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Etah News: लेखपाल सहित तीन लोगों पर धोखाधड़ी की रिपोर्ट
Mon, 08 Sep 2025 11:26 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 08 Sep 2025 11:26 PM IST
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एटा। गांव सराय जवाहरपुर निवासी हरीशंकर ने धोखाधड़ी और जालसाजी की रिपोर्ट तत्कालीन लेखपाल सहित तीन लोगों पर दर्ज कराई है। अदालत के आदेश पर कोतवाली नगर में मामला दर्ज किया गया है। इसमें लिखा है कि तत्कालीन लेखपाल अवनीश कुमार, प्रताप सिंह और संतोष कुमार ने ग्रामसभा की संपत्ति को फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दिया और लाभ कमाया है।
हरीशंकर ने रिपोर्ट में लिखा है कि सराय जवाहरपुर में गाटा संख्या 442 में 1.998 हेक्टेयर भूमि है। इसके मालिक प्रताप सिंह और उनके सह-खातेदार हैं। प्रताप सिंह के बेटे संतोष कुमार 2010 से 2015 तक ग्राम प्रधान रहे।
उन्होंने ग्राम पंचायत सचिवालय के लिए इसी गाटा संख्या से 289 वर्ग मीटर का एक प्लॉट महामहिम राज्यपाल के नाम सचिवालय के दान कर दिया था।
इसका दानपत्र 8 फरवरी, 2011 को रजिस्टर्ड किया गया था। इस भूखंड का नामांतरण 2 दिसंबर 2022 को नायब तहसीलदार के न्यायालय ने कर दिया मगर सचिवालय का कार्य अभी तक अपूर्ण है। आरोप है कि संतोष कुमार ने तत्कालीन लेखपाल अवनीश कुमार के साथ मिलकर एक साजिश रची। फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी और जालसाजी करके 20 अक्तूबर 2015 को सचिवालय की भूमि का एक फर्जी विक्रय पत्र प्रताप सिंह के हक में रजिस्टर्ड करा दिया। इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई जब जनसेवा केंद्र से खतौनी निकलवाई।
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इसकी शिकायत प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थक हारकर न्यायालय का सहारा लिया, तब कहीं जाकर रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीओ सिटी अमित कुमार राय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की गहनता के साथ जांच-पड़ताल की जा रही है।
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हरीशंकर ने रिपोर्ट में लिखा है कि सराय जवाहरपुर में गाटा संख्या 442 में 1.998 हेक्टेयर भूमि है। इसके मालिक प्रताप सिंह और उनके सह-खातेदार हैं। प्रताप सिंह के बेटे संतोष कुमार 2010 से 2015 तक ग्राम प्रधान रहे।
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उन्होंने ग्राम पंचायत सचिवालय के लिए इसी गाटा संख्या से 289 वर्ग मीटर का एक प्लॉट महामहिम राज्यपाल के नाम सचिवालय के दान कर दिया था।
इसका दानपत्र 8 फरवरी, 2011 को रजिस्टर्ड किया गया था। इस भूखंड का नामांतरण 2 दिसंबर 2022 को नायब तहसीलदार के न्यायालय ने कर दिया मगर सचिवालय का कार्य अभी तक अपूर्ण है। आरोप है कि संतोष कुमार ने तत्कालीन लेखपाल अवनीश कुमार के साथ मिलकर एक साजिश रची। फर्जी दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी और जालसाजी करके 20 अक्तूबर 2015 को सचिवालय की भूमि का एक फर्जी विक्रय पत्र प्रताप सिंह के हक में रजिस्टर्ड करा दिया। इस धोखाधड़ी की जानकारी तब हुई जब जनसेवा केंद्र से खतौनी निकलवाई।
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इसकी शिकायत प्रभारी निरीक्षक कोतवाली नगर से की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। थक हारकर न्यायालय का सहारा लिया, तब कहीं जाकर रिपोर्ट दर्ज की गई है। सीओ सिटी अमित कुमार राय ने बताया कि रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है और मामले की गहनता के साथ जांच-पड़ताल की जा रही है।