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बारिश से जनजीवन प्रभावित, बालक की मौत
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Sun, 12 Jul 2015 10:41 PM IST
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दो दिनों से लगातार हो रही बरसात लोगों पर भारी पड़ रही है। जनजीवन प्रभावित हो रहा है। गली मोहल्लों में ही नहीं सड़कों पर पानी भरा है। नाले नालियां लबालब हैं। रविवार को रुक रुककर हुई बारिश से रास्तों पर फिसलन और बढ़ गई। मारहरा थाना क्षेत्र के गांव मुईउददीनपुर में मकान का छज्जा गिरने से एक बालक की मौके पर ही मौत हो गई। दो बच्चों को गंभीर चोटें आयी हैं।
शुक्रवार को शुरू हुई बारिश रविवार तक जारी है। बारिश के साथ जहां गरमी से राहत मिली वहीं लगातार बरसात से जनजीवन प्रभावित है। लगातार हो रही बारिश जानलेवा बन रही है। मारहरा थाना क्षेत्र के गांव मुईउददीनपुर में लगातार हो रही बारिश के चलते गिरे छज्जे ने एक बच्चे की जान ले ली वहीं दो घायल हो गए। घटना के अनुसार दिन में लगभग पौने दो बजे कुछ बच्चे अनिल कुमार के मकान के छज्जे के नीचे खेल रहे थे। तभी अचानक छज्जा गिर गया। जिसमें सनी पुत्र अनिल कुमार, नीतू पुत्र रामकिशोर और नागेश पुत्र अनिल कुमार छज्जे के नीचे दब गए। घटना से हड़कंप मच गया। आनन फानन में ग्रामीणों ने बच्चों को निकाला, लेकिन तब तक नीतू (12) की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों को प्राइवेट चिकित्सकों के यहां भर्ती कराया है। घटना की सूचना पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी। ग्रामीणों के अनुसार लगातार हो रही बारिश के चलते यह हादसा हुआ है।
उधर रविवार को भी रुक रुक कर बारिश जारी रही। आकाश में छाए बादलों ने दोपहर तक सूर्य देव के दर्शन नहीं होने दिए। तापमान में भी गिरावट रही। शनिवार की रात तेज हवाओं के साथ हुई बरसात से पेड़ और होर्डिंग आदि के गिरने की खबरें हैं। ग्रामीण अंचल में विद्युत तार टूटने एवं विद्युत खंबों के गिरने से आपूर्ति प्रभावित रही। बारिश के दौरान ग्रामीण अंचल की आपूर्ति काट दी गई। वहीं शहर को भी रोस्टर के अनुसार आपूर्ति नहीं मिल सकी।
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दो मकान ढह गए
मिरहची के मोहल्ला जोगियान में शनिवार की रात्रि को तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश से राजेंद्र प्रसाद गुप्ता का खाली पड़ा मकान ढह गया। वहीं इसी मोहल्ले में निवास कर रहे रमेश चन्द्र कश्यप का कच्चा कमरा भी बारिश के चलते गिर गया। गनीमत यह रही कि रात्रि के समय रमेश के परिवारीजन कच्चे में न सोकर दूसरे कमरे में सो रहे थे। इस लिए कमरे में रखा सामान कपडे़, बर्तन और चारपाई आदि दब कर टूट गयी।
खरीफ की अच्छी पैदावार की उम्मीद, धान की रोपाई तेज
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। मानसून की मेहरबानी से किसानों में उत्साह है। खरीफ की अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ी हैं। साथ ही धान की रौपाई तेज होगी।
वहीं लगातार दो दिन से हो रही बारिश से उन किसानों की मुसीबतें बढ़ गई हैं, जिन्होंने हाल ही में मक्का बाजरा की बुुवाई की है। खेतों में पानी भरने से नुकसान का संकट गहराने लगा है। कृषि विशेषज्ञ एवं किसानों की मानें तो अभी नुकसान नहीं है लेकिन यदि आने वाले दिनों में भी ऐसा ही रहा तो नुकसान बढ़ेगा। मौसम विभाग द्वारा सोमवार तक बरसात की भविष्यवाणी से उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं।
बता दें कि मानसून के आने से पहले इसके कमजोर रहने के कयास लगाए जा थे, लेकिन अचानक मजबूती के साथ बरसे मानसून ने किसानों के साथ-साथ कृषि विभाग की भी प्लानिंग को बदल दिया। मानसून की पहली बरसात के बाद किसानों ने खरीफ की तैयारियां तेज कर दी थीं। इसके बाद जिले में मक्का की बुवाई शुरू हो गई, लेकिन जिन किसानों ने दो-तीन दिन पूर्व मक्का या बाजरा की फसल बोई है, अब उनके सामने दिक्कतें आ गई हैं। वे मौसम के जल्द साफ होने की उम्मीद लगाए हैं। खेतों में पानी भर जाने से फसल के उपजने में दिक्कत होगी।
