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बूंदाबांदी : दिन में मौसम सुहावना, दोपहर में बढ़ी उमस और गर्मी
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कस्बा मिरहची में मंगलवार सुबह हुई बूंदाबांदी के बाद कटी पड़ी मक्का की फसल को समेटते किसान। संवा
एटा। जिले में मंगलवार तड़के हुई हल्की बूंदाबांदी से मौसम सुहावना हो गया और तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, दोपहर में धूप निकलने से उमस और गर्मी का असर फिर महसूस किया गया।
बारिश से मक्का की फसल को लाभ मिलने की संभावना है। वहीं, खेतों में कटी पड़ी मक्का और चिकोरी की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग ने पहले ही हल्की बारिश और बिजली की गर्जना की संभावना जताते हुए चेतावनी जारी की थी। वहीं, दोपहर होते-होते धूप निकल आई। इस दौरान धूप और उमस के कारण लोग छांव की तलाश करते दिखे। बाजारों में भी दोपहर के समय चहल-पहल अपेक्षाकृत कम रही। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
वहीं, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने के साथ गर्मी का असर फिर तेज हो सकता है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय धूप से बचाव और पर्याप्त पानी का सेवन करने की सलाह दी गई है।
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मक्का के लिए फायदा, चिकोरी को नुकसान
बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खेतों में खड़ी मक्का की फसल के लिए यह बूंदाबांदी लाभदायक साबित हो सकती है क्योंकि इससे फसल को नमी मिलेगी। दूसरी ओर जिन किसानों की मक्का की फसल कटकर खेतों में पड़ी हुई है, उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। चिकोरी उत्पादक किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। किसान प्रेमकिशोर, भुवंरपाल, गजराज सिंह, रामेश्वर कुमार ने बताया कि बारिश से फसल सड़ सकती है।
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बारिश से मक्का की फसल को लाभ मिलने की संभावना है। वहीं, खेतों में कटी पड़ी मक्का और चिकोरी की फसल को नुकसान की आशंका बढ़ गई है। मौसम विभाग ने पहले ही हल्की बारिश और बिजली की गर्जना की संभावना जताते हुए चेतावनी जारी की थी। वहीं, दोपहर होते-होते धूप निकल आई। इस दौरान धूप और उमस के कारण लोग छांव की तलाश करते दिखे। बाजारों में भी दोपहर के समय चहल-पहल अपेक्षाकृत कम रही। मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 37.3 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
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वहीं, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल मौसम में उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहेगा। आने वाले दिनों में तापमान बढ़ने के साथ गर्मी का असर फिर तेज हो सकता है। ऐसे में लोगों को दोपहर के समय धूप से बचाव और पर्याप्त पानी का सेवन करने की सलाह दी गई है।
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मक्का के लिए फायदा, चिकोरी को नुकसान
बारिश का असर खेती-किसानी पर भी पड़ा है। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार खेतों में खड़ी मक्का की फसल के लिए यह बूंदाबांदी लाभदायक साबित हो सकती है क्योंकि इससे फसल को नमी मिलेगी। दूसरी ओर जिन किसानों की मक्का की फसल कटकर खेतों में पड़ी हुई है, उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है। चिकोरी उत्पादक किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। किसान प्रेमकिशोर, भुवंरपाल, गजराज सिंह, रामेश्वर कुमार ने बताया कि बारिश से फसल सड़ सकती है।