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Etah News: डेस्क पर नहीं मिलती हेल्प, जमी धूल

Fri, 16 Jun 2023 11:32 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Fri, 16 Jun 2023 11:32 PM IST
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Help is not available on the desk, frozen dust
एटा। महिलाओं को अपनी समस्या कहने में किसी तरह की झिझक या असुविधा न हो, इसके लिए हर थाने में महिला हेल्प डेस्क बनवाई गई है। हेल्प डेस्क ऑफिसर के रूप में महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी भी लगाई जाती है। लेकिन कई थानों में इन हेल्प डेस्क पर धूल जमी है। महिला फरियादियों को इनसे किसी तरह की हेल्प नहीं मिल रही है।जिले में एक महिला थाने के अलावा 18 पुलिस थाने हैं। पहले सामान्य रूप से पुरुष-महिला फरियादियों को वहां तैनात पुलिसकर्मियों के पास ही जाना होता था। महिला पुलिसकर्मियों की संख्या भी काफी कम थी। इसलिए अलग से व्यवस्था संभव नहीं थी। बाद में नई नियुक्ति में महिला आरक्षी मिलीं तो हर थाने में अलग से एक महिला हेल्प डेस्क बनाने का आदेश जारी किया गया। इसका पालन करते हुए इसकी स्थापना भी करा दी गई।
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विधिवत रूप से हर थाने में महिला पुलिसकर्मियों की इन पर ड्यूटी लगाई जाती है। इनका काम है कि थाने में आने वाली महिलाओं की समस्याएं सुनने के बाद उनके प्रार्थना पत्र लेंगी और कार्रवाई कराने व समस्या समाधान में मदद करेंगी। जिले के कई थानों में अब यह आदेश और परंपरा इतिहास बन चुका है।
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दृश्य 1: केबिन में धूल, कुर्सियां अस्त-व्यस्त
राजा का रामपुर थाने में अलग से महिला हेल्पडेस्क बनी हुई है। लेकिन जब पड़ताल की तो इस पर धूल जमी नजर आई। जो साफ इशारा कर रही थी कि कई दिनों से यहां कोई आकर नहीं बैठा है। कुर्सियां भी अस्त-व्यस्त पड़ी थीं। महिला फरियादी भी पुरुष पुलिसकर्मियों को ही समस्या बताने को मजबूर हैं।
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दृश्य 2: गेट खुला, अंदर सन्नाटा
निधौली कलां थाने का भी कुछ यही हाल है। यहां भी एक हिस्से में महिला हेल्पडेस्क बनाई गई है। लेकिन इसमें भी अव्यवस्थाएं मिलीं। केबिन का गेट तो खुला था, लेकिन अंदर कोई सन्नाटा दिखाई दिया। फरियादी तभी आएं, जब यहां कोई पुलिसकर्मी समस्याएं सुनने के लिए बैठे।


जनपद में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या सीमित है। इस समय जागरुकता कार्यक्रमों और जलेसर में शनि जात के लिए अधिकांश महिलाकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसलिए संभव है कि किसी हेल्प डेस्क पर कर्मचारी न हों।

-धनंजय सिंह कुशवाहा, एएसपी
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