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Etah News: जीएसटी दर सात प्रतिशत कम होने से घुंघरू-घंटा उद्यमियों में खुशी
Thu, 04 Sep 2025 11:07 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 04 Sep 2025 11:07 PM IST
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जलेसर। घुंघरू-घंटा उद्योग पर जीएसटी दर सात प्रतिशत घटाकर 12 से पांच प्रतिशत किए जाने से स्थानीय कारीगरों और उद्यमियों में खुशी की लहर है। शास्त्रीय नृत्य और धार्मिक समारोह में उपयोग किए जाने वाले घुंघरू और घंटियों का जलेसर में निर्माण किया जाता है। घुंघरू और घंटियों को एक जिला-एक उत्पाद में समायोजित किया जा चुका है।
जीएसटी परिषद की बुधवार को हुई बैठक के बाद घुंघरू-घंटा को जीएसटी के पांच फीसदी स्लैब में रखे जाने से उपभोक्ता राहत महसूस कर रहे हैं। वहीं कस्बे के पीतल व्यापारियों ने इस राहत के साथ कुछ जटिलताएं भी बताई हैं। उन्होंने कहा प्राथमिक कच्चे माल और पीतल की सिल्लियों पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत के उच्च स्तर पर बनी हुई है।
निर्माता इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की बची राशि का उपयोग नहीं कर पाएंगे। कच्चे माल पर खर्च किए गए प्रत्येक 100 रुपये पर 18 रुपये जीएसटी देनी होती है लेकिन उत्पाद तैयार कर बेचने पर पांच प्रतिशत जीएसटी मिलने से आमदनी कम होगी।
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उद्यमियों ने कहा तैयार माल पर कम दर उपभोक्ताओं के लिए तो लाभकारी होगी लेकिन अप्रयुक्त आईटीसी के कारण निर्माताओं पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ चिंता का विषय है। कारीगर और छोटे व्यावसायी कार्यशील पूंजी के प्रभावित होने का आशंका से चिंतित हैं।
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जीएसटी परिषद की बुधवार को हुई बैठक के बाद घुंघरू-घंटा को जीएसटी के पांच फीसदी स्लैब में रखे जाने से उपभोक्ता राहत महसूस कर रहे हैं। वहीं कस्बे के पीतल व्यापारियों ने इस राहत के साथ कुछ जटिलताएं भी बताई हैं। उन्होंने कहा प्राथमिक कच्चे माल और पीतल की सिल्लियों पर जीएसटी की दर 18 प्रतिशत के उच्च स्तर पर बनी हुई है।
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निर्माता इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) की बची राशि का उपयोग नहीं कर पाएंगे। कच्चे माल पर खर्च किए गए प्रत्येक 100 रुपये पर 18 रुपये जीएसटी देनी होती है लेकिन उत्पाद तैयार कर बेचने पर पांच प्रतिशत जीएसटी मिलने से आमदनी कम होगी।
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उद्यमियों ने कहा तैयार माल पर कम दर उपभोक्ताओं के लिए तो लाभकारी होगी लेकिन अप्रयुक्त आईटीसी के कारण निर्माताओं पर पड़ने वाला वित्तीय बोझ चिंता का विषय है। कारीगर और छोटे व्यावसायी कार्यशील पूंजी के प्रभावित होने का आशंका से चिंतित हैं।