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आयकर स्लैब में छूट सीमा न बढ़ने से निराशा
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Mon, 29 Feb 2016 11:02 PM IST
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वित्तमंत्री अरुण जेटली के बजट को आमजन ने संतुलित बताया। लोगों का कहना है कि हर वर्ग को बजट में कुछ न कुछ दिया जरूर गया है लेकिन जितनी उम्मीद थी उसके बहुत कम मिला है। आयकर में मिलने वाली छूट की सीमा न बढ़ने से नौकरीपेशा मायूस दिखे। उम्मीद थी बजट में वित्तमंत्री यह लाभ दे सकते हैं। लेकिन बजट में इस तरह की कोई घोषणा न होने से झटका लगा।
किसानों ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यदि बजट में हुई घोषणाएं धरातल पर उतरीं तो किसानों का भला होगा। किसानों ने कृषि और किसान कल्याण के अलावा सिंचाई, जैविक खाद, मृदा किसान कार्ड, फसल बीमा योजना, किसान बीमा योजना जैसी योजनाओं पर संतोष जताते हुए स्वागत योग्य कदम बताया है। वहीं व्यापारी वर्ग स्टार्टअप यूनिट लगाने पर छूट का स्वागत करते हुए बजट को किसान और मध्यवर्गीय लोगों के लिए बेहतर बताया है। कुछ व्यापारी बजट में हुई घोषाणाओं को केंद्र सरकार का जुमला बताते दिखाई दिए। चिकित्सकों ने बजट में जिला अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा मुहैया कराने की घोषणा का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों की माने तो इस बार अरुण जेटली के बजट में हर वर्ग को कुछ न कुछ मिला है, किसी को कम तो किसी को ज्यादा। इसके चलते ज्यादातर लोग केंद्र सरकार के आम बजट को संतुलित और दूरदर्शी बताते दिखाई दिए।
समाजसेवी निरुपमा वर्मा का कहना है कि अरुण जेटली का बजट दूरदर्शी और संतुलित है। ग्रामीण महिलाओं की किचिन के रसोई गैस सिलेंडर की सौगात दी है, लेकिन तंबाकू उत्पादों में से बीड़ी पर कर नहीं बढ़ाया है। बजट में बीड़ी पर भी कर बढ़ाना चाहिए था।
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व्यापारी दिनेश वार्ष्णेय ने कहा कि बजट मध्यमवर्ग और किसानाें के लिए आदर्श है। नए उद्योग लगाने पर उद्यमियों को मिलने वाली छूट केंद्र सरकार का स्वागत योग्य कदम है। बजट की घोषणाओं को अमली जामा पहनाया बहुत जरूरी है।
व्यापारी अजय चतुर्वेदी ने कहा आम बजट में हर वर्ग को कुछ न कुछ मिला है। लेकिन बजट में हुई घोषणाएं धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। किसानों और मध्यमवर्गीय लोगों के लिए बजट में दी गई सुविधाएं जुमला बन कर न रह जाएं।
नौकरी पेशा अनूप दुबे ने कहा कि आम बजट में आयकर सीमा बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन कुछ नहीं मिला। पांच लाख आय वालों को कर में तीन हजार की छूट, मकान किराया सीमा 60 हजार रुपये तक करना स्वागत योग्य है।
ग्राम प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र यादव ने कहा कि आम बजट में इस बार किसानों को मालामाल करने वाली घोषणाएं हुईं हैं। व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों को कई प्रकार की छूट देकर संतुलन और दूरदर्शिता का परिचय दिया गया है।
आईएमए अध्यक्ष डा. राजेश सक्सेना ने कहा कि अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा महज जुमला है। जिस देश के जिला अस्पताल में जनरल फिजीयशन उपलब्ध नहीं हैं, वहां डायलिसिस सुविधा की घोषणा मात्र घोषणा बन कर रह जाएगी।
