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धुमरी चौकी के पांच सिपाही हटाए, एक उपनिरीक्षक को बढ़ाया
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जैथरा कोतवाली की धुमरी चौकी पर खड़े बालू से भरे ट्रैक्टर। संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। काली नदी से हो रहे बालू के अवैध खनन मामले में पुलिस विभाग ने सक्रियता दिखाई है और धुमरी चौकी पर तैनात पांच सिपाहियों को संलिप्तता के चलते रविवार को हटा दिया गया। यहां पर एक अतिरिक्त उप निरीक्षक की भी तैनाती की गई है। इसके अलावा पुलिस ने बालू से भरी दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी सीज किया गया है। अमर उजाला द्वारा अवैध खनन को लेकर अभियान चलाया जा रहा है, रविवार के अंक में आठ दिन में माफिया के नाम न पता कर सकी पुलिस खबर प्रकाशित हुई और इसके बाद कार्रवाईयां हुईं हैं।
काली नदी से बालू भरकर ले जा रहे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाना पुलिस द्वारा पकड़ा गया। इसके बाद चौकी धुमरी पर कार्यरत पांच सिपाहियों की मिलीभगत होने की बात सामने आई तो उनको चौकी से हटा दिया गया। इसके साथ ही धुमरी चौकी पुलिस की काली नदी पर एक पिकेट भी लगाई गई है। ताकि बालू का खनन नहीं हो सके। बता दें कि काली नदी से अवैध खनन जोरों पर चल रहा है, 29 अप्रैल को अमर उजाला में खबर छपने के बाद खनन और राजस्व विभाग की टीमें दौड़ पड़ी थी।
नदी किनारों की स्थिति को देखा गया था और पैमाइश कराई गई थी। अज्ञात के खिलाफ खनन अधिकारी ने जैथरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सदर एसडीएम सहित अलीगंज एसडीएम को खनन रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जैथरा थाना पुलिस को जिम्मेदारी गई थी कि पुलिस जांच पड़ताल कर खनन से जुड़े माफिया के नाम का पता उजागर करें, लेकिन इसमें धुमरी पुलिस ने दिलचस्पी नहीं दिखाई और खनन का खेल जारी रहा।
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इन सिपाहियों को हटाया
खनन माफियाओं के साथ गठजोड़ होने के चलते धुमरी चौकी पर तैनात पांच सिपाहियों को हटाया गया है। इनमें मुख्य आरक्षी मुुकेंद्र कुमार, आरक्षी मोहित कुमार, मेहताब, अनिल चौहान, लोकेश सैन, शामिल हैं। जबकि यहां पर अतिरिक्त उप निरीक्षक के रूप में सुरेंद्र कुमार शर्मा को तैनात किया गया है।
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काली नदी से बालू भरकर ले जा रहे दो ट्रैक्टर-ट्रॉली को थाना पुलिस द्वारा पकड़ा गया। इसके बाद चौकी धुमरी पर कार्यरत पांच सिपाहियों की मिलीभगत होने की बात सामने आई तो उनको चौकी से हटा दिया गया। इसके साथ ही धुमरी चौकी पुलिस की काली नदी पर एक पिकेट भी लगाई गई है। ताकि बालू का खनन नहीं हो सके। बता दें कि काली नदी से अवैध खनन जोरों पर चल रहा है, 29 अप्रैल को अमर उजाला में खबर छपने के बाद खनन और राजस्व विभाग की टीमें दौड़ पड़ी थी।
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नदी किनारों की स्थिति को देखा गया था और पैमाइश कराई गई थी। अज्ञात के खिलाफ खनन अधिकारी ने जैथरा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा सदर एसडीएम सहित अलीगंज एसडीएम को खनन रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद जैथरा थाना पुलिस को जिम्मेदारी गई थी कि पुलिस जांच पड़ताल कर खनन से जुड़े माफिया के नाम का पता उजागर करें, लेकिन इसमें धुमरी पुलिस ने दिलचस्पी नहीं दिखाई और खनन का खेल जारी रहा।
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इन सिपाहियों को हटाया
खनन माफियाओं के साथ गठजोड़ होने के चलते धुमरी चौकी पर तैनात पांच सिपाहियों को हटाया गया है। इनमें मुख्य आरक्षी मुुकेंद्र कुमार, आरक्षी मोहित कुमार, मेहताब, अनिल चौहान, लोकेश सैन, शामिल हैं। जबकि यहां पर अतिरिक्त उप निरीक्षक के रूप में सुरेंद्र कुमार शर्मा को तैनात किया गया है।