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Etah News: पेड़ों पर मचान बनाकर फसलों की रखवाली
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जैथरा। विकाखंड क्षेत्र में बेसहारा और आवारा पशुओं का आतंक है। खेतों में खड़ी फसल को ये नुकसान पहुंचा रहे हैं। फसल की रखवाली के लिए किसान विभिन्न तरह के इंतजाम कर रहे हैं। गांव कसेला, खेतूपुरा में किसान अपनी फसलों की रखवाली के लिए शीशम की शाखाओं के बीच झोपड़ीनुमा मचान बनाकर रह रहे हैं।
गांव कसेला, रूपधनी, खेतूपुरा के बीच काफी खेती होती है। इस क्षेत्र में नीलगाय, गोवंश सहित अन्य आवारा पशु किसानों की फसल को बर्बाद कर देते हैं। जिनसे बचाव के लिए किसानों को खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। तमाम किसान ठंड के बीच रात में खेतों पर ही रुक रहे हैं। ऐसे में जंगली हिंसक जानवरों का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए मचान का तरीका लोगों को मुफीद लग रहा है।
हम लोग किसान हैं, हमारा सहारा ही फसल है। रखवाली करना मजबूरी है। बारी-बारी से हम किसान लोग अपने खेतों की सुरक्षा करते हैं।
- राजेन्द्र सिंह किसान
मेरा खेत घर से काफी दूर है। फसलों की रखवाली के लिए पेड़ पर झोपड़ी बनाई है। ज्यादा ठंड लगती है तो पेड़ से नीचे उतरकर आग जला लेते हैं।
- गंगासरन, किसान
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गांव कसेला, रूपधनी, खेतूपुरा के बीच काफी खेती होती है। इस क्षेत्र में नीलगाय, गोवंश सहित अन्य आवारा पशु किसानों की फसल को बर्बाद कर देते हैं। जिनसे बचाव के लिए किसानों को खेतों की रखवाली करनी पड़ रही है। तमाम किसान ठंड के बीच रात में खेतों पर ही रुक रहे हैं। ऐसे में जंगली हिंसक जानवरों का खतरा रहता है। इससे बचने के लिए मचान का तरीका लोगों को मुफीद लग रहा है।
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हम लोग किसान हैं, हमारा सहारा ही फसल है। रखवाली करना मजबूरी है। बारी-बारी से हम किसान लोग अपने खेतों की सुरक्षा करते हैं।
- राजेन्द्र सिंह किसान
मेरा खेत घर से काफी दूर है। फसलों की रखवाली के लिए पेड़ पर झोपड़ी बनाई है। ज्यादा ठंड लगती है तो पेड़ से नीचे उतरकर आग जला लेते हैं।
- गंगासरन, किसान