इस बार मोदी सरकार के आम बजट से लोगों को अच्छे दिनों की उम्मीद थी लेकिन आमजनों के लिए कोई खास राहत भरी घोषणा न होने से मायूसी मिली। लोगों ने कहा कि सर्विस टैक्स बढ़ाने से महंगाई और बढ़ेगी। वित्तमंत्री का भाषण शुरू होते ही लोग टीवी पर बजट भाषण सुनने लगे। जब उन्हें कुछ खास नहीं मिला तो मायूस होने लगे। इनकम टैक्स के स्लैब में लोगों को बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया। किसानों के लिए इस बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान सामने आए। जिनकी किसानों ने सराहना की।
किसान पप्पू का कहना है कि बजट में खेती किसानी पर अधिक जोर दिया गया है। दलहन फसलों को सरकार प्रोत्साहित करेगी। इससे दलहन फसलों का उत्पादन बढ़ेगा।
वहीं मनरेगा में बजट बढ़ाने पर मनरेगा मजदूर सत्यपाल ने कहा कि बजट बढ़ने से अधिक श्रमिक दिवस सृजित होंगे इससे मजदूरों को लाभ मिलेगा।
भाजपा बुद्धजीवी प्रकोष्ठ के डा. अशोक अग्रवाल ने कहा कि बजट में पहले तीन साल तक नए कर्मचारियों ईपीएफ का हिस्सा देंगी। इसके लिए एक हजार करोड़ के फंड का प्रावधान किया है। स्कूल कालेज में डिजीटल सर्टिफिकेट दिए जाने का कदम भी सराहनीय है।
व्यापारी नेता अमित पल्तानी ने कहा कि तंबाकू उत्पाद शुल्क का बढ़ाया जाना गलत है। क्योंकि हर बजट में उत्पाद शुल्क बढ़ा दी जाती है। जिससे तंबाकू उद्योग प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सर्विस टैक्स गलत बताया, इससे जरूरी सेवाएं और महंगी हो जाएंगी।
मोदी सरकार फेल - देवेंद्र
कासगंज। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पूर्व सांसद डा. कुंवर देवेंद्र सिंह यादव का कहना है कि मोदी सरकार हर क्षेत्र में फेल हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी बजट की परीक्षा भी फेल हो गए हैं। आम बजट में जनता के लिए कोई राहत नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े प्रावधान नहीं किए गए। यह बजट कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाला बजट है।
बजट में कुछ भी नहीं - शशिलता
कासगंज। मोदी सरकार का यह बजट जनता के लिए छलावा है। आयकर की सीमा नहीं बढ़ाई गई, सर्विस टैक्स में कमी के बजाय बढ़ाया गया, अंतर्राष्ट्रीय कीमत में सस्ता होने पर भी पेट्रोलियम पदार्थों पर कोई राहत नहीं दी गई। गरीब परिवारों को रसाई गैस पानी के लिए दो साल अभी और इंतजार करना होगा।
पुरानी बोतल में नई शराब - नाशी खान
कासगंज। पैकफेड डायरेक्टर नाशीखान फैरी ने कहा कि मोदी का बजट पुरानी बोतल में नई शराब जैसा है। बजट में कुछ खास नहीं है। बजट में सर्विस टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे महंगाई बढ़ेगी। आम और गरीब आदमी के लिए बजट कोरा है। बजट में कहीं भी कोई ठोस प्रावधान नहीं हैं।
हर वर्ग का रखा ख्याल - रजनीकांत
कासगंज। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी ने कहा कि मोदी सरकार का बजट ऐतिहासिक है। गरीब, किसान, मजदूर, उद्योग सभी का इस बजट में ध्यान रखा गया है। हर जिला अस्पताल में डायलिस की व्यवस्था कायम होगी। 2018 तक हर गांव में बिजली पहुंचेगी। होम लोन में ब्याज की छूट मिलेगी। ऐसे अनेकों प्रावधान बजट में हैं। शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रावधान बजट में हैं।
आयकर दाताओं की उम्मीदों पर फिरा पानी - प्रदीप, सीए
