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हत्या में सात को आजीवन कारावास
amar ujala
Updated Wed, 05 Apr 2017 12:10 AM IST
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अदालत
- फोटो : File Photo
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थाना मिरहची क्षेत्र के गांव सिरसाटिप्पू में रास्ते के विवाद में हुए खूनी संघर्ष में एक युवक की गोली मारकर हत्या करने एवं दो अन्य लोगों को घायल करने के मामले में तीन सगे भाइयों, इनके चार बेटों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। सजा सुनाते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक अजय त्यागी ने पंद्रह हजार रुपये का जुर्माना लगाया भी लगाया है।
एडीजीसी अभिनंदन सिंह यादव के अनुसार मामला 1 नवंबर 2013 का है। थाना मिरहची के गांव सिरसा टिप्पू निवासी निखलेश ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि रास्ते के विवाद को लेकर गांव के ही ओमकार इनके परिवारीजन रंजिश मानते थे। एक नवंबर की सुबह गांव के ही आरोपी ओमकार, इनके भाई संतोष, अशोक पुत्र विजेंद्र सिंह, गौरव, राहुल पुत्र ओमकार, दीपक, सुशांत पुत्र संतोष कुमार निवासी सिरसा टिप्पू आ धमके और गाली-गलौज करते हुए बंदूक तथा अवैध असलाहों से फायरिंग कर दी। फायरिंग के दौरान गोली लगने से ज्ञानेश प्रताप की मौत हो गई जबकि विनीत, सुधीर गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेजा और मामले की चार्जशीट कोर्ट में दायर की। दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक अजय त्यागी ने सभी आरोपियों को दोषी माना वही एडीजीसी ने अधिक से अधिक सजा की मांग की। फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने ओमकार, संतोष, अशोक, गौरव, राहुल, दीपक, सुशांत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही पंद्रह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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दूसरे पक्ष से छह को भी पांच-पांच साल की सजा
एटा। रास्ते के विवाद में हुए खूनी संघर्ष के मामले में दूसरे पक्ष के छह आरोपियों को भी कोर्ट ने पांच-पांच साल की सजा तथा पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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एडीजीसी अभिनंदन सिंह यादव के अनुसार मिरहची थाना क्षेत्र के गांव सिरसाटिप्पू निवासी प्रभांशु ने कोर्ट के आदेश से रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि एक नवंबर को 2013 को गांव के ही आरोपी निखलेश, विनीत, सुरेंद्र, संजीव, वीरेंद्र, सत्यभान सहित कई आरोपी धारदार हथियार लेकर आ धमके, दीवार तोड़ने लगे। विरोध करने पर ओमकार का पैर तोड़ दिया वही पीड़ित, बहन भावना मां कमलेश की पिटाई कर घायल कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच कर चार्जशीट कोर्ट में दायर की। कोर्ट में पेश किए गए सबूतों को आधार मानते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक अजय त्यागी ने आरोपियों को दोषी माना। न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए निखलेश, विनीत, सुरेंद्र, संजीव, वीरेंद्र, सत्यभान को पांच-पांच साल की सजा सुनाते हुए पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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एडीजीसी अभिनंदन सिंह यादव के अनुसार मामला 1 नवंबर 2013 का है। थाना मिरहची के गांव सिरसा टिप्पू निवासी निखलेश ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि रास्ते के विवाद को लेकर गांव के ही ओमकार इनके परिवारीजन रंजिश मानते थे। एक नवंबर की सुबह गांव के ही आरोपी ओमकार, इनके भाई संतोष, अशोक पुत्र विजेंद्र सिंह, गौरव, राहुल पुत्र ओमकार, दीपक, सुशांत पुत्र संतोष कुमार निवासी सिरसा टिप्पू आ धमके और गाली-गलौज करते हुए बंदूक तथा अवैध असलाहों से फायरिंग कर दी। फायरिंग के दौरान गोली लगने से ज्ञानेश प्रताप की मौत हो गई जबकि विनीत, सुधीर गंभीर घायल हो गए। पुलिस ने मामले की रिपोर्ट दर्ज कर सभी आरोपियों को जेल भेजा और मामले की चार्जशीट कोर्ट में दायर की। दलीलें सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक अजय त्यागी ने सभी आरोपियों को दोषी माना वही एडीजीसी ने अधिक से अधिक सजा की मांग की। फैसला सुनाते हुए न्यायाधीश ने ओमकार, संतोष, अशोक, गौरव, राहुल, दीपक, सुशांत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई साथ ही पंद्रह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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दूसरे पक्ष से छह को भी पांच-पांच साल की सजा
एटा। रास्ते के विवाद में हुए खूनी संघर्ष के मामले में दूसरे पक्ष के छह आरोपियों को भी कोर्ट ने पांच-पांच साल की सजा तथा पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।
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एडीजीसी अभिनंदन सिंह यादव के अनुसार मिरहची थाना क्षेत्र के गांव सिरसाटिप्पू निवासी प्रभांशु ने कोर्ट के आदेश से रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि एक नवंबर को 2013 को गांव के ही आरोपी निखलेश, विनीत, सुरेंद्र, संजीव, वीरेंद्र, सत्यभान सहित कई आरोपी धारदार हथियार लेकर आ धमके, दीवार तोड़ने लगे। विरोध करने पर ओमकार का पैर तोड़ दिया वही पीड़ित, बहन भावना मां कमलेश की पिटाई कर घायल कर दिया। पुलिस ने मामले की जांच कर चार्जशीट कोर्ट में दायर की। कोर्ट में पेश किए गए सबूतों को आधार मानते हुए अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक अजय त्यागी ने आरोपियों को दोषी माना। न्यायाधीश ने फैसला सुनाते हुए निखलेश, विनीत, सुरेंद्र, संजीव, वीरेंद्र, सत्यभान को पांच-पांच साल की सजा सुनाते हुए पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।