कृषि विशेषज्ञ सुधीर तौमर ने बताया कि हाल ही में बोई गई फसल का उपजना मुश्किल है। जिन खेतों में मक्का उपज आई है, उनके लिए यह बरसात वरदान साबित हो रही है। जिले में कुछ किसानों ने बाजरा की अगैती बुवाई कर दी थी।
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शुक्रवार को शुरू हुई बारिश रविवार तक जारी है। बारिश के साथ जहां गरमी से राहत मिली वहीं लगातार बरसात से जनजीवन प्रभावित है। लगातार हो रही बारिश जानलेवा बन रही है। मारहरा थाना क्षेत्र के गांव मुईउददीनपुर में लगातार हो रही बारिश के चलते गिरे छज्जे ने एक बच्चे की जान ले ली वहीं दो घायल हो गए। घटना के अनुसार दिन में लगभग पौने दो बजे कुछ बच्चे अनिल कुमार के मकान के छज्जे के नीचे खेल रहे थे। तभी अचानक छज्जा गिर गया। जिसमें सनी पुत्र अनिल कुमार, नीतू पुत्र रामकिशोर और नागेश पुत्र अनिल कुमार छज्जे के नीचे दब गए। घटना से हड़कंप मच गया। आनन फानन में ग्रामीणों ने बच्चों को निकाला, लेकिन तब तक नीतू (12) की मौके पर ही मौत हो गई। अन्य घायलों को प्राइवेट चिकित्सकों के यहां भर्ती कराया है। घटना की सूचना पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच चुकी थी। ग्रामीणों के अनुसार लगातार हो रही बारिश के चलते यह हादसा हुआ है।
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उधर रविवार को भी रुक रुक कर बारिश जारी रही। आकाश में छाए बादलों ने दोपहर तक सूर्य देव के दर्शन नहीं होने दिए। तापमान में भी गिरावट रही। शनिवार की रात तेज हवाओं के साथ हुई बरसात से पेड़ और होर्डिंग आदि के गिरने की खबरें हैं। ग्रामीण अंचल में विद्युत तार टूटने एवं विद्युत खंबों के गिरने से आपूर्ति प्रभावित रही। बारिश के दौरान ग्रामीण अंचल की आपूर्ति काट दी गई। वहीं शहर को भी रोस्टर के अनुसार आपूर्ति नहीं मिल सकी।
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दो मकान ढह गए
मिरहची के मोहल्ला जोगियान में शनिवार की रात्रि को तेज हवाओं के साथ हुई मूसलाधार बारिश से राजेंद्र प्रसाद गुप्ता का खाली पड़ा मकान ढह गया। वहीं इसी मोहल्ले में निवास कर रहे रमेश चन्द्र कश्यप का कच्चा कमरा भी बारिश के चलते गिर गया। गनीमत यह रही कि रात्रि के समय रमेश के परिवारीजन कच्चे में न सोकर दूसरे कमरे में सो रहे थे। इस लिए कमरे में रखा सामान कपडे़, बर्तन और चारपाई आदि दब कर टूट गयी।
खरीफ की अच्छी पैदावार की उम्मीद, धान की रोपाई तेज
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। मानसून की मेहरबानी से किसानों में उत्साह है। खरीफ की अच्छी पैदावार की उम्मीद बढ़ी हैं। साथ ही धान की रौपाई तेज होगी।
वहीं लगातार दो दिन से हो रही बारिश से उन किसानों की मुसीबतें बढ़ गई हैं, जिन्होंने हाल ही में मक्का बाजरा की बुुवाई की है। खेतों में पानी भरने से नुकसान का संकट गहराने लगा है। कृषि विशेषज्ञ एवं किसानों की मानें तो अभी नुकसान नहीं है लेकिन यदि आने वाले दिनों में भी ऐसा ही रहा तो नुकसान बढ़ेगा। मौसम विभाग द्वारा सोमवार तक बरसात की भविष्यवाणी से उनकी चिंताएं बढ़ गई हैं।
बता दें कि मानसून के आने से पहले इसके कमजोर रहने के कयास लगाए जा थे, लेकिन अचानक मजबूती के साथ बरसे मानसून ने किसानों के साथ-साथ कृषि विभाग की भी प्लानिंग को बदल दिया। मानसून की पहली बरसात के बाद किसानों ने खरीफ की तैयारियां तेज कर दी थीं। इसके बाद जिले में मक्का की बुवाई शुरू हो गई, लेकिन जिन किसानों ने दो-तीन दिन पूर्व मक्का या बाजरा की फसल बोई है, अब उनके सामने दिक्कतें आ गई हैं। वे मौसम के जल्द साफ होने की उम्मीद लगाए हैं। खेतों में पानी भर जाने से फसल के उपजने में दिक्कत होगी।
कृषि विशेषज्ञ सुधीर तौमर ने बताया कि हाल ही में बोई गई फसल का उपजना मुश्किल है। जिन खेतों में मक्का उपज आई है, उनके लिए यह बरसात वरदान साबित हो रही है। जिले में कुछ किसानों ने बाजरा की अगैती बुवाई कर दी थी।