{"_id":"579b587a4f1c1beb3f21e0a6","slug":"hundred-million-transactions-in-banks-affected-by-strike","type":"story","status":"publish","title_hn":"बैंकों में हड़ताल से सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बैंकों में हड़ताल से सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Fri, 29 Jul 2016 09:47 PM IST
विज्ञापन
बैंकों में हड़ताल से सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्रम विरोधी नीतियों, बैंकों का विलय और आउटसोर्सिंग के विरोध में शुक्रवार को जिले की 320 बैंक शाखाओं के कर्मचारी हड़ताल रहे। लामबंद कर्मचारियों ने जिला मुख्यालय पर लामबंद होकर केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन और नारेबाजी कर आक्रोश जताया। हड़ताल के कारण जिले में करीब 100 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होने से कारोबारियों और ग्राहकों के करोड़ों के चेक क्लियरेंस में फंसने से परेशानी का सामना करना पड़। शुक्रवार को केवल निजी बैंक की चार शाखाओं में कामकाज होता दिखाई दिया।
जिले की राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं के कर्मचारियों ने शुक्रवार को भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव धर्मेंद्र सिंह चंदवरिया के नेतृत्व में हड़ताल पर रह कर जिला मुख्यालय पर केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। चंदवरिया ने बताया कि हड़ताल का मुख्य कारण श्रम विरोधी नीतियों के अलावा आउसोसिंग और स्टेट बैंक के सहयोगी बैंक स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ ट्रैवनकोर और स्टेट बैंक ऑफ मैसूर का विलय का विलय करना है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण शुक्रवार को जिले की 320 राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाएं बंद होने के कारण करीब सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित होने के अलावा बीस करोड़ रुपये के चेक क्लियरेंस में फंसने से कारोबारियों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कृपाल सिंह यादव, राजेश बघेल, बलवीर सिंह, मोहित, रवींद्र कुमार, अनिल गार्ड, विनोद पचौरी, प्रमोद पचौरी, सुधीर जैन, जेपी गौड़, नरेश दिवाकर, बलवीर सिंह, दिनेश प्रकाश, कालीचरन, रामबाबू, प्रेमपाल, नेकसेलाल समेत अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
एटीएम में कैश हुआ खत्म
राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शुक्रवार को नगर के ज्यादातर बैंकों की एटीएम मशीनों में कैश खत्म हो गया। इसके चलते ग्राहक दिनभर एक से दूसरे एटीएम सेंटर के चक्कर लगाते दिखाई दिए। शाम तीन बजे निजी बैंकों के एटीएम ने भी कैश उगलना बंद कर दिया। इसके चलते ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले की राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाओं के कर्मचारियों ने शुक्रवार को भारतीय स्टेट बैंक स्टाफ एसोसिएशन के क्षेत्रीय सचिव धर्मेंद्र सिंह चंदवरिया के नेतृत्व में हड़ताल पर रह कर जिला मुख्यालय पर केंद्र सरकार के विरोध में प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। चंदवरिया ने बताया कि हड़ताल का मुख्य कारण श्रम विरोधी नीतियों के अलावा आउसोसिंग और स्टेट बैंक के सहयोगी बैंक स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर, स्टेट बैंक ऑफ पटियाला, स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद, स्टेट बैंक ऑफ ट्रैवनकोर और स्टेट बैंक ऑफ मैसूर का विलय का विलय करना है। कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने के कारण शुक्रवार को जिले की 320 राष्ट्रीयकृत बैंक शाखाएं बंद होने के कारण करीब सौ करोड़ का लेनदेन प्रभावित होने के अलावा बीस करोड़ रुपये के चेक क्लियरेंस में फंसने से कारोबारियों और ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कृपाल सिंह यादव, राजेश बघेल, बलवीर सिंह, मोहित, रवींद्र कुमार, अनिल गार्ड, विनोद पचौरी, प्रमोद पचौरी, सुधीर जैन, जेपी गौड़, नरेश दिवाकर, बलवीर सिंह, दिनेश प्रकाश, कालीचरन, रामबाबू, प्रेमपाल, नेकसेलाल समेत अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
एटीएम में कैश हुआ खत्म
राष्ट्रीयकृत बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के बीच शुक्रवार को नगर के ज्यादातर बैंकों की एटीएम मशीनों में कैश खत्म हो गया। इसके चलते ग्राहक दिनभर एक से दूसरे एटीएम सेंटर के चक्कर लगाते दिखाई दिए। शाम तीन बजे निजी बैंकों के एटीएम ने भी कैश उगलना बंद कर दिया। इसके चलते ग्राहकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन