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Etah News: अवैध होर्डिंग्स का फैलाव, सुरक्षा मानकों की खुलेआम धज्जियां
Sun, 08 Feb 2026 02:32 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 08 Feb 2026 02:32 AM IST
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एटा। होर्डिंग्स लगाने के नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित हैं। नगर पालिका की अनुमति के बिना चारों ओर अवैध होर्डिंग्स का जाल फैल चुका है। इस वजह से जहां पालिका के राजस्व को भारी क्षति हो रही है, वहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी सड़क हादसों का नया कारण बनती जा रही है।नगर पालिका ने शहर में 100 स्थानों को होर्डिंग के लिए अधिकृत घोषित कर रखा है। इनसे पालिका को सालाना करीब दो लाख रुपये का राजस्व मिलता है। निर्धारित दर 1.50 रुपये प्रति वर्गफीट है। समस्या यह है कि इन अनुमति प्राप्त स्थानों के अलावा 50 से अधिक जगहों पर अवैध रूप से होर्डिंग्स टंगे हैं। सबसे चिंताजनक तथ्य यह कि कई वैध होर्डिंग्स में भी सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा। बांस और बल्लियों के सहारे लगाए गए ये बोर्ड तेज हवा में डगमगा जाते हैं जो राहगीरों के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। जीटी रोड, हाथी गेट, निधौली रोड, आगरा मार्ग व मेडिकल कॉलेज के आसपास अवैध होर्डिंग्स की भरमार है। यदि शहर में लगे सभी विज्ञापन बोर्डों से नियम अनुसार शुल्क वसूला जाए तो पालिका का राजस्व लाखों रुपये तक बढ़ सकता है।
न्यायालय की रोक के बावजूद यूनिपोल पर जारी है प्रचार
एटा। शहर में लगाए गए 11 यूनिपोल एक बार फिर चर्चा में हैं। इन यूनिपोल का टेंडर आगरा की एक निजी फर्म को दिया गया था जिसके आधार पर इन पर प्रचार-प्रसार की अनुमति दी गई थी। लेकिन न्यायालय द्वारा स्पष्ट रूप से रोक लगाए जाने के बावजूद भी यूनिपोल पर विज्ञापन जारी हैं। संबंधित एजेंसी शहर में लगे सभी यूनिपोल पर विभिन्न कंपनियों व संस्थाओं के विज्ञापन प्रदर्शित करा रही है। इससे प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी और नियमों के उल्लंघन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि जब न्यायालय ने रोक लगा दी है तो इन यूनिपोल पर किसी भी प्रकार का प्रचार-प्रसार नहीं होना चाहिए। वहीं जिम्मेदार विभागीय अधिकारी मामले में टिप्पणी करने से बचते दिखे।
शहर में लगे सभी अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। - निहाल सिंह, ईओ नगरपालिका
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न्यायालय की रोक के बावजूद यूनिपोल पर जारी है प्रचार
एटा। शहर में लगाए गए 11 यूनिपोल एक बार फिर चर्चा में हैं। इन यूनिपोल का टेंडर आगरा की एक निजी फर्म को दिया गया था जिसके आधार पर इन पर प्रचार-प्रसार की अनुमति दी गई थी। लेकिन न्यायालय द्वारा स्पष्ट रूप से रोक लगाए जाने के बावजूद भी यूनिपोल पर विज्ञापन जारी हैं। संबंधित एजेंसी शहर में लगे सभी यूनिपोल पर विभिन्न कंपनियों व संस्थाओं के विज्ञापन प्रदर्शित करा रही है। इससे प्रशासनिक आदेशों की अनदेखी और नियमों के उल्लंघन को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों ने कहा कि जब न्यायालय ने रोक लगा दी है तो इन यूनिपोल पर किसी भी प्रकार का प्रचार-प्रसार नहीं होना चाहिए। वहीं जिम्मेदार विभागीय अधिकारी मामले में टिप्पणी करने से बचते दिखे।
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शहर में लगे सभी अवैध होर्डिंग्स के खिलाफ जल्द ही अभियान चलाया जाएगा। - निहाल सिंह, ईओ नगरपालिका