{"_id":"583888b34f1c1b042a13b71e","slug":"hundred-and-fifty-years-old-pipeline-was-in-camp","type":"story","status":"publish","title_hn":"छावनी में मिली डेढ़ सौ साल पुरानी पाइप लाइन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छावनी में मिली डेढ़ सौ साल पुरानी पाइप लाइन
Updated Sat, 26 Nov 2016 12:28 AM IST
विज्ञापन
छावनी में मिली डेढ़ सौ साल पुरानी पाइप लाइन
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्रिटीश फौज का पड़ाव रहे गांव छावनी में भट्ठा की ईंट पथाई के लिए मिट्टी की खुदाई करते समय एक खेत से डेढ़ सौ साल पुरानी पाइप लाइन मिली है। खेत स्वामी ने पाइप लाइन के टुकड़ों को काटकर अपने कब्जे में ले लिया है।
समीपवर्ती गांव छावनी का अपने आप में पुरातत्व महत्व है। 1857 के आजादी आंदोलन के समय यह गांव सेना की छावनी रहा है। इस गांव में एक स्मारक भी बना हुआ है। जो आज पुरातत्व विभाग की उदासीनता का शिकार है। इसके रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। गांव के ही रहने वाले लक्ष्मण का इस स्मारक के समीप खेत हैं। इस खेत को उसने गांव के ईट भट्ठा संचालक को मिट्टी की खुदाई के लिए दे दिया। खेत की जब खुदाई की जा रही थी। उसी समय पाइप का टुकड़ा दिखाई दिया। खेत की खुदाई बढ़ती गई उसमें से पाइप लाइन दिखाई देने लगी। खेत के काफी बढ़े हिस्से में पाइप लाइन मिली। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। खेत स्वामी ने पाइप लाइन के टुकड़ों को कटवाकर अपने कब्जे में ले लिया। ग्रामीण मानते हैं कि यदि आसपास के खेतों में और खुदाई कराई जाए तो यहां पर और भी पाइप लाइन निकल सकती है।
18 साल पहले मिल चुका है मूर्ति का सिर
ग्राम छावनी में 18 साल पहले भगवान बुद्ध की मूर्ति का सिर मिल चुका है। यह सिर अष्टधातु का बताया गया। इस सिर को संग्रहालय में सुरक्षित रखने को दे दिया गया। यह स्थल भी इसी खेत के समीप में ही है।
विज्ञापन
गावं छावनी में पुराने कुएं हैं। शायद इन कुओं से पानी की निकासी आदि के लिए यह पाइप लाइन बिछाई गई होगी ताकि सेना के लोगों के लिए पानी की व्यवस्था हो सके। रेशमा देवी निवासी छावनी
जब खेत की खुदाई की जा रही थी उसी समय खेत में पाइप लाइन दिखाई दी। यह पाइप लाइन काफी बढ़े हिस्से में निकली। मुलायम सिंह मजदूर
खेत में एक पुराना कुआं भी खुदाई के समय दिखाई दिया। यह पाइप लाइन इसी कुएं से जुड़ी हुई निकली है। राम सिंह मजदूर
गांव में खुदाई में पाइप लाइन मिलने की जानकारी उनको मिली है। ढोलना पुलिस को पाइपों को कब्जे में लेने के निर्देश दे दिए गए हैं। के विजियेंद्र पांडियन डीएम कासगंज
विज्ञापन
समीपवर्ती गांव छावनी का अपने आप में पुरातत्व महत्व है। 1857 के आजादी आंदोलन के समय यह गांव सेना की छावनी रहा है। इस गांव में एक स्मारक भी बना हुआ है। जो आज पुरातत्व विभाग की उदासीनता का शिकार है। इसके रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। गांव के ही रहने वाले लक्ष्मण का इस स्मारक के समीप खेत हैं। इस खेत को उसने गांव के ईट भट्ठा संचालक को मिट्टी की खुदाई के लिए दे दिया। खेत की जब खुदाई की जा रही थी। उसी समय पाइप का टुकड़ा दिखाई दिया। खेत की खुदाई बढ़ती गई उसमें से पाइप लाइन दिखाई देने लगी। खेत के काफी बढ़े हिस्से में पाइप लाइन मिली। इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई तो काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। खेत स्वामी ने पाइप लाइन के टुकड़ों को कटवाकर अपने कब्जे में ले लिया। ग्रामीण मानते हैं कि यदि आसपास के खेतों में और खुदाई कराई जाए तो यहां पर और भी पाइप लाइन निकल सकती है।
विज्ञापन
18 साल पहले मिल चुका है मूर्ति का सिर
ग्राम छावनी में 18 साल पहले भगवान बुद्ध की मूर्ति का सिर मिल चुका है। यह सिर अष्टधातु का बताया गया। इस सिर को संग्रहालय में सुरक्षित रखने को दे दिया गया। यह स्थल भी इसी खेत के समीप में ही है।
विज्ञापन
गावं छावनी में पुराने कुएं हैं। शायद इन कुओं से पानी की निकासी आदि के लिए यह पाइप लाइन बिछाई गई होगी ताकि सेना के लोगों के लिए पानी की व्यवस्था हो सके। रेशमा देवी निवासी छावनी
जब खेत की खुदाई की जा रही थी उसी समय खेत में पाइप लाइन दिखाई दी। यह पाइप लाइन काफी बढ़े हिस्से में निकली। मुलायम सिंह मजदूर
खेत में एक पुराना कुआं भी खुदाई के समय दिखाई दिया। यह पाइप लाइन इसी कुएं से जुड़ी हुई निकली है। राम सिंह मजदूर
गांव में खुदाई में पाइप लाइन मिलने की जानकारी उनको मिली है। ढोलना पुलिस को पाइपों को कब्जे में लेने के निर्देश दे दिए गए हैं। के विजियेंद्र पांडियन डीएम कासगंज