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Etah News: युद्ध नहीं जिनके जीवन में वे भी बड़े अभागे होंगे...
Mon, 03 Feb 2025 11:06 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 03 Feb 2025 11:06 PM IST
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एटा महोत्सव में कवि सम्मेलन में मौजूद पूर्व सांसद, विधायक, डीएम, एसएसपी।
- फोटो : एटा महोत्सव में कवि सम्मेलन में मौजूद पूर्व सांसद, विधायक, डीएम, एसएसपी।
एटा। राजकीय जिला कृषि एवं औद्योगिक विकास प्रदर्शनी एटा महोत्सव के पंडाल में रविवार रात अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कई जिलों और प्रदेशों से आए कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। देर रात तक काव्य की बयार बहती रही।
कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने फीता काटकर किया। जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह, मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन कवि चिराग जैन ने किया। कवियों व कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को देर रात तक कुर्सियों पर जमे रहने को मजबूर कर दिया। कवियों ने हास्य-व्यंग्य, ओज, श्रृंगार रस आदि के माध्यम से श्रोताओं को बांधे रखा। आगरा से आईं कवियत्री ममता शर्मा ने सुनाया, खुद से डरना बहुत जरूरी है, जीकर मरना बहुत जरूरी है।
श्रृंगार एवं हास्य कवि बलराम श्रीवास्तव ने पढ़ा, बेटियां तो अंधेरी जिंदगी में दीपिकाएं हैं, किसी वेद मंदिर की सुमंगल प्रार्थनाएं हैं। डॉ. वंदना शुक्ला ने सुनाया, आपकी राह में फूल बिछ जाएंगे, गैर के राह के शूल चुन लीजिए। चिराग जैन ने सुनाया, भाई के तन से लिपट-लिपट राघव का रोम-रोम रोया। एएसडीएम राजकुमार मौर्य, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, विजेंद्र गुप्ता, आदर्श मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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कार्यक्रम का शुभारंभ पूर्व सांसद राजवीर सिंह राजू भैया ने फीता काटकर किया। जिलाधिकारी प्रेमरंजन सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्याम नारायण सिंह, मारहरा विधायक वीरेंद्र सिंह लोधी दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम का संचालन कवि चिराग जैन ने किया। कवियों व कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से श्रोताओं को देर रात तक कुर्सियों पर जमे रहने को मजबूर कर दिया। कवियों ने हास्य-व्यंग्य, ओज, श्रृंगार रस आदि के माध्यम से श्रोताओं को बांधे रखा। आगरा से आईं कवियत्री ममता शर्मा ने सुनाया, खुद से डरना बहुत जरूरी है, जीकर मरना बहुत जरूरी है।
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श्रृंगार एवं हास्य कवि बलराम श्रीवास्तव ने पढ़ा, बेटियां तो अंधेरी जिंदगी में दीपिकाएं हैं, किसी वेद मंदिर की सुमंगल प्रार्थनाएं हैं। डॉ. वंदना शुक्ला ने सुनाया, आपकी राह में फूल बिछ जाएंगे, गैर के राह के शूल चुन लीजिए। चिराग जैन ने सुनाया, भाई के तन से लिपट-लिपट राघव का रोम-रोम रोया। एएसडीएम राजकुमार मौर्य, ज्ञानेंद्र श्रीवास्तव, विजेंद्र गुप्ता, आदर्श मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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