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गंगाजल लेने को उमड़ने लगे कांवड़िए
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 15 Feb 2017 11:23 PM IST
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कांवड़िए
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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महाशिवरात्रि पर भगवान शिव का गंगाजल से अभिषेक करने के लिए भक्त कई दिन पहले से ही कांवड़ भरकर ले जाते हैं। इस दौरान सैंकड़ों मील की कठिन पदयात्रा करके कावड़िए शिवालय पहुंचते हैं। गुना, शिवपुरी, ग्वालियर क्षेत्र के भक्त गंगाजल के लिए सोरों पहुंचने लगे हैं। महाशिवरात्रि के दिन नजदीक आने तक यह संख्या लाखों में पहुंच जाती है।
तीर्थनगरी सोरों ही नहीं बल्कि जनपद का यह सबसे बड़ा मेला है, जब इतनी बड़ी संख्या में कांवडिये यहां पहुंचते हैं। शिवभक्ति का अनूठा सैलाब अलग ही नजर आता है। बुधवार को बड़ी संख्या में शिवपुरी, ग्वालियर इलाके के कावड़ियों की टोली निकली। एक कांवड़ पर दो भक्त चलते हैं। कभी एक भक्त कांवड़ उठाकर चलता है, तो कभी दूसरा। महाशिवरात्रि के मद्देनजर तीर्थ नगरी में कांवड़ बाजार भी सज गया है। कांच और प्लास्टिक की गंगाजली से लेकर कंठी, माला, तस्वीरें, पूजा सामग्री, कावड़ के कपड़े की दुकानें लगी हैं। बैंत की दुकानें भी जगह जगह सजी हैं। भोले के भक्तों की आमद से इन दिनों तीर्थ नगरी का वातावरण शिव शंभू के जयकारों से गुंजायमान होने लगा है।
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तीर्थनगरी सोरों ही नहीं बल्कि जनपद का यह सबसे बड़ा मेला है, जब इतनी बड़ी संख्या में कांवडिये यहां पहुंचते हैं। शिवभक्ति का अनूठा सैलाब अलग ही नजर आता है। बुधवार को बड़ी संख्या में शिवपुरी, ग्वालियर इलाके के कावड़ियों की टोली निकली। एक कांवड़ पर दो भक्त चलते हैं। कभी एक भक्त कांवड़ उठाकर चलता है, तो कभी दूसरा। महाशिवरात्रि के मद्देनजर तीर्थ नगरी में कांवड़ बाजार भी सज गया है। कांच और प्लास्टिक की गंगाजली से लेकर कंठी, माला, तस्वीरें, पूजा सामग्री, कावड़ के कपड़े की दुकानें लगी हैं। बैंत की दुकानें भी जगह जगह सजी हैं। भोले के भक्तों की आमद से इन दिनों तीर्थ नगरी का वातावरण शिव शंभू के जयकारों से गुंजायमान होने लगा है।
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