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अपहर्ता के दो मददगारों को पांच-पांच साल की सजा
amar ujala
Updated Sun, 30 Apr 2017 12:04 AM IST
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
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अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय त्वरित न्यायालय धीरेंद्र कुमार की अदालत ने अपहर्ताओं को सहयोग देने पर दो आरोपियों को पांच पांच साल की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों आरोपियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माने की राशि में से 10 हजार रुपये पीड़ित बालिका को दिए जाने का आदेश भी दिया गया है।
धर्मसिंह निवासी बड़ा गांव बरौली की छह वर्षीय पुत्री प्रभा को 11 दिसंबर 2012 को लाला उर्फ पूरन व राजू पुत्रगण नंदराम निवासी कृष्णा विहार कॉलोनी हाल निवासी बेरिया गड्ढा साइकिल सिखाने के बहाने अगवा कर ले गए। आरोपियों ने बालिका को टीटू निवासी बेरिया गड्ढा के सहयोग से रामस्वरूप पुत्र नत्थू निवासी नमेनी के पास रखवा दिया। कुछ दिन बालिका को रखने के बाद अपहर्ता बालिका को अपने साथ दिल्ली ले गए। लाला ट्रक चालक का कार्य करता है। वह बालिका को अपने साथ ट्रक पर ही रखता था। लगभग एक साल बाद एक दिन जब वह पानी पीने के लिए ट्रक से नीचे उतर गया तो बालिका ने मौका देखकर अपने भाई को फोन से सूचना देकर दिल्ली का पता बता दिया। इसके बाद बालिका को मुक्त करा लिया गया। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया। न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य एवं अधिवक्ताओं की जिरह के आधार पर टीटू व राम स्वरूप को दोषी माना। सजा सुनाने के साथ ही जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है। जेल में बिताई अबधि को सजा में शामिल किया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनूप वर्मा ने इस मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि अपहर्ता धर्मसिंह व राजू ने अपनी फाइल अलग करा ली, जिससे इनके मुकद्दमे का फैसला बाद में किया जाएगा।
धर्मसिंह निवासी बड़ा गांव बरौली की छह वर्षीय पुत्री प्रभा को 11 दिसंबर 2012 को लाला उर्फ पूरन व राजू पुत्रगण नंदराम निवासी कृष्णा विहार कॉलोनी हाल निवासी बेरिया गड्ढा साइकिल सिखाने के बहाने अगवा कर ले गए। आरोपियों ने बालिका को टीटू निवासी बेरिया गड्ढा के सहयोग से रामस्वरूप पुत्र नत्थू निवासी नमेनी के पास रखवा दिया। कुछ दिन बालिका को रखने के बाद अपहर्ता बालिका को अपने साथ दिल्ली ले गए। लाला ट्रक चालक का कार्य करता है। वह बालिका को अपने साथ ट्रक पर ही रखता था। लगभग एक साल बाद एक दिन जब वह पानी पीने के लिए ट्रक से नीचे उतर गया तो बालिका ने मौका देखकर अपने भाई को फोन से सूचना देकर दिल्ली का पता बता दिया। इसके बाद बालिका को मुक्त करा लिया गया। पुलिस ने आरोपियों को जेल भेज दिया। न्यायालय ने पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य एवं अधिवक्ताओं की जिरह के आधार पर टीटू व राम स्वरूप को दोषी माना। सजा सुनाने के साथ ही जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास का प्रावधान किया गया है। जेल में बिताई अबधि को सजा में शामिल किया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अनूप वर्मा ने इस मामले की पैरवी की। उन्होंने बताया कि अपहर्ता धर्मसिंह व राजू ने अपनी फाइल अलग करा ली, जिससे इनके मुकद्दमे का फैसला बाद में किया जाएगा।
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