{"_id":"5d962d638ebc3e93c95f2369","slug":"fake-teachers-etah-news-agr4088939130","type":"story","status":"publish","title_hn":"फर्जी डिग्री धारकों पर कार्रवाई का बढ़ा दबाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
फर्जी डिग्री धारकों पर कार्रवाई का बढ़ा दबाव
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। फर्जी डिग्री के सहारे जिले में नौकरी कर रहे आठ शिक्षकों की बर्खास्तगी की तैयारी है। अंतिम नोटिस के बाद उनकी उलटी गिनती शुरू हो गई है। सही प्रमाण न मिलने पर अगले सप्ताह इन पर कार्रवाई हो जाएगी। वहीं पहली सूची के 111 संदिग्धों की फाइल फिर खुल गई है।
अन्य जिलों में फर्जी डिग्री धारकों पर हो रही कार्रवाई के बाद जिले में भी दबाव बढ़ गया है। डॉ बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय में हुई एसआईटी जांच रिपोर्ट में जिले के 119 शिक्षक शिक्षिकाओं को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। 111 को नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू हुई लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। वहीं दूसरी सूची में चिह्नित आठ शिक्षकों पर शिकंजा कसता जा रहा है। बीएसए मनोज कुमार गिरि ने अंतिम नोटिस जारी कर साक्ष्य सहित एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
लेकिन अभी तक साक्ष्य तो दूर जवाब भी न मिलने से इन पर कार्रवाई की गाज गिरना तय है।
कार्रवाई से बचने के लिए सक्रिय हुए संदिग्ध
एसआईटी जांच में फंसे यह लोग फिर सक्रिय हो गए हैं। कार्रवाई से बचने के लिए हाथ पैर मारने लगे हैं। कोर्ट से और अधिक रिलीफ न मिलने से मायूस यह लोग विभागीय अधिकारियों से भी राहत के लिए संपर्क साध रहे हैं। बताते चलें कि एसआईटी सूची में कई शिक्षक नेताओं के परिजन एवं पत्नियों के नाम भी शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
अन्य जिलों में फर्जी डिग्री धारकों पर हो रही कार्रवाई के बाद जिले में भी दबाव बढ़ गया है। डॉ बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय में हुई एसआईटी जांच रिपोर्ट में जिले के 119 शिक्षक शिक्षिकाओं को चिह्नित कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। 111 को नोटिस जारी कर कार्रवाई शुरू हुई लेकिन कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई ठंडे बस्ते में चली गई। वहीं दूसरी सूची में चिह्नित आठ शिक्षकों पर शिकंजा कसता जा रहा है। बीएसए मनोज कुमार गिरि ने अंतिम नोटिस जारी कर साक्ष्य सहित एक सप्ताह में जवाब मांगा है।
विज्ञापन
लेकिन अभी तक साक्ष्य तो दूर जवाब भी न मिलने से इन पर कार्रवाई की गाज गिरना तय है।
कार्रवाई से बचने के लिए सक्रिय हुए संदिग्ध
एसआईटी जांच में फंसे यह लोग फिर सक्रिय हो गए हैं। कार्रवाई से बचने के लिए हाथ पैर मारने लगे हैं। कोर्ट से और अधिक रिलीफ न मिलने से मायूस यह लोग विभागीय अधिकारियों से भी राहत के लिए संपर्क साध रहे हैं। बताते चलें कि एसआईटी सूची में कई शिक्षक नेताओं के परिजन एवं पत्नियों के नाम भी शामिल हैं।
विज्ञापन