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Etah News: मटर इकाई खोलने के लिए उद्यान विभाग कर रहा पहल
Sun, 26 Feb 2023 12:28 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 26 Feb 2023 12:28 AM IST
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एटा। जिले में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उन्नयन योजना के तहत एक भी मटर की इकाई नहीं है। इसको लेकर उद्यान विभाग ने शासन स्तर पर पहल की है। अगर मटर की इकाई खुलती है तो किसानों को काफी राहत मिलेगी।
जिले के मारहरा व शीतलपुर ब्लॉक में बड़े स्तर पर मटर की खेती की जाती है। जिले में करीब चार हजार हेक्टेयर में मटर की खेती की जा रही है। लेकिन मटर की कोई इकाई नहीं होने की वजह से किसानों को फसल से अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। जिसकी वजह से किसानों को सस्ते दामों पर मटर मंडी में बेचने को मजबूर होते हैं। इस समस्या को लेकर जिला उद्यान विभाग की ओर से शासन स्तर पर जिले में मटर की इकाई खोलने की पहल की गई है। जिससे किसानों को राहत मिल सके। मटर की इकाई खुलने से किसानों को मटर के अच्छे दाम भी मिलेंगे, साथ ही अन्य लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा।
तैयार होगी सफल मटर
मटर इकाई खुलने के बाद किसानों को अन्य जनपदों में अपनी मटर की फसल बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसानों को अपने जिले में ही मटर को बेचने का मौका मिलेगा। वहीं उन्हें अच्छे दाम भी मिलेंगे। मटर की इकाई खुलने के बाद यहां पर मटर को धुलने के बाद इसके छिलके को अलग किया जाएगा। उसके बाद इसकी पैकिंग कर बाजार में सफल मटर के रूप में सप्लाई की जाएगी।
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मिलता है 35 फीसदी तक का अनुदान
जिला उद्यान अधिकारी अनूप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि मटर की इकाई करीब एक बीघा जमीन में खोल सकते हैं। इसके लिए विभाग की ओर से 35 फीसदी तक का अनुदान भी दिया जाता है।
जिले में अगर मटर की इकाई खुलती है तो हम लोगों को काफी राहत मिलेगी। मटर बेचने के बदले मे अच्छे दाम भी मिलेंगे। - राहुल कुमार, मरथरा
अगर मटर की इकाई खुलती है तो अन्य जनपदों में मटर बेचने की नौबत नहीं आएगी। अपने जिले में ही अच्छे दामों पर मटर बेच सकते हैं। सफल मटर भी जिले के लोगों को कम दाम पर उपलब्ध होगी। - रिंकू यादव, शीतलपुर
जिले में मटर का उत्पादन अच्छे स्तर पर किया जाता है। यहां पर मटर इकाई खोलने के लिए शासन स्तर पर पहल की गई है। अगर शासन स्तर से मंजूरी मिलती है तो इकाई स्थापित कर किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। - अनूप कुमार चतुर्वेदी, जिला उद्यान अधिकारी
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जिले के मारहरा व शीतलपुर ब्लॉक में बड़े स्तर पर मटर की खेती की जाती है। जिले में करीब चार हजार हेक्टेयर में मटर की खेती की जा रही है। लेकिन मटर की कोई इकाई नहीं होने की वजह से किसानों को फसल से अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। जिसकी वजह से किसानों को सस्ते दामों पर मटर मंडी में बेचने को मजबूर होते हैं। इस समस्या को लेकर जिला उद्यान विभाग की ओर से शासन स्तर पर जिले में मटर की इकाई खोलने की पहल की गई है। जिससे किसानों को राहत मिल सके। मटर की इकाई खुलने से किसानों को मटर के अच्छे दाम भी मिलेंगे, साथ ही अन्य लोगों को रोजगार भी उपलब्ध होगा।
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तैयार होगी सफल मटर
मटर इकाई खुलने के बाद किसानों को अन्य जनपदों में अपनी मटर की फसल बेचने की जरूरत नहीं पड़ेगी। किसानों को अपने जिले में ही मटर को बेचने का मौका मिलेगा। वहीं उन्हें अच्छे दाम भी मिलेंगे। मटर की इकाई खुलने के बाद यहां पर मटर को धुलने के बाद इसके छिलके को अलग किया जाएगा। उसके बाद इसकी पैकिंग कर बाजार में सफल मटर के रूप में सप्लाई की जाएगी।
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मिलता है 35 फीसदी तक का अनुदान
जिला उद्यान अधिकारी अनूप कुमार चतुर्वेदी ने बताया कि मटर की इकाई करीब एक बीघा जमीन में खोल सकते हैं। इसके लिए विभाग की ओर से 35 फीसदी तक का अनुदान भी दिया जाता है।
जिले में अगर मटर की इकाई खुलती है तो हम लोगों को काफी राहत मिलेगी। मटर बेचने के बदले मे अच्छे दाम भी मिलेंगे। - राहुल कुमार, मरथरा
अगर मटर की इकाई खुलती है तो अन्य जनपदों में मटर बेचने की नौबत नहीं आएगी। अपने जिले में ही अच्छे दामों पर मटर बेच सकते हैं। सफल मटर भी जिले के लोगों को कम दाम पर उपलब्ध होगी। - रिंकू यादव, शीतलपुर
जिले में मटर का उत्पादन अच्छे स्तर पर किया जाता है। यहां पर मटर इकाई खोलने के लिए शासन स्तर पर पहल की गई है। अगर शासन स्तर से मंजूरी मिलती है तो इकाई स्थापित कर किसानों को लाभान्वित किया जाएगा। - अनूप कुमार चतुर्वेदी, जिला उद्यान अधिकारी