कासगंज। वित्त विशेषज्ञ एवं चार्टेट एकाउंटेंट प्रदीप अग्रवाल ने जेटली के बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आयकरदाताओं की उम्मीदों पर बजट खरा नहीं उतरा है और मध्यम वर्ग को भी कोई लाभ नहीं मिला है। स्लैब बढ़ने की उम्मीद थी। गत दो वर्षों से स्लैब न बढ़ाए जाने से आयकर दाता निराश हुए। केवल धारा 87ए के तहत सीमांत कर दाताओं को जिनकी आय पांच लाख से कम है की छूट में वृद्धि की गई है। वित्तमंत्री ने खाता न रखने वाले व्यापारियों को खुशखबरी देते हुए उनके टर्न ओवर की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ दी है।
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किसानों ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि यदि बजट में हुई घोषणाएं धरातल पर उतरीं तो किसानों का भला होगा। किसानों ने कृषि और किसान कल्याण के अलावा सिंचाई, जैविक खाद, मृदा किसान कार्ड, फसल बीमा योजना, किसान बीमा योजना जैसी योजनाओं पर संतोष जताते हुए स्वागत योग्य कदम बताया है। वहीं व्यापारी वर्ग स्टार्टअप यूनिट लगाने पर छूट का स्वागत करते हुए बजट को किसान और मध्यवर्गीय लोगों के लिए बेहतर बताया है। कुछ व्यापारी बजट में हुई घोषाणाओं को केंद्र सरकार का जुमला बताते दिखाई दिए। चिकित्सकों ने बजट में जिला अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा मुहैया कराने की घोषणा का स्वागत किया है। स्थानीय लोगों की माने तो इस बार अरुण जेटली के बजट में हर वर्ग को कुछ न कुछ मिला है, किसी को कम तो किसी को ज्यादा। इसके चलते ज्यादातर लोग केंद्र सरकार के आम बजट को संतुलित और दूरदर्शी बताते दिखाई दिए।
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समाजसेवी निरुपमा वर्मा का कहना है कि अरुण जेटली का बजट दूरदर्शी और संतुलित है। ग्रामीण महिलाओं की किचिन के रसोई गैस सिलेंडर की सौगात दी है, लेकिन तंबाकू उत्पादों में से बीड़ी पर कर नहीं बढ़ाया है। बजट में बीड़ी पर भी कर बढ़ाना चाहिए था।
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व्यापारी दिनेश वार्ष्णेय ने कहा कि बजट मध्यमवर्ग और किसानाें के लिए आदर्श है। नए उद्योग लगाने पर उद्यमियों को मिलने वाली छूट केंद्र सरकार का स्वागत योग्य कदम है। बजट की घोषणाओं को अमली जामा पहनाया बहुत जरूरी है।
व्यापारी अजय चतुर्वेदी ने कहा आम बजट में हर वर्ग को कुछ न कुछ मिला है। लेकिन बजट में हुई घोषणाएं धरातल पर दिखाई देनी चाहिए। किसानों और मध्यमवर्गीय लोगों के लिए बजट में दी गई सुविधाएं जुमला बन कर न रह जाएं।
नौकरी पेशा अनूप दुबे ने कहा कि आम बजट में आयकर सीमा बढ़ने की उम्मीद थी, लेकिन कुछ नहीं मिला। पांच लाख आय वालों को कर में तीन हजार की छूट, मकान किराया सीमा 60 हजार रुपये तक करना स्वागत योग्य है।
ग्राम प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष भूपेंद्र यादव ने कहा कि आम बजट में इस बार किसानों को मालामाल करने वाली घोषणाएं हुईं हैं। व्यापारियों, नौकरीपेशा लोगों को कई प्रकार की छूट देकर संतुलन और दूरदर्शिता का परिचय दिया गया है।
आईएमए अध्यक्ष डा. राजेश सक्सेना ने कहा कि अस्पतालों में डायलिसिस सुविधा महज जुमला है। जिस देश के जिला अस्पताल में जनरल फिजीयशन उपलब्ध नहीं हैं, वहां डायलिसिस सुविधा की घोषणा मात्र घोषणा बन कर रह जाएगी।
इस बार मोदी सरकार के आम बजट से लोगों को अच्छे दिनों की उम्मीद थी लेकिन आमजनों के लिए कोई खास राहत भरी घोषणा न होने से मायूसी मिली। लोगों ने कहा कि सर्विस टैक्स बढ़ाने से महंगाई और बढ़ेगी। वित्तमंत्री का भाषण शुरू होते ही लोग टीवी पर बजट भाषण सुनने लगे। जब उन्हें कुछ खास नहीं मिला तो मायूस होने लगे। इनकम टैक्स के स्लैब में लोगों को बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन सरकार ने इनकम टैक्स के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया। किसानों के लिए इस बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान सामने आए। जिनकी किसानों ने सराहना की।
