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Etah News: हाईकोर्ट जज के समर्थन में उतरे पूर्व सांसद हरनाथ
Thu, 12 Dec 2024 10:28 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 12 Dec 2024 10:28 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जज के समर्थन में पूर्व भाजपा सांसद हरनाथ सिंह उतर आए हैं। अपने एक्स हैंडल से स्पष्ट कर साफ लिखा कि हाईकोर्ट जज ने कोई गलत बात नहीं कही है।
राज्यसभा के पूर्व सांसद हरनाथ सिंह यादव ने लिखा है कि हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति ने जो कहा, वो पूरी तरह संविधान सम्मत और सत्य पर आधारित है। व्याख्या बताते हुए लिखा है कि भारत में लोकतंत्र है और बहुसंख्य यानी ज्यादातर लोग जैसा चाहेंगे, देश वैसा चलेगा। चुनाव इसकी पद्धति है। बहुमत से सरकारें चुनी जाती हैं। लेकिन लोकतंत्र उनका भी ध्यान रखता है, जो विचार अल्पमत हों। यह निर्विवाद रूप से सत्य है कि किसी भी तरह की धार्मिक कट्टरता राष्ट्र की एकता, सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भाव, सहिष्णुता और उदारता के भाव को खंडित करता है। यह राष्ट्र के लिए घातक है।
पूर्व सांसद ने लिखा है कि पशु हिंसा पर उन्होंने जो कहा है वह पूरी तरह संविधान सम्मत है। भारतीय संविधान राज्य को गायों और बछड़ों तथा अन्य दुधारू और वाहक मवेशियों के वध पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रयास करने का निर्देश देता है। इसमें आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से कृषि और पशुपालन को संगठित करने का भी प्रावधान है। लेकिन इंडी गठबंधन और कुछ राष्ट्र विरोधी तत्व जो भारत की सुगंध को दूषित करने में अपनी विजय समझते हैं, उनसे सावधान रहने की आवश्यकता है।
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एटा। इलाहाबाद उच्च न्यायालय के जज के समर्थन में पूर्व भाजपा सांसद हरनाथ सिंह उतर आए हैं। अपने एक्स हैंडल से स्पष्ट कर साफ लिखा कि हाईकोर्ट जज ने कोई गलत बात नहीं कही है।
राज्यसभा के पूर्व सांसद हरनाथ सिंह यादव ने लिखा है कि हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति ने जो कहा, वो पूरी तरह संविधान सम्मत और सत्य पर आधारित है। व्याख्या बताते हुए लिखा है कि भारत में लोकतंत्र है और बहुसंख्य यानी ज्यादातर लोग जैसा चाहेंगे, देश वैसा चलेगा। चुनाव इसकी पद्धति है। बहुमत से सरकारें चुनी जाती हैं। लेकिन लोकतंत्र उनका भी ध्यान रखता है, जो विचार अल्पमत हों। यह निर्विवाद रूप से सत्य है कि किसी भी तरह की धार्मिक कट्टरता राष्ट्र की एकता, सामाजिक और सांप्रदायिक सद्भाव, सहिष्णुता और उदारता के भाव को खंडित करता है। यह राष्ट्र के लिए घातक है।
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पूर्व सांसद ने लिखा है कि पशु हिंसा पर उन्होंने जो कहा है वह पूरी तरह संविधान सम्मत है। भारतीय संविधान राज्य को गायों और बछड़ों तथा अन्य दुधारू और वाहक मवेशियों के वध पर प्रतिबंध लगाने के लिए प्रयास करने का निर्देश देता है। इसमें आधुनिक और वैज्ञानिक तरीके से कृषि और पशुपालन को संगठित करने का भी प्रावधान है। लेकिन इंडी गठबंधन और कुछ राष्ट्र विरोधी तत्व जो भारत की सुगंध को दूषित करने में अपनी विजय समझते हैं, उनसे सावधान रहने की आवश्यकता है।
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