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फर्जी डिग्री के सहारे टीचर बनी शिक्षिका रायबरेली में बर्खास्त
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एटा। फर्जी डिग्री के सहारे जिले में चयनित हुई शिक्षिका एक दशक बाद रायबरेली में बर्खास्त हो गई। कुछ वर्ष की नौकरी के बाद आरोपी ने रायबरेली में स्थानांतरण करा लिया था। बीएसए रायबरेली ने स्थानीय बीएसए से रिकवरी असेसमेंट मांगा है।
फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई जारी है। एसआईटी जांच में चिह्नित 120 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं 45 को रिकवरी नोटिस थमा दिए गए हैं। शिक्षिका अनीता मौर्या की फर्जी डिग्री के सहारे कासगंज में तैनात हुई थी, लेकिन जिला विभाजन के चलते 2016 तक इनका वेतन एटा से ही आहरित होता था।
आरोप है कि कार्रवाई से बचने के लिए मौर्या ने पहले अलीगढ़ और बाद में रायबरेली स्थानांतरण करा लिया था। लेकिन अभिलेखों की जांच में वे भी गिरफ्त में आ गई हैं। बीएसए ने उन्हें बर्खास्त कर प्राथमिकी भी दर्ज कराई है। साथ ही धनराशि रिकवरी के लिए जिले में की गई नौकरी के दौरान अर्जित वेतन भत्तों का असेसमेंट मांगा है।
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फर्जी डिग्री मामले में चिह्नित शिक्षिका अनीता मौर्या की पहली तैनाती कांशीराम नगर में हुई थी, लेकिन उनका वेतन आहरण स्थानीय कार्यालय से होता था। बाद में वे रायबरेली ट्रांसफर करा ले गई। जहां फर्जी अभिलेखों के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। वहां के बीएसए द्वारा मांगी गई चालीस लाख रुपये से अधिक की वेतन-भत्तों की मूल्यांकन आख्या भेज दी गई है।
-नरेंद्र सिंह, लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा
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फर्जी शिक्षकों पर कार्रवाई जारी है। एसआईटी जांच में चिह्नित 120 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। वहीं 45 को रिकवरी नोटिस थमा दिए गए हैं। शिक्षिका अनीता मौर्या की फर्जी डिग्री के सहारे कासगंज में तैनात हुई थी, लेकिन जिला विभाजन के चलते 2016 तक इनका वेतन एटा से ही आहरित होता था।
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आरोप है कि कार्रवाई से बचने के लिए मौर्या ने पहले अलीगढ़ और बाद में रायबरेली स्थानांतरण करा लिया था। लेकिन अभिलेखों की जांच में वे भी गिरफ्त में आ गई हैं। बीएसए ने उन्हें बर्खास्त कर प्राथमिकी भी दर्ज कराई है। साथ ही धनराशि रिकवरी के लिए जिले में की गई नौकरी के दौरान अर्जित वेतन भत्तों का असेसमेंट मांगा है।
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फर्जी डिग्री मामले में चिह्नित शिक्षिका अनीता मौर्या की पहली तैनाती कांशीराम नगर में हुई थी, लेकिन उनका वेतन आहरण स्थानीय कार्यालय से होता था। बाद में वे रायबरेली ट्रांसफर करा ले गई। जहां फर्जी अभिलेखों के आरोप में बर्खास्त कर दिया गया है। वहां के बीएसए द्वारा मांगी गई चालीस लाख रुपये से अधिक की वेतन-भत्तों की मूल्यांकन आख्या भेज दी गई है।
-नरेंद्र सिंह, लेखाधिकारी, बेसिक शिक्षा