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UP: कार में बच्चे को बंदकर खरीदारी करने गए परिजन...आधा घंटे तक रोता रहा मासूम, पुलिस ने ऐसे निकाला बाहर
Tue, 02 Dec 2025 08:30 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Tue, 02 Dec 2025 08:30 PM IST
सार
बंद कार में बच्चे को रोता देख लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस भी पहुंच गई। खिड़की व शीशे बंद होने के कारण बच्चे के रोने की आवाज बाहर नहीं आ पा रही थी। पुलिस ने किसी तरह बच्चे को बाहर निकाला।
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कार में बंद मासूम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
एटा के कचहरी रोड पर मंगलवार दोपहर के समय पुलिस लिखी एक कार के अंदर बच्चा रोता हुआ लोगों को दिखा। शीशे बंद होने की वजह से उसकी आवाज बाहर नहीं आ पा रही थी और गाड़ी पूरी तरह लॉक थी। लगभग आधे घंटे तक बालक उसी में फंसा रहा। कड़ी मशक्कत के बाद एक पुलिसकर्मी ने खिड़की का लॉक खोलकर बाहर निकाला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
यातायात पुलिसकर्मी जितेंद्र कुमार ने बताया कि कचहरी रोड तिराहे पर एक कार खड़ी थी। उसके आगे वाली शीशे पर पुलिस लिखा हुआ था जानकारी के लिए जब पहुंचे तो देखा उसके अंदर एक छोटा बालक है जो रो रहा है। खिड़की व शीशे बंद होने के कारण उसके रोने की आवाज बाहर नहीं आ पा रही थी।
उसके परिजन के आने के इंतजार में लगभग आधा घंटे का समय बीत गया। जब वह पहुंचे तो चाबी उनके पास नहीं थी बल्कि वो अंदर ही गाड़ी में ही बंद थी। ऑटोमेटिक लॉक होने के कारण गाड़ी का न तो शीशा खुल रहा था और न ही खिड़की। यह देखकर जितेंद्र कुमार ने कड़ी मशक्कत करते हुए तार व अन्य नुकीली चीजों के माध्यम से किसी तरह गाड़ी का शीशा खोला और उसके बाद खिड़की खोली जा सकी। माता-पिता को देखकर बालक फफककर रो पड़ा। यह देखकर वहां मौजूद कई लोगों की आंख से आंसू छलक उठे।
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परिजन ने बताया कि वह कार खड़ी कर बाजार में कुछ सामान खरीदने चले गए थे। पुलिसकर्मी ने परिजन को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि इस प्रकार की गलती से बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए आगे से ध्यान रखें।
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यातायात पुलिसकर्मी जितेंद्र कुमार ने बताया कि कचहरी रोड तिराहे पर एक कार खड़ी थी। उसके आगे वाली शीशे पर पुलिस लिखा हुआ था जानकारी के लिए जब पहुंचे तो देखा उसके अंदर एक छोटा बालक है जो रो रहा है। खिड़की व शीशे बंद होने के कारण उसके रोने की आवाज बाहर नहीं आ पा रही थी।
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उसके परिजन के आने के इंतजार में लगभग आधा घंटे का समय बीत गया। जब वह पहुंचे तो चाबी उनके पास नहीं थी बल्कि वो अंदर ही गाड़ी में ही बंद थी। ऑटोमेटिक लॉक होने के कारण गाड़ी का न तो शीशा खुल रहा था और न ही खिड़की। यह देखकर जितेंद्र कुमार ने कड़ी मशक्कत करते हुए तार व अन्य नुकीली चीजों के माध्यम से किसी तरह गाड़ी का शीशा खोला और उसके बाद खिड़की खोली जा सकी। माता-पिता को देखकर बालक फफककर रो पड़ा। यह देखकर वहां मौजूद कई लोगों की आंख से आंसू छलक उठे।
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परिजन ने बताया कि वह कार खड़ी कर बाजार में कुछ सामान खरीदने चले गए थे। पुलिसकर्मी ने परिजन को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि इस प्रकार की गलती से बड़ा हादसा हो सकता है। इसलिए आगे से ध्यान रखें।