किसान पप्पू का कहना है कि बजट में खेती किसानी पर अधिक जोर दिया गया है। दलहन फसलों को सरकार प्रोत्साहित करेगी। इससे दलहन फसलों का उत्पादन बढ़ेगा।
वहीं मनरेगा में बजट बढ़ाने पर मनरेगा मजदूर सत्यपाल ने कहा कि बजट बढ़ने से अधिक श्रमिक दिवस सृजित होंगे इससे मजदूरों को लाभ मिलेगा।
भाजपा बुद्धजीवी प्रकोष्ठ के डा. अशोक अग्रवाल ने कहा कि बजट में पहले तीन साल तक नए कर्मचारियों ईपीएफ का हिस्सा देंगी। इसके लिए एक हजार करोड़ के फंड का प्रावधान किया है। स्कूल कालेज में डिजीटल सर्टिफिकेट दिए जाने का कदम भी सराहनीय है।
व्यापारी नेता अमित पल्तानी ने कहा कि तंबाकू उत्पाद शुल्क का बढ़ाया जाना गलत है। क्योंकि हर बजट में उत्पाद शुल्क बढ़ा दी जाती है। जिससे तंबाकू उद्योग प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सर्विस टैक्स गलत बताया, इससे जरूरी सेवाएं और महंगी हो जाएंगी।
मोदी सरकार फेल - देवेंद्र
कासगंज। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष पूर्व सांसद डा. कुंवर देवेंद्र सिंह यादव का कहना है कि मोदी सरकार हर क्षेत्र में फेल हो रही है। प्रधानमंत्री मोदी बजट की परीक्षा भी फेल हो गए हैं। आम बजट में जनता के लिए कोई राहत नहीं है। शिक्षा, स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी बड़े प्रावधान नहीं किए गए। यह बजट कारपोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने वाला बजट है।
बजट में कुछ भी नहीं - शशिलता
कासगंज। मोदी सरकार का यह बजट जनता के लिए छलावा है। आयकर की सीमा नहीं बढ़ाई गई, सर्विस टैक्स में कमी के बजाय बढ़ाया गया, अंतर्राष्ट्रीय कीमत में सस्ता होने पर भी पेट्रोलियम पदार्थों पर कोई राहत नहीं दी गई। गरीब परिवारों को रसाई गैस पानी के लिए दो साल अभी और इंतजार करना होगा।
पुरानी बोतल में नई शराब - नाशी खान
कासगंज। पैकफेड डायरेक्टर नाशीखान फैरी ने कहा कि मोदी का बजट पुरानी बोतल में नई शराब जैसा है। बजट में कुछ खास नहीं है। बजट में सर्विस टैक्स बढ़ाया गया है, जिससे महंगाई बढ़ेगी। आम और गरीब आदमी के लिए बजट कोरा है। बजट में कहीं भी कोई ठोस प्रावधान नहीं हैं।
हर वर्ग का रखा ख्याल - रजनीकांत
कासगंज। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष रजनीकांत माहेश्वरी ने कहा कि मोदी सरकार का बजट ऐतिहासिक है। गरीब, किसान, मजदूर, उद्योग सभी का इस बजट में ध्यान रखा गया है। हर जिला अस्पताल में डायलिस की व्यवस्था कायम होगी। 2018 तक हर गांव में बिजली पहुंचेगी। होम लोन में ब्याज की छूट मिलेगी। ऐसे अनेकों प्रावधान बजट में हैं। शिक्षा व स्वास्थ्य के लिए विशेष प्रावधान बजट में हैं।
आयकर दाताओं की उम्मीदों पर फिरा पानी - प्रदीप, सीए
कासगंज। वित्त विशेषज्ञ एवं चार्टेट एकाउंटेंट प्रदीप अग्रवाल ने जेटली के बजट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आयकरदाताओं की उम्मीदों पर बजट खरा नहीं उतरा है और मध्यम वर्ग को भी कोई लाभ नहीं मिला है। स्लैब बढ़ने की उम्मीद थी। गत दो वर्षों से स्लैब न बढ़ाए जाने से आयकर दाता निराश हुए। केवल धारा 87ए के तहत सीमांत कर दाताओं को जिनकी आय पांच लाख से कम है की छूट में वृद्धि की गई है। वित्तमंत्री ने खाता न रखने वाले व्यापारियों को खुशखबरी देते हुए उनके टर्न ओवर की सीमा एक करोड़ से बढ़ाकर दो करोड़ दी है।