बच्ची की हत्या के मामले में एक अज्ञात व्यक्ति से तार जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस युवक को तीन दिन से परिजनों की रेकी करते हुए देखा गया। घटना वाले दिन भी वह घर के सामने करीब एक घंटे तक खड़े होकर मोबाइल पर बातें करता रहा और उसने बच्ची के भाई का पीछा भी किया।
घटना के बाद से अब तक मासूम की हत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। परिजनों ने भी न तो किसी तरह के आरोप लगाए हैं और न ही किसी पर आशंका ही जताई है। जिसके लेकर ये हत्याकांड काफी उलझा हुआ नजर आ रहा है। उधर, व्यापारियों के आक्रोश से पुलिस के ऊपर जल्द खुुलासे का दबाव बना हुआ है। ऐेसे में पुलिस हर छोटी-बड़ी संभावनाओं को कड़ी के रूप में मामले से जोड़ रही है। परिवार के हर सदस्य से अलग-अलग बात की गई है।
वहीं, मासूम के साथ खेलने वाले अन्य बच्चों से भी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा चुकी है। इस बीच परिजनों की बातों में एक अहम बात सामने आई है। तीन दिन से करीब 20-25 उम्र का एक युवक हर दिन घर के बाहर आकर खड़ा होता था। मोबाइल से बातें करता था। 4 फरवरी को भी दिन में आकर घंटे भर खड़ा रहा था। मासूम से पहले उसका सात वर्षीय भाई घर से दुकान और वापस घर आया तो युवक ने पीछा किया। बाद में शाम के समय यह वारदात हो गई। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि घटना के लिए षड्यंत्र कई दिन से रचा जा रहा था। जिसके केंद्र में कपड़ा कारोबारी के बच्चे थे।
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घटना के बाद से अब तक मासूम की हत्या के पीछे के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं। परिजनों ने भी न तो किसी तरह के आरोप लगाए हैं और न ही किसी पर आशंका ही जताई है। जिसके लेकर ये हत्याकांड काफी उलझा हुआ नजर आ रहा है। उधर, व्यापारियों के आक्रोश से पुलिस के ऊपर जल्द खुुलासे का दबाव बना हुआ है। ऐेसे में पुलिस हर छोटी-बड़ी संभावनाओं को कड़ी के रूप में मामले से जोड़ रही है। परिवार के हर सदस्य से अलग-अलग बात की गई है।
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वहीं, मासूम के साथ खेलने वाले अन्य बच्चों से भी जानकारी हासिल करने की कोशिश की जा चुकी है। इस बीच परिजनों की बातों में एक अहम बात सामने आई है। तीन दिन से करीब 20-25 उम्र का एक युवक हर दिन घर के बाहर आकर खड़ा होता था। मोबाइल से बातें करता था। 4 फरवरी को भी दिन में आकर घंटे भर खड़ा रहा था। मासूम से पहले उसका सात वर्षीय भाई घर से दुकान और वापस घर आया तो युवक ने पीछा किया। बाद में शाम के समय यह वारदात हो गई। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि घटना के लिए षड्यंत्र कई दिन से रचा जा रहा था। जिसके केंद्र में कपड़ा कारोबारी के बच्चे थे।
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